पेइचिंग में युवाओं में एड्स की रोकथाम से जुड़ी गतिविधियां आयोजित

2017-12-07 15:01:01
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दोस्तो, इस साल 26 नवंबर को एक बड़ा स्वनिर्मित बाल संगीत नाटक लुप्त जादू पेइचिंग के राष्ट्रीय मिलेनियम स्मारक थिएटर में उद्घाटित हुआ। यह नाटक “प्रेम जादू है, जो जीवन को रोशनी देता है” नामक वर्ष 2017 के युवाओं में एड्स की रोकथाम का प्रचार-प्रसार व शिक्षा लोकोपकार कार्यक्रम है।

लुप्त जादू वर्ष 2017 में सैन्य नृत्य कला मंडल द्वारा प्रस्तुत एक बड़ा बाल संगीत नाटक है। जिसके सभी बच्चे कलाकार हैं। नाटक की पृष्ठभूमि तो बच्चों की पसंदीदा बाल कहानी है। इसे देखकर बच्चे प्रेम की महान शक्ति को समझ सकते हैं।

चीन के एड्स विरोधी कोष के कार्यालय के उपाध्यक्ष य्वान चीचेन ने परिचय देते हुए कहा कि यह पहली बार है कि हमारे कोष ने गैर-सरकारी कला मंडल के साथ सहयोग करके बाल संगीत नाटक के माध्यम से एड्स ग्रस्त बच्चों को मदद दी। कला मंडल के बच्चों के प्रति वे लोकोपकार प्रस्तुति के तरीके से अपने कला स्तर को उन्नत कर सकेंगे, और अपनी सामाजिक जिम्मेदारी को भी मजबूत करेंगे। एड्स ग्रस्त बच्चों के प्रति वे समान शिक्षा पाने व जीवन बिताने के ज्यादा अधिकार प्राप्त कर सकेंगे, और जीवन पर उनका विश्वास भी बढ़ जाएगा। चीन की यौन रोग व एड्स की रोकथाम कोष के अध्यक्ष वांग यूमिन, चीन के एड्स विरोधी कोष के कार्यालय के उपाध्यक्ष य्वान चीचेन, बाल संगीत नाटक लुप्त जादू की जनरल निर्माता च्यांग हाईयेन, लुप्त जादू की निदेशक ल्यू इन, उद्यम की प्रतिनिधि वांग खांगलैन आदि ने इस गतिविधि में भाग लिया, और प्रस्तुति को भी देखा।

छोटे अभिनेताओं की कोशिश व अच्छी प्रस्तुति को समाज के विभिन्न जगत की स्वीकृति व समर्थन भी मिला। इस गतिविधि में कई उद्यमों ने प्रेम से दान किया। उन्हें आशा है कि इस गतिविधि से समाज की ज्यादा से ज्यादा शक्ति इकट्ठा होकर एड्स से ग्रस्त बच्चों पर ध्यान दिया जाएगा।

उधर चीनी युवाओं में एड्स की रोकथाम व शिक्षा कार्य की तीसरी बैठक 27 नवंबर को पेइचिंग में आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न जगत के लोगों ने स्कूलों में यौन स्वास्थ्य से जुड़ी शिक्षा को मजबूत करने की अपील की। ताकि युवकों में एड्स ग्रस्त होने के मौके कम किया जा सके।

एड्स मानव के स्वास्थ्य पर गंभीर धमकी देने वाले संक्रामक रोगों में से एक है। अब इस की रोकथाम के लिये कोई टीका नहीं है। इस का इलाज भी नहीं किया जा सकता। पर जिन्दगी भर एंटी वायरल दवा खाने से इस रोग को नियंत्रण किया जा सकता है। हाल के कई वर्षों में चीन के युवा विद्यार्थियों में एड्स से जुड़े मामलों की संख्या बढ़ रही है। जिस पर पूरे समाज का ध्यान केंद्रित हुआ है। आंकड़ों के अनुसार चीनी युवा विद्यार्थियों में एड्स मामलों की संख्या हर साल में सभी महामारी की कुल संख्या के 14 से 15 प्रतिशत तक पहुंच गयी। इसकी चर्चा में चीनी युवा एड्स विरोधी शिक्षा कार्यक्रम के कार्यालय के अध्यक्ष च्यांग ईनज्वून ने कहा कि युवा समूहों में यौन से जुड़ी शिक्षा का प्रसार-प्रचार करना बहुत सार्थक है। उन्होंने कहा,युवाओं में यौन, शादी व सुन्दर भावनात्मक जीवन के प्रति दिन-ब-दिन बढ़ रही मांग की अपेक्षा प्रेम की शिक्षा, खास तौर पर यौन स्वास्थ्य से जुड़ी शिक्षा पर्याप्त व संतुलित नहीं है। हाल के कई वर्षों में एड्स ने स्कूलों में प्रवेश किया है। युवाओं में हर वर्ष एड्स मामलों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। उनमें 95 प्रतिशत से अधिक युवा रोगी यौन से संक्रमित हुए हैं। साथ ही हमें यह पता लगा कि समलैंगिक कार्रवाई दिन-ब-दिन लोकप्रिय बन गयी। और समलैंगिक वालों की उम्र भी छोटी बन गयी। उनके अलावा बच्चों को यौन उत्पीड़न करने के मामले भी बारी बारी हुए हैं। ऐसी स्थिति पैदा होने का स्रोत तो यौन से जुड़ी ज्ञान, नीति, सुरक्षा व शिक्षा का अभाव है।

चीनी युवाओं में एड्स की रोकथाम व शिक्षा कार्य की तीसरी बैठक में उपस्थित कई विद्वानों ने यह अपील की कि चीन में यौन सभ्यता का स्तर उन्नत होना चाहिये। पर यौन सभ्यता का स्तर उन्नत करने की एक महत्वपूर्ण पूर्व शर्त तो स्कूलों में यौन स्वास्थ्य से जुड़ी शिक्षा को मजबूत करना है। चीनी राष्ट्रीय स्वास्थ्य व परिवार नियोजन कमेटी के उपाध्यक्ष, चीनी राज्य परिषद के एड्स की रोकथाम कार्य कमेटी के कार्यालय के अध्यक्ष वांग क्वोछांग ने बताया कि हाल के कई वर्षों में चीन के संबंधित विभाग सक्रिय रूप से संबंधित काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा,हाल के कई वर्षों में हमने शिक्षा मंत्रालय के साथ क्रमशः स्कूलों में एड्स की रोकथाम से संबंधित शिक्षा को मजबूत करने की राय दी। साथ ही महामारी बुलेटिन व्यवस्था की स्थापना और स्कूलों में एड्स की रोकथाम कार्य को मजबूत करने की सूचना भी दी गयी। इसके आधार पर हमने विभिन्न क्षेत्रों से एड्स महामारी बुलेटिन व्यवस्था की स्थापना करने, और जूनियर हाई स्कूलों से एड्स की विशेष शिक्षा देने का आग्रह किया। वर्ष 2015 से ही हमने शिक्षा मंत्रालय के साथ 94 कॉलेजों व विश्वविद्यालयों में एड्स की रोकथाम से जुड़े प्रसार-प्रचार व शिक्षा को मजबूत करने का काम शुरू किया।

हाल के कई वर्षों में चीनी युवकों के एड्स की रोकथाम व शिक्षा कार्यक्रम ने समाज में पूंजी-निवेश इकट्ठा करके सारे देश के कॉलेज, मीडिल स्कूल, प्राइमरी स्कूल व किंडरगार्टन में छिंगआई मकानों की स्थापना की, और स्कूलों को मानसिक स्वास्थ्य शिक्षा, यौन स्वास्थ्य शिक्षा, और एड्स की रोकथाम शिक्षा का विकास किया। साथ ही एड्स ग्रस्त कुछ बच्चों व परिवारों को सहायता भी दी। आंकड़ों के अनुसार 11 वर्षों के विकास के बाद अब सारे चीन में 23 प्रांतों व 62 क्षेत्रीय शहरों के 900 से अधिक स्कूलों में औपचारिक रूप से छिंगआई मकानों की स्थापना की गयी है। चच्यांग प्रांत के वनचो शहर की स्वास्थ्य व परिवार नियोजन कमेटी के अध्यक्ष छन चिनक्वो ने इस काम में प्राप्त अनुभवों का परिचय दिया। उन के अनुसार,हमारे शहर में वर्ष 2016 से छिंगआई कार्यक्रम शुरू किया गया। व्यापक रूप से इस कार्यक्रम का लागू करने से हम दो सालों में पूरे शहर में यह कार्यक्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। साथ ही 4 से 9 ग्रेड तक के विद्यार्थियों को स्कूलों में पढ़ने के दौरान एड्स की रोकथाम से जुड़ी शिक्षा देने की सुनिश्चितता भी की जाएगी।

चीन स्थित संयुक्त राष्ट्र एड्स परियोजना ब्यूरो की प्रतिनिधि अमाकोबे सांदे चीनी युवकों में एड्स की रोकथाम कार्यों में प्राप्त प्रगति पर खुश हैं। साथ ही उन्होंने यह सुझाव पेश किया कि स्कूलों के युवकों में एड्स की रोकथाम शिक्षा को मजबूत करने के साथ स्कूलों के बाहर युवा समूहों में भी इस काम पर ध्यान देना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि,चीन की आंकड़ों से यह जाहिर हुआ है कि युवाओं में एड्स मामलों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ रही है। वर्ष 2016 में एड्स से ग्रस्त 17 हजार रोगियों की उम्र 15 से 27 वर्ष तक है। यह संख्या वर्ष 2010 की तुलना में दोगुनी हो गयी। गौरतलब है कि उन रोगियों में 80 प्रतिशत से अधिक लोग स्कूलों के बाहर के युवक हैं। इसलिये हमें बच्चों को व्यापक रूप से यौन शिक्षा देनी चाहिये। ताकि वे एड्स तथा अन्य यौन से संचारित रोगों का शिकार न बने।

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