सूचना:चाइना मीडिया ग्रुप में भर्ती

तिब्बती महिलाओं और बच्चों के लिए एकीकृत सेवाओं में सुधार

2019-12-02 08:54:24
शेयर
शेयर Close
Messenger Messenger Pinterest LinkedIn

हाल ही में तिब्बत स्वायत्त प्रदेश के महिला और बाल बच्चों के लिए एकीकृत सेवा केंद्र का निर्माण ल्हासा शहर में शुरू किया गया है। एक हैक्टर विशाल इस केंद्र के निर्माण में कुल 12 करोड़ युआन की पूंजी डाली जाएगी। परियोजना के निर्माण की समाप्ति पर महिलाओं के लिए नवाचार प्रशिक्षण, महिलाओं की संस्कृति, बहुआयामी प्रशिक्षण, बच्चों के थिएटर, बच्चों के पुस्तकालय और शिशुओं की पूर्व-शिक्षा आदि की सेवाएं प्रदान की जाएंगी। शिक्षा केंद्र में प्रति वर्ष प्रशिक्षण के कई बैच समाप्त किये जाएंगे और तीन हजार रोजगारियों का प्रशिक्षण किया जा सकेगा।

परियोजना के फाउंडेशन के रस्म में तिब्बत स्वायत्त प्रदेश के महिला संघ की नेता ने कहा कि सेवा केंद्र के निर्माण से महिलाओं और बच्चों के हितों की रक्षा करने और महिला व बच्चों की सेवा में सुधार लाने के लिए महत्वपूर्ण है। इस केंद्र में महिलाओं को परामर्श, विवाह परामर्श, मंगनी, कानूनी सहायता और गृह व्यवस्था आदि परामर्श सेवाएँ तैयार की जाएंगी। महिला और कॉलेज छात्रों को यहां से व्यवसाय शुरू करने के लिए सूचनाएं प्राप्त हो सकेगी और बच्चों के थिएटर में कुल मिलाकर 350 बच्चे बैठकर नाटक और सांस्कृतिक शो का दर्शन कर सकेंगे। और यहां महिला और बाल की गतिविधियों से केंद्रित एक सांस्कृतिक और कलात्मक स्थल बनेगा।

उधर शिक्षा के विकास में महिलाओं का शिक्षा स्तर पुरुषों के बराबर हो गया है। महिलाओं और बच्चों में शिक्षा का प्रसार साबित है। आंकड़े बताते हैं कि तिब्बत स्वायत्त प्रदेश में अब तक कुल 2400 स्कूल स्थापित हैं। पूर्वस्कूली शिक्षा की भर्ती दर 70.87% तक पहुंच गई है जबकि प्राइमरी स्कूलों की भर्ती दर 99.5% तक रही है। मिडिल स्कूल और उच्च स्तरीय शिक्षालयों में महिलाओं का अनुपात भी पचास प्रतिशत तक जा पहुंचा है। उधर महिलाओं के रोजगार और उद्यमिता का समर्थन करने के लिए तिब्बत स्वायत्त प्रदेश के महिला विकास संघ आदि संगठनों ने "महिला माइक्रो होम" मुहिम चलायी। जिसमें महिलाओं को कानून एवं स्वास्थ्य की सेवा करने और मनोवैज्ञानिक तथाभावनात्मक परामर्श देने की मदद प्रदान की जाती है।

उधर तिब्बत स्वायत्त प्रदेश के महिला संघ के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि आज तिब्बती महिलाओं और बच्चों के विकास वातावरण में भारी परिवर्तन आया है। महिलाओं और बच्चों के अस्तित्व और विकास के लिए पारिवारिक और सामाजिक वातावरण में उल्लेखनीय सुधार नजर आया है। अब तिब्बत में महिलाओं का समादर और बच्चों का संरक्षण करने की अच्छी सामाजिक माहौल संपन्न हो गयी है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1959 में तिब्बती सुधार से पहले भू-दास व्यवस्था के अधीन में रही तिब्बती महिलाओं को राजनीतिक, धार्मिक और पति के अधिकार से उत्पीड़ित किया गया था। गरीब महिलाएं समाज के निम्न स्तरीय क्लास में रहती थीं। लोकतंत्रीय सुधार होने के बाद तिब्बती महिलाओं ने ऐतिहासिक मुक्ति और प्रगति हासिल की है। और उन्हें सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और पारिवारिक जीवन में पुरुषों के साथ समान अधिकार प्राप्त हैं। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक सुधार होने के बाद तिब्बत में महिलाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका अदा करना शुरू किया है। उन में महिला गायक, महिला ट्रैक्टर ड्राइवर, महिला टेलीग्राफर, महिला उद्घोषक और महिला पर्वतारोही आदि सब शामिल हैं। आर्थिक और सामाजिक विकास के चलते तिब्बत में महिला डॉक्टर, महिला प्रोफेसर, महिला वकील, विश्व स्तरीय महिला कुश्ती चैंपियन विजेता तथा महिला नौसैनिक आदि भी सामने आ गयी हैं। सरकार के आंकड़ों के मुताबिक तिब्बत में महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य में बहुत सुधार हुआ है। गर्भवती महिलाओं और प्रसूता महिलाओं की मृत्यु दर सन 1951 की 5 000 प्रति लाख से 56.52 प्रति लाख तक गिर गई है। शिशुओं की मृत्यु दर भी 430 प्रति हजार से घटकर 11.59 प्रति हजार तक गिर गई है।

उधर महिलाओं के स्वास्थ्य में उच्च तकनीक का इस्तेमाल भी किया जा रहा है। हाल ही में तिब्बत के शाननान प्रिफेक्चर के मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य अस्पताल में एआई तकनीक + क्लाउड निदान प्रयोगशाला स्थापित हो गया है। इससे यह जाहिर है कि तिब्बती पठार पर भी कैंसर जांच के लिए एआई तकनीक का प्रचार होने लगा है। असंख्यक महिलाओं को इस तकनीक के प्रयोग से लाभ मिलेगा। यह केंद्र शाननान शहर और वुहान शहर द्वारा संयुक्त रूप से स्थापित किया गया है। इस प्रणाली में इंटरनेट के माध्यम से रोगियों के सेल नमूना की छवियों को क्लाउड निदान प्लेटफॉर्म पर भेजा जाता है। एआई प्रणाली स्वचालित रूप से निदान करेगा, और इस के बाद वैज्ञानिक दूर से नैदानिक परिणामों की समीक्षा करेगा। अंततः रोगी मोबाइल फोन से परीक्षण रिपोर्ट प्राप्त कर सकेगी। इससे पहले देश के दूसरे प्रांतों में ऐसी प्रणाली का इस्तेमाल किया जा गया है। शाननान शहर के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार आम तौर पर महिला रोगी अस्पताल में यह जांच करवाने के लिए एक महीने का समय चाहिये। एआई तकनीक के इस्तेमाल से क्लाउड प्लेटफार्म के जरिये चिकित्सा संसाधन का साझा किया जाएगा और निदान की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा।

"स्वस्थ तिब्बत" विचारधारा का प्रसार-प्रचार

लोकतांत्रिक रुपांतर से पहले तिब्बत में लोगों की औसत जीवन प्रत्याशा 35.5 वर्ष रही थी। साठ साल के बाद वह 70.6 वर्ष तक जा पहुंची है। और इससे यह भी जाहिर है कि तिब्बत में सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यों का उल्लेखनीय विकास किया गया है।  

तिब्बत स्वायत्त प्रदेश के वरिष्ठ अफसर के अनुसार शांतिपूर्ण मुक्ति के बाद तिब्बत में चिकित्सा व स्वास्थ्य कार्यों का उल्लेखनीय विकास किया गया है। अब स्वास्थ्य सेवा का सभी देहातों और चरागाह क्षेत्रों में फैलाव हो गया है। मिसाल के तौर पर शांतिपूर्ण मुक्ति से पहले शिगात्से शहर में विदेशियों से चलित केवल दो अस्पताल थे। देहातों में पारंपरिक चिकित्सक रोगियों का इलाज देते थे। लेकिन भू-दासों को कोई चिकित्सा सेवा की प्राप्ति नहीं हो सकती थी। सन 1960 के दशक में तिब्बत स्वायत्त प्रदेश में काउंटी स्तरीय चिकित्सालय, रोग रोकथाम और नियंत्रण केंद्र तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य अस्पताल स्थापित किये गये। अभी तक प्रदेश, शहर, काउंटी, टाउनशिप और गांव पांच स्तरों को कवर करने वाले चिकित्सा सेवा नेटवर्क का गठन किया गया है। आंकड़े बताते हैं कि वर्तमान में स्वायत्त प्रदेश में कुल 1548 चिकित्सालय स्थापित हो गये हैं जिन में 16787 बिस्तर और 24018 कर्मचारी कार्यरत हैं। अधिकांश टाउनशिप स्तरीय चिकित्सालयों तथा 38 प्रतिशत गांव स्तरीय क्लीनिक में पारंपरिक तिब्बती चिकित्सा की सेवा मिल पाती है।

शांतिपूर्ण मुक्ति से पहले तिब्बत में केवल कई सौ चिकित्सक थे। अधिकांश लोगों को चिकित्सा सेवा नहीं प्राप्त हुई थी। शांतिपूर्ण मुक्ति के बाद सरकार ने तिब्बत के किसानों व चरवाहों को नि: शुल्क चिकित्सा नीति कायम की। स्वायत्त प्रदेश की सरकार ने चिकित्सा सेवा में सुधार लाने के लिए निरंतर निवेश लगा दिया। अब तिब्बत में फैमिली डॉक्टर की सेवा भी शुरू होने लगी है। फोन कॉल के जरिये ही फैमिली डॉक्टर रोगियों के घर में रक्तचाप और जलसेक की जैसी सेवा प्रदान करने आ सकते हैं। अभी तक पूरे स्वायत्त प्रदेश में फैमिली डॉक्टर की कवरेज दर 52.91% तक जा पहुंची है। उधर तिब्बत के शहरों और देहातों में लोगों में बुनियादी चिकित्सा बीमा की भागीदारी दर 95 प्रतिशत तक जा पहुंची है। सभी नागरिकों को कवर करने का बुनियादी चिकित्सा सेवा नेटवर्क स्थापित हो चुका है। वर्ष 2015 से केंद्र सरकार ने तिब्बत की चिकित्सा सहायता देने के लिए बड़े पैमाने पर चिकित्सकों का संगठन किया है। उन्होंने तिब्बत में स्थानीय चिकित्सा शक्ति के प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया है। उन की सहायता से 877 स्थानीय डॉक्टर स्वायत्त प्रदेश के अस्पतालों में मुख्य बल बन गए हैं। बहुत से स्थानीय डॉक्टर स्वतंत्र रूप से ऑपरेशन कर सकते हैं।

 

शेयर

सबसे लोकप्रिय

Related stories