टेनिस स्टार मारिया शारापोवा फिर से उतरेंगी कोर्ट में

2019-07-17 08:48:36
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1. भारतीय फुटबाल के लिए शानदार रहा पिछला साल

2. टेनिस स्टार मारिया शारापोवा फिर से उतरेंगी कोर्ट में

3. हिमाचल में बना सिंथेटिक ट्रैक हुआ लोकप्रिय

भारतीय फुटबॉल के लिए साल 2018 शानदार रहा, जिसकी सबसे बड़ी उपलब्धि अंडर-20 टीम की 10 खिलाड़ियों के साथ खेलते हुए अर्जेंटीना जैसी मजबूत टीम को हराकर हासिल की गई जीत रही। भारतीय फुटबॉल की बात करें तो कोच फ्लायड पिंटो की अंडर-20 भारतीय टीम में ऐसा कर दिखाया जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी।

टीम ने अगस्त में स्पेन के वेलेंसिया में कोटीफ कप के मैच में अर्जेंटीना को 2-1 से हराया। यह जीत और भी बड़ी थी क्योंकि विश्व कप खेल चुके पाब्लो एइमर की देखरेख में खेलने वाली अर्जेंटीना के खिलाफ भारतीय टीम मैच के 40 मिनट तक 10 खिलाड़ियों के साथ खेल रही थी।

वहीं, भारत की अंडर-16 टीम भी सफलता के मामले में अंडर-20 टीम से ज्यादा पीछे नहीं थी, जिसने अम्मान में आमंत्रण टूर्नामेंट में एशिया की बड़ी टीम ईरान को हराया। खास बात यह है कि स्पेन में अर्जेंटीना पर मिली जीत के चार घंटों के बाद ही अंडर-16 टीम ने इस सफलता को हासिल किया।

टीम हालांकि 2019 में होने वाले अंडर-17 विश्व कप के लिए क्वालीफाई करने के बेहद करीब पहुंचकर चूक गई। क्वालीफायर्स के क्वार्टर फाइनल में टीम कोरिया से 0-1 से हारकर बाहर हो गई थी। पिछले साल अंडर 17 विश्व कप की मेजबानी करने वाले भारत की युवा टीमों की सफलता ने यह साबित किया की देश में प्रतिभा की कमी नहीं और इस खेल में हम 'स्लीपिंग जायंट्स' से 'पैशनेट जायंट्स' बनने की तरफ बढ़े हैं।

सीनियर टीम ने भी पूर्व कोच स्टीफन कांस्टेनटाइन की देख-रेख में एएफसी 2019 एशियाई कप की तैयारियों के मद्देनजर कई मैच खेले और शानदार प्रदर्शन किया।

फुटबाल के बाद टेनिस का रुख करते हैं। कंधे की चोट से उबरने के बाद रूसी टेनिस स्टार मारिया शारापोवा एक बार फिर टेनिस कोर्ट पर उतरने जा रही हैं। शारापोवा स्पेन में होने जा रहे मार्लोका ओपन में हिस्सा लेंगी। इस टूर्नामेंट में शारापोवा को वाइल्डकार्ड से एंट्री मिली है.मार्लोका ओपन वेबसाइट पर शारापोवा ने कहा, 'मैं खुश हूं, और यह कहना चाहती हूं कि मैं मार्लोका ओपन के लिए वाइल्डकार्ड एंट्री स्वीकार करने जा रही हूं। मैं इस मौके के लिए टूर्नामेंट के आयोजकों कोधन्यवाद देना चाहती हूं।'

32 वर्षीय इस पूर्व नंबर वन टेनिस खिलाड़ी ने कहा, 'मैं इस अवसर के लिए टूर्नामेंट का धन्यवाद करना चाहती हूं जो मुझे और मेरे सभी विश्वसनीय प्रशंसकों को मौका प्रदान कर रहा है, जो हाल के महीनों में मेरा समर्थन कर रहे हैं।'

शारापोवा ने फरवरी में कंधे की सर्जरी कराई थी। अब वह वापसी के लिए ग्रास कोर्ट टूर्नामेंट को चुनने पर विचार कर रही हैं। इन दिनों शारापोवा काल्वीया में स्थित सैंटा पोंचा कंट्री क्लब टेनिस फेसीलिटीज में अभ्यास कर रही हैं। मारिया के साथ ही दो अन्य पूर्व शीर्ष खिलाड़ी - जर्मनी की एंजेलिक केर्बर और वर्तमान विंबलडन चैंपियन और बेलारूसी विक्टोरिया अजारेंका भीमार्कोला ओपन में खेलेंगी।

टेनिस के बाद अगली खबर भारत भारत के स्थानीय खेल की।

हिमाचल के सोलन के डीपीएस स्कूल में पिछले दिनों शूलिनी हॉफ मैराथन का आयोजन किया गया। इसमें हिमाचल के अलावा चंडीगढ़, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब के धावकों ने भाग लिया। तीन वर्गों में हुई मैराथन में धावकों ने 21 किमी, 10 किमी और 5 किमी में भाग लिया।

21 किमी पुरुष वर्ग में यूपी के 18 वर्षीय युवा दीपक चौधरी ने पहला स्थान प्राप्त किया। महिला वर्ग में सोलन की इंटरनेशनल रनर कल्पना परमार विजेता बनीं, जबकि चंडीगढ़ की रनर मानसी दूसरे स्थान पर रहीं। सोलन के सीनियर सेकेंडरी स्कूल (छात्र) में इतिहास प्रवक्ता कल्पना परमार ने एक बार फिर से सोलन का नाम रोशन किया है।
कल्पना परमार ने बताया कि अपने शहर में दौड़ने का अलग ही मजा है। दौड़ में उनकी बेटी दीया कपूर ने भी 10 किमी की अपनी रेस कंपलीट की। कल्पना ने कहा कि उनका अगला लक्ष्य 7 जून, 2019 को मशोबरा में होने वाली 80 किमी की दौड़ है। इस दौड़ में चंडीगढ़ डिस्टेंस रनर (सीडीआर) के धावक गिरिश वर्मा, शैली शर्मा, नरेंद्र, मानसी समेत अन्य धावकों ने भी भाग लिया।

अब अगली और अंतिम खबर हिमाचल में बने सिंथेटिक ट्रैक के बारे में।

एचपीसीए स्टेडियम के बाद खेल विभाग के सिंथेटिक ट्रैक ने भी देश भर में अलग पहचान बना ली है। हाई एल्टीट्यूड ट्रेनिंग के लिए धर्मशाला का सिंथेटिक ट्रैक एथलीटों की पसंद बन गया है। पिछले साल के मुकाबले इस बार ऑफ सीजन में सिंथेटिक ट्रैक पर जयपुर पिंक पैंथर्स के अलावा तीन और अकादमी के खिलाड़ी अभ्यास करने के लिए आए हैं, जो ट्रैक पर वार्मअप कर रहे हैं।
जयपुर पिंक पैंथर्स की टीम ने इसट्रैक पर अभ्यास किया। पहली बार प्रो-कबड्डी लीग में भाग लेने वाली कोई टीम अभ्यास कैंप के लिए धर्मशाला पहुंची।
वहीं अमृतसर हॉकी अकादमी की महिला हॉकी टीम भी ने भी यहां अभ्यास किया।
वहीं भारत की महिला धावक सुधा सिंह ने भी 18वें एशियाई खेलों से पहले धर्मशाला में एक साल तक लगातार अभ्यास किया है।

इसी जानकारी के साथ संपन्न होता है आज का प्रोग्राम। आपको खेल जगत का नया अंक कैसा लगा, हमें जरूर बताइएगा। इसी उम्मीद के साथ अगले हफ्ते इसी वक्त आपसे फिर होगी मुलाकात, कुछ नई नई खबरों और जानकारियों के साथ। तब तक के लिए दीजिए इजाजत। नमस्कार, बाय-बाय, चाई-च्यान...


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