कामरेड खूं फ़ैन सेन के जैसे श्रेष्ठ कार्यकर्ता न्गावां चोन्यी

2019-07-29 14:30:19
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चीनी कम्युनिस्ट पार्टी ने तिब्बत की मुक्ति और विकास के लिए भरपूर कोशिश की है और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के अनेक सदस्यों ने इस पवित्र स्थल में अपनी जान को निछावर की है। उनमें कामरेड खूं फ़ैन सेन की कहानी देश भर में लोकप्रिय है। उन की असाधारण कहानियों से स्थानीय कार्यकर्ताओं पर भी प्रभाव डाला गया है।

तिब्बती कार्यकर्ता न्गावां चोन्यी, जो कामरेड खूं फ़ैन सेन के साथ साथ काम किया करते थे, ने खूंग फ़ैन सेन की भावना के मुताबिक तिब्बती जनता के कल्याण को बढ़ाने में जीजान से काम किया और अंततः अपनी जान बलिदान की। तिब्बत स्वायत्त प्रदेश के स्थानीय लोगों में न्गावां चोन्यी को कामरेड खूं फ़ैन सेन के जैसे बढ़िया कार्यकर्ता के रूप में सम्मानित किया गया है।

सन 1978 में तिब्बत स्वायत्त प्रदेश के जातीय कालेज से स्नातक होने के बाद न्गावां चोन्यी ने शिगात्ज़े प्रिफेक्चर की कामबा काउंटी में काम करना शुरू किया। कामबा की ऊंचाई समुद्र तल से 4700 मीटर होती है। उस समय कामबा काउंटी में बिजली की आपूर्ती भी नहीं हुई थी। काउंटी की केवल एक मोटर गाड़ी और तीन घोड़े थे। खराब प्राकृतिक वातावरण और कठिन जीवन स्थिति से न्गावां चोन्यी पर गहरी छाप लगी। उन्होंने अपने प्रयास से कामबा के परिवर्तन के लिए योगदान पेश करना सोचा। सर्वप्रथम उन्होंने कामबा में कृषि उत्पादन को उन्नत करने का प्रयास किया। न्गावां चोन्यी ने पशु पालन करने के फार्म में गोबर की खाद एकत्रित करने में पूरा साल काम किया। और कृषि की खेती में इन खाद का इस्तेमाल करने से उत्पादन की स्पष्ट वृद्धि साबित हुई।

सन 1979 में कामरेड खूं फ़ैन सेन कामबा काउंटी में पार्टी कमेटी के उप सचिव के रूप में काम करने आये। उन की मदद के लिए न्गावां चोन्यी कामरेड खूं फ़ैन सेन का सहायक बना। इसके बाद के दो सालों में न्गावां चोन्यी कामरेड खूं फ़ैन सेन के साथ कामबा काउंटी के सभी फार्मलैंड और घास के मैदान का दौरा किया। कामरेड खूं फ़ैन सेन ने अकसर गरीब किसानों के घर में उन के साथ बातचीत की थी। उन की गरीब स्थितियों को देखकर कामरेड खूं फ़ैन सेन को दुःख हुआ। उन्हों ने अपने खुद के पैसे से गरीब किसानों के लिए बीमारियों का उपचार करवाया और यहां तक कि अपना लंच भी गरीब लोगों को दिया। कामरेड खूं फ़ैन सेन ने जो किया था, उन सब की न्गावां चोन्यी ने देखकर दिल में याद की थी। उन्हों ने ऐसा सोचा कि कम्युनिस्ट पार्टी का सदस्य होने के नाते ऐसा करना ही चाहिये। उन्हों ने कहा कि कामरेड खूं फ़ैन सेन कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा भेजा गया अच्छा कार्यकर्ता है। इन के साथ काम करते हुए मुझे साफ लगा है कि कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्य की गुणवत्ता क्या है। कामरेड खूं फ़ैन सेन के साथ दो सालों के लिए काम करने से न्गावां चोन्यी को जिन्दगी भर की छाप छोड़ी गयी है।

इस के बाद न्गावां चोन्यी ने सरकारी संस्था और दूसरे पद पर काम किया। वे हमेशा कामरेड खूं फ़ैन सेन को उदाहरण के रूप में लेकर जनता के हितों के लिए अथक प्रयास किया। सन 1992 में न्गावां चोन्यी को चीनी कम्युनिस्ट पार्टी का सदस्य बना। उन्होंने संकल्प किया, कि मैं सचिव खूंग के जैसे जनता की सेवा में जिन्दगी भर काम करूंगा। न्गावां चोन्यी ने हमेशा कामरेड खूं फ़ैन सेन के साथ खींचे फोटो अपने पास रखकर कामबा काउंटी के भिन्न भिन्न पदों पर काम किया। चालीस सालों में कामबा काउंटी का भारी परिवर्तन आया है। काउंटी में सभी जगह सड़कें निर्मित हैं, हरेक घर में टीवी और मोटर गाड़ी सुरक्षित हैं, बिजली की पर्याप्त आपूर्ति की जा रही है, सभी लोगों ने मोबाई फोन का इस्तेमाल करना शुरू किया है। न्गावां चोन्यी ने कहा कि यही कामरेड खूं फ़ैन सेन की उम्मीद है, यानी कि कामबा काउंटी के लोगों को सुखमय जीवन दिलाया जाएगा।

न्गावां चोन्यी भूदास के संतान हैं। कालेज़ में से स्नातक होने और कार्यकर्ता बनने के बाद भी उन्होंने अपने मूल को नहीं भूला। जनता की सेवा करने का विचार हमेशा उन के दिल में रहा था। मिसाल के तौर पर कामबा काउंटी में हान जातीय डॉक्टर द्वारा संचालित एक क्लीनिक था। न्गावां चोन्यी अकसर अनुवाद की मदद के लिए इस क्लीनिक में जाते थे। जब गरीब बीमार आदमी से मिले, तो न्गावां चोन्यी ने अकसर अपने पैसे से भुगतान किया। वर्ष 2005 में कामबा काउंटी में रहने की एक दंपत्ति झगड़ा हुई और दोनों का तलाक हुआ। न्गावां चोन्यी ने सोचा कि तलाक होने से बच्चों को भारी क्षति पहुंचेगी। इसलिए उन्हों ने बार बार इस दंपत्ति के घर में जाकर उन्हें समझा-बुझाने का प्रयास किया। अंततः इन दोनों का पुनर्विवाह हुआ। ऐसी कहानियां और बहुत हैं। न्गावां चोन्यी ने अपनी ईमानदारी से बहुत से लोगों की मदद की। न्गावां चोन्यी का घर काउंटी नगर के सबसे दूर जगह में स्थित है। उन के सभी पड़ोसियों ने पहाड़ के नीचे अपना मकान निर्मित किया है। पर न्गावां चोन्यी ने ऐसा करना नहीं चाहा। और वर्ष 1991 में निर्मित उन के पुराने मकान में फर्नीचर आदि भी पुराना है। एक टीवी सेट के अलावा दूसरे घरेलू बिजली उपकरण भी नहीं है। न्गावां चोन्यी की पत्नी को नौकरी नहीं है। घर में केवल न्गावां चोन्यी को तनख्वाह मिलता था। लेकिन उन्होंने अपनी पत्नी को सरकारी संस्था में नौकरी दिलाने से इनकार दिया और कहा कि नौकरी करने का मौका सर्वप्रथम दूसरे लोगों को देना चाहिये। न्गावां चोन्यी ने अकसर अपने बच्चों को बताया कि हमारा सुखमय जीवन पार्टी और सरकार द्वारा दिया गया है। हमें पार्टी और मातृभूमि के प्रति कृतज्ञता महसूस करनी चाहिये।

न्गावां चोन्यी हमेशा दूसरे लोगों के लिए उदार और सहायक थे, पर खुद को बहुत मितव्ययी रहे। पर अपने जीवन में उसने पैसे बचाने की हरसंभव कोशिश की। वर्ष 2002 में न्गावां चोन्यी रिटायर हुए। पर उन्होंने अकसर दूसरों से कहा कि मैं चीनी कम्युनिस्ट पार्टी का सदस्य हूं। रिटायर होने के बावजूद सक्रियता से काम करूंगा। न्गावां चोन्यी ने पार्टी के महासचिव शी चिनफिंग और दूसरे पार्टी नेताओं के ग्रंथ सीखते रहे। उन का जीवन नारा ऐसा होता था कि "पुराने तक जियो, पुराने तक सीखो"। अवकाश के समय न्गावां चोन्यी ने मेहनती से पार्टी की विचारधारा, दस्तावेज़ और कानून पुस्तक का अनुसंधान किया। उन की नेत्र बीमारी हुई। पत्नी अकसर उनके लिए पुस्तक पढ़ती थी। इधर के वर्षों में न्गावां चोन्यी ने पत्नी की मदद में पार्टी की विचारधारा समेत बहुत सी सिद्धांत पुस्तकें पढ़ीं और बहुत नोट लिखा। रिटायर होने के बाद उन्होंने अपने सहपाठियों को बताया कि मैं हमेशा कम्युनिस्ट पार्टी का सदस्य रहूंगा, मैं कामबा के विकास के लिए सलाह और सुझाव पेश करूंगा। घर वापस होने के बाद न्गावां चोन्यी ने अपने पुराने सहपाठियों के साथ एक दल स्थापित किया, जो सार्वजनिक सुरक्षा, चिकित्सा, यातायात और पारिवारिक झगड़ा आदि सब से निपटारा करता है। दल के सदस्यों की संख्या भी तीन से 16 तक बढ़ गयी है। उन्होंने पार्टी की 18वीं और 19वीं राष्ट्रीय कांग्रेस के सिद्धांत सीखने,“नये और पुराने तिब्बत की तुलना में" तथा "समाजवाद का मूल नैतिक मूल्य" आदि प्रसारण गतिविधियों में भाग लिया। न्गावां चोन्यी ने सरकारी संस्था, स्कूल, ग्रामीण क्षेत्रों और मंदिरों सब जगह का दौरा किया और वे हमेशा पार्टी के सिद्धांत प्रसारित करने में व्यस्त रहे। न्गावां चोन्यी ने हमेशा अपनी कहानियों से लोगों में प्रसारण किया करते थे। उन का बयान तिब्बती लोगों को बहुत पसंद था। केवल इधर दो तीन सालों में न्गावां चोन्यी ने शिगात्ज़े शहर के लोगों के लिए आयोजित तीस से अधिक रैलियों में भाषण दिया। और स्कूल, ग्रामीण क्षेत्रों और मंदिरों में 70 से अधिक बार प्रसारण किया। कुल चालीस हजार लोगों ने उन का बयान सुना।

राजनीतिक प्रसारण करने के अतिरिक्त न्गावां चोन्यी ने प्राकृतिक वातावरण के संरक्षण के लिए भी योगदान पेश किया। उन्हों ने अपने पुराने सहपाठियों के साथ साथ कामबा काउंटी के नगर में बोये गये पेड़ों की देखभाल की और वनरोपण मुहिम में सक्रियता से भाग लिया। बीते चालीस सालों में अपने असाधारण योगदान के लिए न्गावां चोन्यी को "चीनी कम्युनिस्ट पार्टी का श्रेष्ठ सदस्य", "सार्वजनिक सुरक्षा कार्यों में मददगार व्यक्ति", "पार्टी निर्माण के लिए विशेष योगदान पुरस्कार", "शिगात्से में सबसे सुंदर व्यक्ति", "सामाजिक शिक्षा कार्य में उत्कृष्ट व्यक्ति" और "अच्छे चीनी लोग सूची" आदि दर्जनों पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। लेकिन दीर्घकाल तक कठोर काम करने से न्गावां चोन्यी दुर्भाग्यवश लीवर कैंसर और पेट व गुर्दे की गंभीर बीमारियों से पीड़ित हुए। पर उन्होंने कहा कि पार्टी और जनता ने मुझे इतना सम्मान सौंप दिया है, मैं जनता की सेवा में अंत तक काम करूंगा। अपने निधन से आधे महीने पहले न्गावां चोन्यी ने कामबा काउंटी के नेताओं को पत्र लिखकर काउंटी के कामकाजों में सुधार लाने के लिए सुझाव पेश किया।

सन 2019 के जून में न्गावां चोन्यी का निधन कामबा काउंटी में हुआ। उन की अंत्येष्टि काउंटी के एक ऊंचे पहाड़ में हुई। उन की आशा है कि वे अपनी आंखों से अपनी जन्मभूमि के निरंतर विकास और प्रगतियां देख पाएंगे।



कामरेड खूं फैन सेन का चलता-फिरता मेमोरियल हॉल

कामरेड खूं फैन सेन की भावना का प्रसारण करने के लिए इन का चलता-फिरता मेमोरियल हॉल आयोजित हुआ। प्रदर्शनी सन 2013 के सिंतबर से कामरेड खूं फैन सेन की जन्मभूमि यानी शानतुंग प्रांत से शुरू होकर राजधानी पेइचिंग, शानक्सी, च्यांगशी, सछ्वान और तिब्बत आदि प्रांतों तक आयोजित की जा चुकी है। मेमोरियल हॉल के प्रमुख काउ पीन ने कहा कि कामरेड खूं फैन सेन का मेमोरियल हॉल चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के सिद्धांत का प्रसारण करने वाले कार्यं में से एक भाग है। अभी तक कुल दो करोड़ लोगों ने इस मेमोरियल हॉल का दौरा किया है। और संबंधित प्रदर्शनी सरकारी संस्थाओं, सैनिक शिविर और समुदायों में भी आयोजित की गयी है। मेमोरियल हॉल के कार्यकर्ताओं ने भी बाहर जाकर दूसरे क्षेत्रों के हजारों कम्युनिस्ट पार्टी सदस्यों, कार्यकर्ताओं और युवाओं को रिपोर्ट दी है।

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