सूचना:चाइना मीडिया ग्रुप में भर्ती

तिब्बत की जन प्रतिनिधि सभा में जातीय एकता को बढ़ाने में कानून पारित

2020-02-05 12:33:24
शेयर
शेयर Close
Messenger Messenger Pinterest LinkedIn

हाल में समाप्त तिब्बत स्वायत्त प्रदेश की 11वीं जन प्रतिनिधि सभा के तीसरे पूर्णांधिवेशन में "तिब्बत स्वायत्त प्रदेश में जातीय एकता के आदर्श क्षेत्र की स्थापना पर विनियम" पारित किया जो वर्ष 2020 की पहली मई से प्रभावित होगा।

स्वायत्त प्रदेश की जन प्रतिनिधि सभा की विधान कमेटी के प्रधान के अनुसार यह पहली बार है कि जातीय एकता को कानून के रूप में बढ़ावा दिया गया है। और इससे तिब्बत स्वायत्त प्रदेश की वैधानिक प्रणाली में सुधार आया है। इस विनियम के आठ भाग हैं जिनमें अर्थव्यवस्था, संस्कृति, शिक्षा, खेल और सेना तथा क्षेत्रीय संस्थाओं के बीच संबंधों को विनियमित किया गया है। विनियम में यह भी निर्धारित है कि विभिन्न स्तरीय सरकारों को जातीय एकता को अपने क्षेत्र में आर्थिक और सामाजिक विकास की रूपरेखा में शामिल कराना चाहिये। इस के अलावा मजदूर संघ, युवा व महिला संगठन, कालेज, अकादमिक सोसाइटी, धार्मिक शिक्षालय एवं स्थल और सामुदायिक समिति की जातीय एकता को बढाने की जिम्मेदारी भी निर्धारित की गयी है।

तिब्बती जन प्रतिनिधि सभा में उपस्थित तिब्बती सरकार के अध्यक्ष चिज़ाला ने भाषण देते हुए कहा कि सरकार के कार्यों में गरीबी उन्मूलन और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता दी जाएगी। वर्ष 2019 से पहले स्वायत्त प्रदेश की 19 काउंटियों में गरीबी उन्मूलन का लक्ष्य साकार किया जा चुका है। इस से जुड़ी कुल 2639 परियोजनाएं और गरीबी उन्मूलन के लिए स्थानांतरण का कार्य समाप्त हुआ। कुल 6.28 लाख लोग गरीबी से छुटकारा पा चुके हैं और उनमें 1.55 लाख लोगों को प्रशिक्षित किया गया है। चिज़ाला ने कहा कि वर्ष 2020 देश में खुशहाल समाज का निर्माण करने तथा 13वीं पंचवर्षीय योजना का अंतिम साल है। इसी साल में हम जरूर ही जन जीवन में सुधार लाने तथा 14वीं पंचवर्षीय योजना के लिए नींव रखने के लिए अथक प्रयास करेंगे। और वर्ष 2020 में गरीबी उन्मूलन के लक्ष्य तक जा पहुंचने के लिए 13.1 अरब युआन की पूंजी डाली जाएगी। और गरीबी से छुटकारा पाने वाले लोगों के फिर से गरीब बनने से बचने की कोशिश करनी पड़ेगी। उधर तिब्बती बीमा कंपनियों ने भी गरीबी उन्मूलन के कार्यों में भाग लिया है। वर्ष 2017 में चीनी बीमा कंपनी की तिब्बती शाखा ने बोमे काउंटी के साथ गरीबी उन्मूलन बीमा समझौते पर हस्ताक्षर किये। जो आकस्मिक चोट के कारण से गरीब बनने से बचाने के लिए मददगार है। चिज़ाला ने यह भी कहा कि औद्योगिक संचालन, प्रबंधन और अनुकूलन को मजबूत बनाकर गरीबी उन्मूलन के लिए दीर्घकालिक तंत्र स्थापित किया जाएगा और गरीबी उन्मूलन को ग्रामीण पुनरोद्धार के साथ जोड़ा जाएगा।

तिब्बती जन प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष लोसांग ग्यात्सेन ने कार्य रिपोर्ट सुनाते हुए कहा कि तिब्बती जन प्रतिनिधि सभा ने अपना ध्यान जन जीवन के सुधार और गरीबी उन्मूलन के कार्यों पर रख दिया। साथ ही जन प्रतिनिधि सभा ने कालेज छात्रों की रोजगार योजना के प्रति विशेष सर्वेक्षण किया और लोगों की आजीविका से संबंधित मुश्किलों के समाधान को बढ़ावा दिया। लोसांग ग्यात्सेन ने कहा कि वर्ष 2020 में तिब्बती जन प्रतिनिधि सभा अर्थव्यवस्था के उच्च गुणवत्ता वाले विकास तथा जन जीवन के सुधार को बढ़ाने के लिए लगातार कोशिश करेगी। जन प्रतिनिधि सभा के आयोजन के साथ साथ तिब्बती राजनीतिक सलाहकार सम्मेलन का भी आयोजन किया गया। सलाहकार सम्मेलन के सदस्यों ने कहा कि तिब्बत स्वायत्त प्रदेश में गरीबी उन्मूलन को बढ़ाने का विशेष महत्व प्राप्त है। वैज्ञानिक विचारों से पुरानी रीति-रिवाज और अंधविश्वास को बदलने और सुखी जीवन बिताने का प्रसारण किया जाना चाहिये। पार्टी की नीतियों से किसानों और चरवाहों के विचारों को बदला जाना चाहिये। ताकि सभी लोग एकजुट रहकर काम कर सकें। साथ ही ग्रामीण और चरागाह क्षेत्रों में ई-कॉमर्स तथा विशेष उद्योगों के विकास को भी गति देना चाहिये क्योंकि इन के विकास से रोजगार मौके तथा जीवन स्तर को बढ़ाने के लिए प्रभावित है। वर्ष 2015 से अभी तक तिब्बत की विभिन्न काउंटियों में कुल बीसेक ई-कॉमर्स केंद्र और 337 ग्रामीण ई-कॉमर्स सेवा स्टेशन स्थापित किये गये हैं। सरकार की मदद से तिब्बती किसानों और चरवाहों ने भी 744 ऑनलाइन दुकान खोले हैं जो गरीबी उन्मूलन के लिए मददगार साबित हैं। सरकार की मांग है कि नेटवर्क के माध्यम से तिब्बत के किसानों और चरवाहों की मदद दी जाएगी और ई-कार्मस के जरिये कृषि और पशुधन उत्पादों के ऑनलाइन थोक और खुदरा का व्यापार किया जाएगा।

उधर ल्हासा जैसे शहरों में ऑनलाइन शॉपिंग का बहुत शीघ्रता से विकास होता रहा है। और वीचैट से भुगतान करने वाला नेटवर्क भी जगह जगह मिलता है। भीतरी इलाकों से गये पर्यटकों को तिब्बत के शहरों और तीर्थस्थलों में कैशलेस खरीदारी करने की सुविधा मिल सकती है। वर्ष 2019 में तिब्बत की यात्रा पर गये देशी विदेशी पर्यटकों की संख्या चार करोड़ तक जा पहुंची। तिब्बत स्वायत्त प्रदेश के पर्यटन विभाग ने पर्यटकों को ऑनलाइन सर्विस प्रदान की है। पर्यटकों को खान-पान, रहन-सहन, दर्शन, मनोरंजन और खरीदारी आदि सब की ऑलाइन सर्विस मिल सकती है। आम लोग भी वीचैट से उपयोगिता बिल, टैक्सी और बीमा आदि का भुगतान कर सकते हैं।

स्वायत्त प्रदेश के जन राजनीतिक सलाहकार सम्मेलन में धार्मिक जगत के सदस्य भी हैं। सम्मेलन में उन्हों ने धार्मिक विश्वास की स्वतंत्रता के बारे में अपनी रायें प्रदान की हैं। उन्हों ने कहा कि तिब्बत में धार्मिक विश्वास की स्वतंत्रता की पूरी तरह से गारंटी है, और मंदिरों को देश की एकता को कमजोर करने के लिए अवैध स्थान बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। चीनी बौद्ध सोसाइटी की तिब्बती शाखा के उप प्रधान कूंसांग ने कहा कि आज तिब्बत में आर्थिक विकास सुभीते से होता रहा है और धार्मिक विश्वास की स्वतंत्रता की पूरी तरह गारंटी की गयी है। भिक्षुओं को बौद्ध धर्म के उपदेशों का कड़ाई से पालन करना चाहिये, धार्मिक संहिता से अपने आचरण का मार्गदर्शन करना चाहिये और मंदिरों में ऑर्डर बनाये रखना चाहिये। छांगतु शहर से गये भिक्षु चीग्मे त्सेरिंग ने कहा कि आधुनिक काल में भिक्षुओं को केवल अपने धार्मिक अध्ययन और अभ्यास पर ध्यान केंद्रित करना नहीं, बल्कि अपनी गुणवत्ता में भी निरंतर सुधार लाना चाहिये। ताकि बौद्ध धर्म की मानव की दयालुता को प्रोत्साहित करने और बुराई को रोकने की भूमिका निभाया जाए। मंदिर पवित्र स्थल है, इसे देश की एकता को बर्बाद करने की जगह बनाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। शिगात्से शहर के थाशीलुनपो मंदिर की प्रबंधन कमेटी के उप प्रधान आदान ने कहा कि मंदिर में रहे भिक्षु भी देश के नागरिक हैं। मंदिरों के भिक्षुओं को मॉडल धर्म व्यक्ति बनने का प्रयास करना चाहिये। उन्हों ने कहा कि बौद्ध धर्म के कर्मचारियों को अपने धर्म की रक्षा करनी चाहिये, जीवित बुद्धों के पुनर्जन्म संबंधी नियमों का पालन करना चाहिये और धार्मिक आज्ञाओं को बनाये रखना चाहिये। और मंदिर के प्रबंधन को नष्ट करने वाली दुष्टाचारी के खिलाफ कदम उठाना चाहिये।

चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की 19वीं राष्ट्रीय कांग्रेस की कार्य रिपोर्ट ने "हरित पहाड़ सुनहरे पहाड़ ही है" का विकास विचार प्रस्तुत किया। इसके मुताबिक प्राकृतिक वातावरण का संरक्षण किया जाना चाहिये। तिब्बत स्वायत्त प्रदेश की जन प्रतिनिधि सभा और जन राजनीतिक सलाहकार सम्मेलन में उपस्थित प्रतिनिधियों ने पारिस्थितिक सभ्यता के निर्माण के बारे में अनेक प्रस्ताव पेश किये। जिन में निर्माण कचरे के प्रबंधन को मजबूत बनाने, अपशिष्ट चीजों की रीसाइक्लिंग का समर्थन करने और "सफेद कचरे यानी प्लास्टिक कचरे पर प्रतिबंध" के प्रस्ताव शामिल हुए। वर्ष 2019 में ल्हासा शहर की सरकार ने प्रदूषण की रोकथाम और पारिस्थितिकी संरक्षण के कार्यों पर विशेष महत्व दिया और स्पष्ट प्रगतियां हासिल कीं। पूरे वर्ष में ल्हासा शहर की वायु गुणवत्ता में उत्कृष्टता दर 99.7% रही। इस की प्रमुख झीलों और नदियों तथा पेयजल स्रोत में जल की गुणवत्ता भी शत प्रतिशत मानक तक पहुंच गयी है। प्रतिनिधियों ने यह सुझाव पेश किया कि आर्थिक विकास करने के साथ साथ नीला आकाश, हरी भूमि और साफ पानी का वातावरण बनाये रखने की गारंटी है। इसमें पेयजल स्रोत का संरक्षण करना सबसे अहम है। सीवेज उपचार करने के लिए बुनियादी उपकरणों का निर्माण भी बहुत महत्वपूर्ण है। और ग्रामीण क्षेत्रों में कचरों तथा सीवेज उपचार और "शौचालय क्रांति" को लगातार बढ़ाने का प्रयास करना चाहिये।

शेयर

सबसे लोकप्रिय

Related stories