तिब्बती लोगों के आजीविका के मामलों पर विशेष ध्यान

2020-10-19 19:36:08
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वर्ष 2020 के नये कोरोना वायरस महामारी के फैलने से चीन के अधिकांश क्षेत्रों पर गंभीर प्रभाव पड़ा। पर तिब्बत स्वायत्त प्रदेश में केवल एक ही मामला आया। लेकिन देशभर में लॉकडाउन होने से तिब्बत के आर्थिक और सामाजिक विकास पर फिर भी प्रभावित हुआ। और तिब्बत के आम लोगों के आजीविका के मामलों पर विशेष ध्यान दिया गया है।

इधर के वर्षों में तिब्बत के बिजली उद्योग का विकास लगातार बढ़ रहा है। बिजली की आपूर्ति एक के बाद एक दूरदराज इलाकों तक पहुंच गयी है जिससे इन क्षेत्रों में आम लोगों के जीवन को बदला गया है। बिजली ने लोगों को बिल्कुल नया नाइट व्यू दिलाया है और अब पहाड़ों में रहने वाले लोगों ने भी टीवी, बिजली कुकर और इंटरनेट आदि का उपयोग करना शुरू किया है। न्यिंग-ची शहर की पोम्मी काउंटी में रहने वाली त्सेरिंग द्रोमा ने बताया कि अब उन के गांव में सभी लोगों ने रसोई उपकरणों का उपयोग शुरू किया है। पावर ग्रिड के विस्तार से होटल व्यवसाय भी अधिक फलफूल बना है। अब गांववासियों के घर घर में वाशिंग मशीन और रेफ्रिजरेटर जैसे घरेलू उपकरण का उपयोग किया जा रहा है। लंबे समय तक सरकार ने तिब्बत की मुख्य बिजली ग्रिड के निर्माण में तेजी लाने के साथ साथ कृषि और देहाती क्षेत्रों में बिजली वितरण नेटवर्क के निर्माण और सुधार को जारी रखा। छिंगहाई-तिब्बत बिजली ग्रिड, सिचुआन-तिब्बत बिजली ग्रिड, मध्यम तिब्बत बिजली ग्रिड और ल्हासा न्यिंन-ची रेलवे बिजली आपूर्ति परियोजना का निर्माण समाप्त करने के बाद अब बिजली की आपूर्ति तिब्बत के हजारों घरों से सीधे जुड़ी हुई है।

उधर महामारी की स्थिति में सुधार और पर्यटन की वसूली के साथ साथ तिब्बत में नागरिक उड्डयन उद्योग का पीक सीजन भी सामने आया। पुराने उड्डयन मार्गों के अलावा, तिब्बत से शीनींग, गोलमुद, खुनमिंग, डाली, फ़ूज़ौ, श्यामेन और चोंगकिंग सहित अन्य राज्यों के शहरों तक नये मार्ग भी खुल गए हैं।

उधर रेल मार्ग के निर्माण से लोगों के जीवन सुधार के साथ भी घनिष्ठ संबंध है। देश की 13वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान ल्हासा से न्यिंग-ची तक रेल मार्ग का निर्माण शुरू किया गया। महामारी फैलने के बाद भी यह परियोजना जारी रही। वर्ष 2020 में इस रेल मार्ग के विद्युतीकरण की परियोजना, 216.5 किलोमीटर लम्बे कुल 47 सुरंगों, सभी रेलवे स्टेशनों तथा यालूजांबू नदी पर महा पुल आदि का निर्माण किया गया है। 435 लम्बा ल्हासा - न्यिंग-ची रेल मार्ग तिब्बत का पहला विद्युतीकृत रेलवे है। जिसकी डिजाइन की गति 160 किलोमीटर प्रति घंटा होती है और वर्ष 2021 में इस रेल मार्ग की यातायात खुलने की उम्मीद है।

उधर तिब्बत में सेवानिवृत्त लोगों के मूल पेंशन को बढ़ाया गया है। तिब्बत स्वायत्त प्रदेश की सरकार ने वर्ष 2020 के जनवरी से सभी रिटायर्ड लोगों के मूल पेंशन को एक बार फिर बढ़ाने का निर्णय लिया है। पता चला है कि तिब्बती लोगों के पेंशन क�� स्तर देश में अपेक्षाकृत उन्नत है। सरकार मुश्किल स्थितियों में काम करने वालों को हमेशा उच्च मानक वाले कल्याण देती रही है। साथ ही 5 जी तकनीक के विकास के चलते तिब्बत में "स्मार्ट सरकार" के निर्माण में गति दी गयी है। राजधानी ल्हासा में इंटरनेट के जरिये बीमा खर्च वसुलने आदि की सर्विस तैयार हो चुकी है। सरकार के दूसरे विभागों की भी ऑनलाइन प्रोसेसिंग की प्रणाली कायम की गयी है। तिब्बत में "लोगों की आजीविका की समार्ट सेवा”के विचार से नेटवर्क के माध्यम से लोगों का समय बचाया गया है। अभी तक ल्हासा शहर के सभी जिलों में सुविधाजनक सर्विस हॉल स्थापित हो गये हैं। तिब्बत सामुदायिक सेवा में और सुधार करेगा ताकि सामुदायिक कार्यों को एक नए स्तर पर ला सके।


पूर्वी तिब्बत स्थित छांगतु शहर का नया जिला बना है विकास का इंजन


तिब्बत स्वायत्त प्रदेश के पूर्व में स्थित छांगतु शहर में निर्मित नया जिला आर्थिक विकास का महत्वपूर्ण इंजन बन गया है। छांगतु शहर का यह नया जिला खास नगर से तीस किलोमीटर दूर है जिसका निर्माण वर्ष 2013 के अप्रैल से शुरू हुआ था। और जाने माने सिचुआन-तिब्बत रेल मार्ग का एक स्टेशन भी यहां रखा गया है।

वर्ष 2020 के जून माह तक छांगतु नये जिले में 882 कारोबारों को दर्ज किया गया है जिन की पंजीकृत पूंजी 23.36 अरब युआन तक रही है। कारोबारों ने 3.15 अरब युआन की कर वसुली पूरी की है। अब छांगतु नया जिला स्थानीय लोगों के लिए "अमीर बगीचा" बन गया है। नये जिले में स्थापित इनडा नई निर्माण सामग्री कंपनी में कुल 45 लोगों को नियुक्त किया गया। छांगतु शहर की स्थानीय सरकार ने कंपनी के विकास को जोरदार समर्थन दिया। नये जिले की प्रबंधन समिति के प्रधान के अनुसार वर्ष 2017 से नये जिले ने भी खुद 27 करोड़ युआन की पूंजी लगाकर कई गरीबी उन्मूलन उद्योगधंधों का विकास किया। जिससे 17 हजार स्थानीय लोगों को लाभ मिला है।


मिलिन काउंटी : एकता का फूल खिल रहा है


तिब्बत स्वायत्त प्रदेश के दक्षिण पूर्वी भाग में स्थित मिलिन काउंटी में तिब्बती, हान, ह्वेई और मेनबा एवं लोबा आदि नौ जातियां रहती हैं। लंबे समय के लिए विभिन्न जातीय लोग एकता और आपसी समर्थन के माहौल में रहे हुए हैं।

सीग्गा गांव में 19 तिब्बती परिवार, 21 मेनबा परिवार और 36 लोबा जातीय परिवार रहते हैं। उन में कई परिवारों में बहु-जातीय विवाह के लोग रहते हैं। स्थानीय सरकार ने जातीय अर्थतंत्र के विकास को बढ़ाने के लिए इस गांव के लोगों को जातीय हस्तशिल्पी कारखाने की स्थापना में मदद दी। उधर मिलिन काउंटी में स्थापित लोबा जातीय प्राइमरी स्कूल में जातीय एकता के विचार को प्रत्येक छात्र के दिल में एकीकृत किया गया है। काउंटी की सरकार ने जातीय एकता के अनेक नारा ग्रहित किये और वीचैट के जरिये लोगों को जातीय एकता का प्रसार किया।

इधर सालों के अथक प्रयास के जरिये अब सीग्गा गांव में लोगों के जीवन स्तर को बहुत उन्नत किया गया है। अब गांव में कुल 337 लोग रहते हैं जिन की औसत आय वर्ष 2019 में 31 हजार युआन तक रही है। गांव में स्थापित हस्तशिल्पी कारखाने में तिब्बती कागज, तिब्बती धूप, लकड़ी उत्पादों आदि के प्रसंस्करण शामिल हैं। साथ ही गांव में स्थापित सांस्कृति मैदान और जातीय रीति-रिवाज़ पर्यटन स्थल आदि से पर्यटकों को आकर्षित किया गया है। पर्यटन के विकास से गांव वासियों को रोजगार का मौका भी तैयार किया गया है। आज सीग्गा गांव से न्यिंग-ची हवाई अड्डे तक जाने का मार्ग भी प्रशस्त किया गया है जिससे पर्यटन के विकास को बढ़ावा मिला है।

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