बच्चों से जुड़ी सिलसिलेवार खबरें

2018-01-11 09:45:30
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दोस्तो, एक महीने में 5 लाख से ज्यादा लोगों के मतदान द्वारा 34 बच्चे हाल ही में चीनी बाल कला रंगमंच के वर्ष 2018 छोटे छोटे प्रवक्ता बने  । यह दूसरी बार है कि चीनी बाल कला रंगमंच ने मतदान द्वारा छोटे प्रवक्ताओं का चुनाव किया। इस गतिविधि का विषय था श्रेष्ठ बाल नाटक का समर्थन। इस गतिविधि के जरिए बच्चों को कलात्मक अभ्यास करने और अपनी क्षमता   दिखाने का मंच मिला। साथ ही इस गतिविधि से चीनी बाल कला रंगमंच ने भी अच्छी तरह से दर्शकों के साथ आदान-प्रदान किया है। बच्चे नज़दीक से बाल नाटक से संपर्क रख सकते हैं। और बाल नाटक का प्रसार-प्रचार भी मजबूत हुआ है।

इस वर्ष उक्त छोटे प्रवक्ता चीनी बाल कला रंगमंच पर चढ़कर अपनी कलात्मक क्षमता को दिखाकर श्रेष्ठ बाल नाटकों का प्रसार-प्रचार करेंगे। साथ ही वे आठवें चीनी बाल नाटक दिवस में भी छोटे स्वयंसेवक बनकर बाल नाटक की सुन्दरता को ज्यादा से ज्यादा बच्चों तक पहुंचाएंगे।

चीनी बाल कला रंगमंच के प्रधान ईन श्याओतुङ ने कहा कि चीनी बाल कला रंगमंच हर साल चार या छह नये नाटक बनाता है। और लगभग 600 से अधिक प्रदर्शन होते हैं। दर्शकों की संख्या 4 लाख से अधिक पहुंची। भविष्य में चीनी बाल कला रंगमंच ज्यादा से ज्यादा श्रेष्ठ बाल नाटक बनाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा बच्चे कला के साथ खुशी से बड़े हो सकें।

उधर बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको ने 5 जनवरी को आदेश पर हस्ताक्षर कर संबंधित विभागों से इस वर्ष के गर्मी के दिनों में आरोग्यलाभ के लिये बेलारूस जाने वाले 330 चीनी बच्चों को धन प्रदान करने का आग्रह किया।

बेलारूस के राष्ट्रपति के सूचना ब्यूरो से मिली खबर के अनुसार राष्ट्रीय चिकित्सा संस्था आरोग्यलाभ के लिये बेलारूस जाने वाले चीनी बच्चों को चिकित्सा मदद देगी। एक बाल शिक्षा व आरोग्यलाभ केंद्र और एक बाल पुनर्वास केंद्र उन्हें सेवा देंगे।

इसके अलावा बेलारूस चीनी बच्चों के लिये स्थानीय प्राकृतिक दृश्य व दर्शनीय स्थलों का दौरा करने के लिये योजना बनाएगा। बेलारूस के राष्ट्रपति के सूचना ब्यूरो के अनुसार चीनी बच्चों को आरोग्यलाभ के लिये बेलारूस में जाने का आमंत्रण करने का लक्ष्य बेलारूस व चीन के बीच सहयोग मजबूत करना और दोनों देशों के विशेष मैत्रीपूर्ण संबंधों को दिखाना है। सूत्रों के अनुसार बेलारूस कैंसर व रक्त रोग आदि गंभीर रोग से पीड़ित चीनी बच्चों को बेलारूस में आमंत्रित करेगा।

गैरसरकारी आदान-प्रदान को मजबूत करना बेलारूस व चीन के बीच द्विपक्षीय संबंधों को गहन करने के महत्वपूर्ण कदमों में से एक है। चीन के निमंत्रण पर अगस्त 2014 में चेरनोबिल परमाणु ऊर्जा स्टेशन की दुर्घटना से पीड़ित 200 बेलारूसी युवा आरोग्यलाभ के लिये चीन आए।

उधर लीबिया स्थित चीन की पांचवीं शांति रक्षा पुलिस दंगा टीम ने 28 दिसंबर को एक चिकित्सा दल लीबिया के मोंरोविया शहर में स्थित एक अनाथालय भेजा। वहां उन्होंने “स्वास्थ्य पर ध्यान दें मैं तुम्हारे साथ” नामक निःशुल्क क्लिनिक गतिविधि आयोजित की, और अनाथालय में रहने वाले बच्चों व कर्मचारियों को मुफ्त चिकित्सा दी।

लीबिया पश्चिमी अफ़्रीका में स्थित है। गृहयुद्ध व इबोला महामारी के कुप्रभाव से वहां जीवन बिताने का वातावरण बहुत मुश्किल है। चिकित्सा सुविधा व दवाओं का अभाव है। कुछ रोगियों को ठीक समय पर चिकित्सा नहीं मिल पाती। खास तौर पर अनाथालय में रहने वाले बच्चों को। उनके स्वास्थ्य को कारगर रूप से सुनिश्चित नहीं किया जा सकता।

स्थानीय समयानुसार सुबह नौ बजे चीनी चिकित्सा दल निःशुल्क क्लिनिक पहुंचा। फिर चिकित्सकों ने अनाथालय के बच्चों व कर्मचारियों की शारीरिक जांच की, और संबंधित स्थिति पूछी। निःशुल्क क्लिनिक व शारीरिक जांच के अलावा चिकित्सकों ने उन्हें सामान्य रोगों की रोकथाम से जुड़ी जानकारी भी दी।

निःशुल्क क्लिनिक गतिविधि के दिन में बाहर का तापमान 40 सेल्सियस था। पर चीनी चिकित्सकों ने इतने ऊंचे तापमान में चार घंटे तक सेवा दी। उन्होंने क्रमशः 110 से अधिक लोगों की शारीरिक जांच की, और 9 रोगियों का इलाज किया।

गौरतलब है कि चीन की पांचवीं शांति रक्षा पुलिस दंगा टीम क्वांगशी प्रांत के सार्वजनिक सुरक्षा फ्रंटियर कोर द्वारा स्थापित की गयी। 11 मार्च से कर्तव्य क्षेत्र में प्रवेश करने के बाद दंगा टीम बहुत मुश्किलों को दूर कर अपना शांति रक्षा कर्तव्य अच्छी तरह से निभाती है। उन्होंने सफलता से वायु गश्ती, संयुक्त गश्ती, निश्चित स्थलों की रक्षा आदि शांति रक्षा कर्तव्य पूरा किया। साथ ही उन्होंने 20 बार स्थानीय स्कूलों व अनाथालयों और लीबिया स्थित चीनी पूंजी वाले उद्यमों में रोग की रोकथाम व निःशुल्क क्लिनिक गतिविधि आयोजित की। उन्हें कई बार लीबिया स्थित संयुक्त राष्ट्र विशेष दल, लीबिया सरकार और लीबिया स्थित चीनी दूतावास से उच्च मूल्यांकन मिला।

उधर संयुक्त राष्ट्र बाल कोष ने 1 जनवरी को कहा कि वर्ष 2018 के पहले दिन विश्व में लगभग 3 लाख 86 हजार बच्चों का जन्म हुआ। बाल कोष के अनुसार इस वर्ष के पहले दिन में पैदा हुआ पहला बच्चा प्रशांत द्वीप देश फिजी से है। उधर अमेरिका में पैदा हुआ एक बच्चा शायद उसी दिन का अंतिम बच्चा है। उस दिन पैदा हुए बच्चों में आधे से ज्यादा बच्चे नौ देशों के हैं। बच्चों की संख्या के अनुसार उक्त नौ देश क्रमशः भारत, चीन, नाइजीरिया, पाकिस्तान, इंडोनेशिया, अमेरिका, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, इथियोपिया व बांग्लादेश ।

बाल कोष ने कहा कि कुछ बच्चे जन्म के बाद मरने के खतरे में हैं। आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2016 में विश्व में लगभग हर दिन 2600 बच्चे जन्म के बाद 24 घंटों में मर गये। 20 लाख नवजात बच्चे जन्म के बाद एक हफ्ते में मर गये। और एक महीने में मरने वाले बच्चों की संख्या 26 लाख तक पहुंच गयी। मृत नवजात बच्चों में 80 प्रतिशत से अधिक बच्चों की मौत की रोकथाम की जा सकती है।

सूत्रों के अनुसार संयुक्त राष्ट्र बाल कोष अगले महीने में हर बच्चे को जीवित रहने को दे दो नामक गतिविधि आयोजित करेगा। इस मामले के समाधान के लिये विभिन्न देशों से उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा देने का आग्रह किया गया।

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