न्यिंग-ची में ऑगार्निक सब्जियों की खेती से लोगों को अमीर बनाया गया है

2020-05-13 14:33:54
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इधर के तीन वर्षों में तिब्बत स्वायत्त प्रदेश के न्यिंग-ची शहर में ऑगार्निक सब्जियों का विकास करने से बाजार में उच्च गुणवत्ता वाली सब्जियों की आपूर्ति करने के साथ साथ किसानों की आय में भी स्पष्ट वृद्धि संपन्न हो गयी है।

न्यिंग-ची शहर के थूंगमैई गांव में "गांव + उद्यम + किसान" के मॉडल से ऑगार्निक सब्जियों के विकास के जरिये तीस परिवारों की औसत वार्षिक आय में 40 हजार युआन की वृद्धि संपन्न हुई। गांववासियों ने कहा कि ऑगार्निक सब्जियां उगाने में जो उपलब्धियां प्राप्त हैं, उन का श्रेय स्वायत्त प्रदेश के वनस्पति संस्थान के तकनीशियनों के मार्गदर्शन तक जाता है। इधर के समय तिब्बत स्वायत्त प्रदेश के कृषि और पशुपालन अकादमी के तहत वनस्पति अनुसंधान संस्थान ने अपने तकनीशियन ल्हासा, न्यिंग-ची और शिगात्से के सब्जी उत्पादन क्षेत्रों में भेज दिये जो गांव में किसानों को कृषि और सब्जी रोपण का तकनीकी मार्गदर्शन की सेवा कर रहे हैं। उन की कोशिशों से किसानों की सब्जी उगाने वाले तकनीकी स्तर को उन्नत किया गया है और सब्जियों के उत्पादन में भी सुधार आया है। अनुसंधान संस्थान के तकनीशियन च्यांगबा द्रोगा ने बताया कि उन का दल मुख्य तौर पर च्यांगत्सी काउंटी और बाइलांग काउंटी में तकनीकी सेवा करने के जिम्मेदार है। तकनीशियनों ने सब्ज़ियों के जल और उर्वरक प्रबंधन तथा कीट और रोग नियंत्रण के संदर्भ में किसानों का तकनीकी मार्गदर्शन किया है। इधर समय यहां के कुछ ग्रीनहाउस खाली हैं, इसलिये तकनीशियनों ने किसानों को कम समय के लिए उगने वाली सब्जियों की खेती करने का सुझाव दिया, ताकि ग्रीनहाउस के प्रयोग में सुधार आए। अनुसंधान संस्थान के प्रमुख फ़ंग मींग ने कहा कि तकनीकी सर्विस की प्रभावशीलता और अनवरतता महत्वपूर्ण है। संस्थान ने किसानों के लिए चालीस हजार द्विभाषिक गाइड बुक भी तैयार किये हैं जो टमाटर, मशरूम और अजवाइन आदि सब्जियों की खेती करने की तकनीक का परिचय करते हैं।

अनुसंधान संस्थान के प्रमुख फ़ंग मींग ने कहा कि उन्हों ने किसानों की मुश्किलों को दूर करने के लिए पांच हजार बैग सब्जी बीज़ भी प्रदान किया और सब्जी उत्पादकों को श्रम रखने के लिए वित्तीय सहायता दी। साथ ही तकनीशियन वीचैट के माध्यम से किसानों को ऑनलाइन तकनीकी सर्विस प्रदान करते हैं। अभी तक सब्जी अनुसंधान शाले के तकनीशियनों ने तिब्बत की 15 काउंटियों में एक हजार से अधिक ग्रीन हाउस की तकनीकी मार्गदर्शन किया है और एक हजार से अधिक सब्जी उत्पादकों का प्रशिक्षण किया है।

इधर के वर्षों में तिब्बत में कृषि और चरागाह तकनीकी सेवा की प्रणाली स्थापित हो चुकी है। कृषि की वृद्धि में तकनीक की योगदान दर 51 प्रतिशत तक जा पहुंची है। स्वायत्त प्रदेश के कृषि विज्ञान अकादमी ने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में कृषि और पशुपालन विज्ञान और तकनीक प्रयोगात्मक प्रदर्शन आधार स्थापित किये हैं। जिससे तिब्बत में अनाज, सब्जी और पशुपालन के विकास की तकनीकी गारंटी की गयी है।

तकनीकी प्रगति से किसानों और चरवाहों का उच्च गुणवत्ता वाला रोजगार

हाल ही में ल्हासा में आयोजित मानव संसाधन और सामाजिक गारंटी सभा में प्राप्त खबर है कि तिब्बत स्वायत्त प्रदेश की सरकार ने यह फैसला लिया है कि पूरे प्रदेश में जोरों पर मानव संसाधन और सामाजिक गारंटी व्यवस्था के निर्माण को बढ़ावा दिया जाएगा। प्रदेश के मानव संसाधन तथा सामाजिक गारंटी विभाग के प्रमुख ने बताया कि वर्ष 2019 में तिब्बत स्वायत्त प्रदेश के जन जीवन सुधार कार्यों की गुणवत्ता और संख्या दोनों को उन्नत किया गया है। पूरे वर्ष में रोजगार की गुणवत्ता में सुधार जारी है। कॉलेजों के स्नातकों के रोजगार पर समाज के विभिन्न विभागों ने ध्यान दिया है। कॉलेजों के स्नातकों की रोजगार दर 98.1% तक पहुँच गयी है। शहरों में बेरोजगार दर तीन प्रतिशत के भीतर नियंत्रित किया गया है।

उधर सामाजिक गारंटी व्यवस्था का विस्तार जारी है और इस में लगातार सुधार किया जा रहा है। विभिन्न सामाजिक बीमा की सर्विस में भाग लेने वालों की संख्या 27 लाख 50 हजार तक जा पहुंची है। प्रदेश में शहरी और ग्रामीण निवासियों के लिए बुनियादी पेंशन बीमा व्यवस्था तथा बुनियादी पेंशन समायोजन तंत्र स्थापित किया जा चुका है। शहरी और ग्रामीण निवासियों के बीमा स्तर लगातार उन्नत होने लगा है और लोगों को कुल तीस लाख सामाजिक गारंटी कार्ड वितरित किये गये हैं। नये साल में तिब्बत स्वायत्त प्रदेश की सरकार जिम्मेदारी, कदम, लक्ष्य के मुताबिक मानव संसाधन और सामाजिक गारंटी के कार्यों को बढ़ाएगी। ताकि ठोस कार्यों को उच्च गुणवत्ता और कुशलता से बढ़ाया जा सके। मिसाल के तौर पर कालेज़ों के स्नातकों के लिए रोजगार सेवा का "बड़ा मंच" निर्मित किया जाएगा। जिसमें नौकरी की सूचना, सेवा गारंटी और प्रसार आदि भाग भी शामिल हैं। स्नातकों को रोजगार की चतुर्मुखी गारंटी की जाएगी। उधर किसानों और चरवाहों को शहरों में रोजगार मिलने के लिए बढ़ावा दिया जाएगा। वर्ष 2020 के अंत तक पूरे प्रदेश में साठ हजार किसानों और चरवाहों का उच्च गुणता वाला रोगजार कायम किया जाएगा। ताकि किसानों और चरवाहों की आय में स्पष्ट वृद्धि संपन्न हो सके।

स्वायत्त प्रदेश ने इन के अतिरिक्त व्यावसायिक कौशल में सुधार करने की "हजार लोग योजना" भी कायम की है। यानी कि पूरे वर्ष में एक एक हजार के युवा कर्मचारियों, स्वतंत्र उद्यमियों, नई पीढ़ी के किसानों और चरवाहों, बेरोजगार श्रमिकों और कठिन लोगों तथा विभिन्न क्षेत्रों के उच्च कुशल प्रतिभाओं का प्रशिक्षण किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2020 के अंत तक शहरों में पचास हजार नये रोजगार मौके तैयार किये जाएंगे, बेरोजगार की दर 3.6 प्रतिशत के नीचे तक सीमित किया जाएगा। और कालेज़ों के स्नातकों की रोजगार दर 90 प्रतिशत के ऊपर तक बनाये रखा जाएगा।

यह भी चर्चाजनक बात है कि गरीबी उन्मूलन हमेशा तिब्बत स्वायत्त प्रदेश का सबसे महत्वपूर्ण काम है। वर्ष 2016 से अभी तक स्वायत्त प्रदेश की सरकार ने कुल 2693 गरीबी उन्मूलन परियोजनाएं कायम की हैं जिससे कुल 2.4 लाख गरीब लोग गरीबी से छुटकारा पाये गये हैं। साथ ही बुद्धि से गरीबी उन्मूलन योजना के माध्यम से 1.5 लाख व्यक्तियों का प्रशिक्षण किया गया और 1.8 लाख नये रोजगार मौके तैयार किये गये हैं। अब अविकसित क्षेत्रों में सभी लोगों की सामाजिक गारंटी का सवाल हल हो गया है।

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