सृजन से विकास और चीन की अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा शक्ति बढ़ी

2018-01-08 13:25:57
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सृजन से विकास और चीन की अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा शक्ति बढ़ी

 19वीं सीपीसी कांग्रेस की रिपोर्ट में कहा गया है कि सृजन विकास को आगे बढ़ाने की पहली प्रेरक शक्ति के साथ आधुनिक आर्थिक व्यवस्था के निर्माण का रणनीतिक समर्थन भी है। सृजन से विकास आगे बढ़ाने की चीन की रणनीति में स्पष्ट रूप से यह कहा गया है कि वर्ष 2020 तक चीन को एक सृजन वाला देश बनाया जाएगा। रूस ने वर्ष 2011 से वर्ष 2020 तक अपने देश की सृजन विकास की रणनीति बनाई और सक्रीय रूप से डिजिटल अर्थव्यवस्था का विकास शुरू किया था। सृजन देश की प्रतिस्पर्धा शक्ति बढ़ाने की महत्वपूर्ण संचालक शक्ति बन गई है। रूस के विशेषज्ञों और विद्वानों ने चीन के सृजन विकास पर अलग अलग विचार हैं।

रूसी विदेश मंत्रालय के समाचार प्रकाशन विभाग के उपाध्यक्ष अलेक्जेंडर बीकान्तोव चीन का लगातार निरीक्षण करते रहते हैं और चीन को अच्छी तरह समझते हैं। राजनयिक के रूप में उन्होंने कई बार चीन की यात्रा भी की है। पिछली शताब्दी के 9वें दशक की शुरूआत में उन्होंने पहली बार चीन की यात्रा की थी। इधर के वर्षों में चीन और रूस के बीच संबंधों का दिन प्रति दिन विकास होने के साथ दोनों देशों के बीच राजनयीक आवाजाही और घनिष्ठ हो रही है। कुछ समय तो उन्होंने एक वर्ष में चीन की कई बार यात्रा की, जिससे उन्हें हाल के दिनों में चीन के विभिन्न क्षेत्रों के विकास और बदलाव का निरीक्षण करने का मौका भी मिला। उन्होंने कहा कि चीन के विकास की गति और भविष्य के लिए परियोजना से वे बहुत आश्चर्यचकित हैं।

उन्होंने कहा कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के नेतृत्व में उन्हें सभी उपलब्धियां मिली हैं। हमने 19वीं सीपीसी कांग्रेस पर बड़ा ध्यान दिया। इस कांग्रेस में भविष्य के कुछ समय में देश, पार्टी और समाज के विकास की प्रमुख दिशा तय की गई है। कोई शक नहीं है कि इस कांग्रेस से चीन के राज्य शासन और पार्टी शासन को मजबूत किया जाएगा, जिससे चीन के अर्थतंत्र और जन-जीवन के विकास को नया योगदान किया जाएगा।

सृजन से विकास और चीन की अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा शक्ति बढ़ी

अलेक्जेंडर ने कहा कि चीन विश्व आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने का इंजन बनने के साथ चीनी कम्युनिस्ट पार्टी और चीन सरकार लोगों के जीवन पर बड़ा ध्यान देती है।

उन्होंने कहा कि आम लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव आया है, जीवन की गुणवत्ता में काफी सुधार हुआ है। कुछ निवेशकों ने अपनी अपनी परियोजना को चीन से दक्षिण-पूर्वी एशिया तक पहुंचाया है, क्योंकि दक्षिण-पूर्वी एशिया के उन देशों के जन-जीवन का स्तर चीन से कम है, जिससे यह ज़ाहिर है कि चीन विकास के एक और अधिक चरण में प्रवेश कर गया है।

अलेक्जेंडर ने कहा कि चीन में हर व्यक्ति और और हर परिवार ने देश के विकास और बदलाव को महसूस किया है। इस के साथ चीन देश, समाज और व्यक्ति के बीच सामंजस्यपूर्ण संबंधों का निर्माण कर रहा है, जिससे हर व्यक्ति को विकास का लाभ मिलता है। चीन सरकार लोगों के जीवन की गुणवत्ता को उन्नत करने, सुख को बढ़ाने के साथ तकनीकी सृजन से आर्थिक और सामाजिक विकास को आगे बढ़ाती है।

अलेक्जेंडर ने कहा कि पहले समय में चीन ने विश्व उन्नत तकनीक की उपलब्धियों से देश के आर्थिक विकास में बढ़ावा दिया है, जिससे राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था का बड़ा विकास हो रहा है। इधर के वर्षों में चीन निरंतर संसाधनों के आवंटन के अनुकूलन से सृजन वाले देश का निर्माण कर रहा है।

उन्होंने कहा कि अब चीन विश्व का सृजन केंद्र बन रहा है। कई क्षेत्रों में चीन नेतृत्व के स्थान पर है। चीन धीरे धीरे कुछ नई उपलब्धियों, नए दृष्टिकोण और नए विचारों का नेता बन रहा है। इन नए प्रस्तावों से भविष्य के कुछ वर्षों यहां तक की कई दशकों के लिए रणनीतिक दिशा की पुष्टि की गई है।

सृजन से विकास और चीन की अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा शक्ति बढ़ी

अलेक्जेंडर का विचार है कि तेज़ी से विकसित हो रहा चीनी अर्थतंत्र कुछ हद तक विश्व बाज़ार के ऊर्जा चक्र और सृजन चक्र पर प्रभाव डालता है। विश्व चीन और 19वीं सीपीसी कांग्रेस के आयोजन पर ध्यान देता है। विश्व को आशा है कि चीन की नीति और आर्थिक आंकड़ों के अध्ययन से अपने अपने देश की रणनीति से जोड़ने वाले विकास की नई दिया की खोज की जाएगी।

यूरोप और एशिया विकास बैंक के प्रमुख अर्थशास्त्री यलोस्लाव लिवोनोलिक लंबे समय तक थिंक टैंक के विकास पर ध्यान देते हैं। उन्होंने कहा कि चीन को अनेक क्षेत्रों में वैज्ञानिक अनुसंधान की महत्वपूर्ण उपलब्धियां मिली हैं, चीन के सृजन उत्पाद का निर्यात निरंतर बढ़ रहा है, जिससे चीन की अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा शक्ति उन्नत की जा रही है।

उन्होंने कहा कि चीन सरकार ने सजृन विकास को आगे बढ़ाने और राष्ट्रीय समर्थन देने के क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इधर के वर्षों में अध्ययन और प्रायोगिक विकास के क्षेत्र में चीन की पूंजी तेज़ी से बढ़ रही है।

वर्ष 2016 अध्ययन और प्रायोगिक विकास के क्षेत्र में चीन ने 15 खरब युआन की पूंजी लगाई, जो वर्ष 2015 से 10 प्रतिशत अधिक रही। चीन अमेरिका के बाद विश्व का दूसरा बड़ा रिसर्च एंड डवलप्मेंट पर खर्च करने वाला देश बन गया है।

लिवोनोलिक ने कहा कि चीन सृजन का खर्च बढ़ाने के साथ सक्रीय रूप से बौद्धिक संसाधन को आकर्षित कर रहा है। चीन विदेशी छात्रों और विभिन्न क्षेत्रों के उच्च प्रतिभाओं का आयात करता है, प्रतिभा श्रेष्ठता और कई कदमों से सृजन क्षेत्र में चीन की अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा शक्ति उन्नत कर रहा है।

(वनिता)

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