सृजन से विकास और चीन की अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा शक्ति बढ़ी

2018-01-08 13:25:57
Comment
शेयर
शेयर Close
Messenger Messenger Pinterest LinkedIn

सृजन से विकास और चीन की अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा शक्ति बढ़ी

अलेक्जेंडर का विचार है कि तेज़ी से विकसित हो रहा चीनी अर्थतंत्र कुछ हद तक विश्व बाज़ार के ऊर्जा चक्र और सृजन चक्र पर प्रभाव डालता है। विश्व चीन और 19वीं सीपीसी कांग्रेस के आयोजन पर ध्यान देता है। विश्व को आशा है कि चीन की नीति और आर्थिक आंकड़ों के अध्ययन से अपने अपने देश की रणनीति से जोड़ने वाले विकास की नई दिया की खोज की जाएगी।

यूरोप और एशिया विकास बैंक के प्रमुख अर्थशास्त्री यलोस्लाव लिवोनोलिक लंबे समय तक थिंक टैंक के विकास पर ध्यान देते हैं। उन्होंने कहा कि चीन को अनेक क्षेत्रों में वैज्ञानिक अनुसंधान की महत्वपूर्ण उपलब्धियां मिली हैं, चीन के सृजन उत्पाद का निर्यात निरंतर बढ़ रहा है, जिससे चीन की अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा शक्ति उन्नत की जा रही है।

उन्होंने कहा कि चीन सरकार ने सजृन विकास को आगे बढ़ाने और राष्ट्रीय समर्थन देने के क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इधर के वर्षों में अध्ययन और प्रायोगिक विकास के क्षेत्र में चीन की पूंजी तेज़ी से बढ़ रही है।

वर्ष 2016 अध्ययन और प्रायोगिक विकास के क्षेत्र में चीन ने 15 खरब युआन की पूंजी लगाई, जो वर्ष 2015 से 10 प्रतिशत अधिक रही। चीन अमेरिका के बाद विश्व का दूसरा बड़ा रिसर्च एंड डवलप्मेंट पर खर्च करने वाला देश बन गया है।

लिवोनोलिक ने कहा कि चीन सृजन का खर्च बढ़ाने के साथ सक्रीय रूप से बौद्धिक संसाधन को आकर्षित कर रहा है। चीन विदेशी छात्रों और विभिन्न क्षेत्रों के उच्च प्रतिभाओं का आयात करता है, प्रतिभा श्रेष्ठता और कई कदमों से सृजन क्षेत्र में चीन की अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा शक्ति उन्नत कर रहा है।

(वनिता)

HomePrev123Total 3 pages

शेयर

सबसे लोकप्रिय

Related stories