बेल्ड एंड रोड पहल से आर्थिक वैश्वीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है: अर्जेंटीना के विशेषज्ञ

2019-07-15 17:13:14
Comment
शेयर
शेयर Close
Messenger Messenger Pinterest LinkedIn

बेल्ड एंड रोड पहल से आर्थिक वैश्वीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है: अर्जेंटीना के विशेषज्ञ

चीन और अमेरिका के बीच आर्थिक और व्यापार संघर्ष बढ़ने के साथ हाल ही में पश्चिमी देशों के कुछ मीडिया संस्थाओं ने लगातार यह कहा कि चीन द्वारा पेश किये गए बेल्ड एंड रोड से इसमें भाग लेने वाले विभिन्न देश तथाकथित ऋण जाल में फंस जाते हैं। इस पर अर्जेंटीना एम एंड एफ पोल और प्रबंधन परामर्श देने वाली कंपनी के प्रमुख अर्थशास्त्री मैटिस कारुगाटी ने कहा कि बेल्ड एंड रोड अंतर्राष्ट्रीय सहयोग से विश्व अंतःसंबंध, संपर्क और बुनियादी संस्थापनों के निर्माण को आगे बढ़ाया जा रहा है, जिससे आर्थिक वैश्वीकरण का विकास भी हो रहा है। अर्जेंटीना चीन के और अधिक उपक्रम और चीन के निवेश का स्वागत करता है।

2018 के अंत तक विश्व के 122 देशों और 29 अंतर्राष्ट्रीय संगठनों ने चीन के साथ 170 सरकारी सहयोग दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर किए, जिनमें से 19 लैटिन अमेरिकी देश भी हैं। अर्जेंटीना में रेलवे, राजमार्ग, स्वच्छ ऊर्जा, संचार, खनन, एयरोस्पेस, जीव विज्ञान, कृषि, चिकित्सा आदि कई क्षेत्रों में बेल्ड एंड रोड सहयोग की परियोजनाएं चलाई जा रही हैं। जिनमें बुनियादी संस्थापनों के निर्माण से संबंधित 40 से अधिक बड़ी परियोजनाएं भी हैं, जो बड़े स्तर पर अर्जेंटीना में बुनियादी संस्थापनों की कमजोर स्थिति को सुधार रही है, इसके साथ ही स्थानीय सामाजिक और आर्थिक विकास को आगे बढ़ाया जा रहा है।

इस पर कारुगाटी ने कहा कि बेल्ड एंड रोड सहयोग एक तरह का अंतर्राष्ट्रीय निवेश और वित्तपोषण सहयोग है। यह कहना स्पष्ट रूप से गलत है कि इस तरह के सहयोग से एक 'ऋण जाल' पैदा होगा। तथ्यों ने पूरी तरह दिखाया है कि इस सहयोग से कई देशों को विकास के नए अवसर मिले हैं। ये देश इस तरह के सहयोग का स्वागत और उम्मीद करते हैं। इसके अलावा इस तरह के सहयोग से आर्थिक वैश्वीकरण और विश्व अर्थव्यवस्था के खुलेपन को मज़बूती से आगे बढ़ाया जा रहा है। वर्तमान में यूरोप और एशिया के कई देशों और अर्जेंटीना के अलावा लैटिन अमेरिका के चिली, पेरू, कोलंबिया और अन्य देशों ने इस सहयोग में भी भाग लिया, जिससे एशिया-प्रशांत अर्थव्यवस्था की समृद्धि और खुलेपन को बढ़ावा दिया जा रहा है।

पिछले वर्ष से अमेरिका ने चीन के साथ व्यापार के संतुलन की खोज करने के कारण दोनों देशों और दुनिया के हितों को नुकसान पहुंचाने में संकोच नहीं करते हुए अंतर्राष्ट्रीय व्यापार नियमों का उल्लंघन किया। वह चीन के खिलाफ व्यापार संरक्षणवादी उपायों को अपनाता है, लगातार चीन के साथ व्यापार संघर्ष बढ़ाता है, जिससे विश्व आर्थिक अनिश्चितता और अस्थिरता को और बढ़ाया जा रहा है। कारुगाटी का विचार है कि एकतरफा और संरक्षणवाद से शुरू हुए व्यापार विवादों में कोई विजेता नहीं होगा, जिससे विश्व अर्थव्यवस्था पर गंभीरता से प्रभाव पड़ेगा।

12MoreTotal 2 pagesNext

शेयर

सबसे लोकप्रिय

Related stories