सिचुआन-तिब्बत राजमार्ग के तटस्थ क्षेत्रों में

2019-05-10 16:01:31
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सिचुआन-तिब्बत राजमार्ग के तटस्थ क्षेत्रों में

सिचुआन-तिब्बत राजमार्ग चीन के सिचुआन प्रांत से तिब्बत स्वायत्त प्रदेश तक जाने वाला महत्वपूर्ण राजमार्ग है। इस मार्ग के निर्माण से बहुत से निर्माताओं की मेहनती और कठोर प्रयास जाहिर है। आज के सिचुआन-तिब्बत राजमार्ग में बहुत से ऊंचे ऊंचे पुल और चौड़ी चौड़ी सुरंग नज़र आये हैं। और बहुत से लोग अपनी मोटर गाड़ी चलाकर भीतरी इलाकों से तिब्बत का दौरा करने जा रहे हैं। इस सुखमय मार्ग के निर्माण से तटस्थ लोगों के जीवन में स्पष्ट सुधार लाया गया है।

सिचुआन प्रांत के गार्ज़े तिब्बती स्वायत्त स्टेट के अधीन लूतींग काउंटी में स्थित एकता गांव नम्बर 318 राजमार्ग के पास एक बहुत सुन्दर गांव है। लेकिन पहले के समय गांव वासियों का जीवन मुश्किल रहता था। इधर से बाहर तक जाने वाली यातायात भी बेचारी रहती थी। उस समय गांववासी मुख्य रूप से मकई जैसी फसलें बोने पर निर्भर रहते थे। उन की आय भी बहुत कम थी। इधर के वर्षों में गांववासियों ने मशरूम और चेरी आदि ऊंचे मूल्य वाली फसलों का रोपण शुरू किया है। किसानों की आय में भी बहुत बढ़ गयी है। इस गांव के मुखिया चाओ ज़ू श्यांग ने कहा,“वर्ष 2012 में हमारे एकता गांव में लोगों की वार्षिक आय औसतन केवल दो हजार युआन रहता था। वर्ष 2017 में यह संख्या साढ़े 12 हजार युआन तक रहा है। और आज हमारे गांव में लोगों की औसत वार्षिक आये पंद्रह हजार युआन तक रही है।”

आर्थिक विकास के चलते एकता गांव को "राष्ट्रीय सभ्यता गाँव", "चेरी प्रदर्शन गाँव" और "प्रति व्यक्ति दस हजार युआन की शुद्ध आय गांव" की सम्मानित उपाधियों से समर्पित किया गया है। इस के साथ ही मशरूम बोने से किसानों की आय को बहुत उन्नत की गयी है। गांव के मुखिया ने कहा कि एकता गांव अपना प्रयास जारी रखेगा। इस के बाद वे पारंपरिक दवा बनाने के लिए उपयोगी जड़ी बूटियों का रोपण करेंगे।

गार्ज़े तिब्बती स्वायत्त स्टेट की याज्यांग काउंटी का रीकी गांव भी नम्बर 318 राजमार्ग के तट पर स्थित है। जहां उत्पादित मात्सुतके मशरूम चीन और दूसरे देशों के बाजार में सुप्रसिद्ध है। वर्ष 2013 में चीनी खाद्य कवक संघ ने याज्यांग काउंटी को "मात्सुतके मशरूम की भूमि" का नाम दिया। लेकिन मात्सुतके मशरूम की कृत्रिम खेती करना बहुत मुश्किल है। इसी स्थिति में याज्यांग काउंटी ने मात्सुतके मशरूम पार्क स्थापित कर खाद्य कवक का उत्पादन करने का उद्योग कायम किया। जिससे किसानों और चरवाहों को रोजगार का मौका तैयार किया गया। याज्यांग काउंटी के ग्रामीण तकनीक ब्यूरो के प्रधान ल्यू डी वा ने कहा,“मात्सुतके मशरूम का उत्पादन केवल जून से सितंबर माह तक किया जाता है। दूसरे अवधि में हम भीतरी इलाकों के कारोबारों के साथ सहयोग कर खाद्य कवक का उत्पादन करते हैं। हमारे यहां का मौसम और मिट्टी खाद्य कवक बोने के लिये सही है।”

याज्यांग काउंटी में स्थापित खाद्य कवक उत्पादन अड्डे में तिब्बती विशेषता और "मूल्य विशेषता" दिखती रही है। मात्सुतके मशरूम को छोड़कर दूसरे किस्म के मशरूम भी बोये जाते हैं। याज्यांग काउंटी में विशेष उद्योगों के विकास से किसानों को अमीर बनाने का रास्ता खोला गया है। उधर तीन हजार की ऊंचाई पर स्थित बाथांग काउंटी के सूंगत्वो गांव को ग्रीनहाउस में सब्ज़ियों का रोपण करने वाला आधार माना जाता है। बाथांग काउंटी का मौसम पर्याप्त धूप होने के कारण सब्जियों और फलों का रोपण करने के लिए सही है। सेब, अखरोट, हनी और मात्सुतके मशरूम का प्रचुर उत्पादन होता है। इस के अतिरिक्त यहां आलू, चीनी गोभी और लहसुन जैसी पारंपरिक सब्जियों का उत्पादन आधार भी माना जाता है। लेकिन काउंटी नगर में जो सब्जियों की आपूर्ति है, वह भीतरी इलाकों से निर्भर है, और उन सब्जियों का दाम भी ऊँचा है। स्थानीय सब्जियों की आपूर्ति को बढ़ाने के लिए वर्ष 2018 में बाथांग काउंटी के कृषि विकास कंपनी ने हरित सब्जी पार्क का निर्माण किया। अभी तक यहां पचास से अधिक ग्रीन हाउस रखे हुए हैं। इनमें से उत्पादित सब्जियों और फलों का बाजार में प्रवेश होने लगा है। चेरी टमाटर जैसी सब्जियां स्थानीय बाजारों में लोकप्रिय हैं। इस कंपनी के मेनेजर मंग फैन छ्यांग ने कहा,“अब हमारे ग्रीन हाउस में चेरी टमाटर, खीरा, घिया, तोरी, बैंगन, मिर्च और अजवाइन आदि अनेक सब्जियों का उत्पादन हो रहा है। जो काउंटी के बाजारों की आपूर्ति कर रही हैं।”

ग्रीन हाउस सब्जी आधार का निर्माण होने के बाद बाथांग काउंटी में लोगों की सब्जी आपूर्ति की समस्या को हल किया गया है। लोग हर रोज़ ताज़ी सब्जियां खा सकते हैं। लेकिन बाथांग काउंटी के पड़ोसी लीथांग काउंटी की ऊँचाई चार हजार मीटर तक होती है। जहां लोगों की सब्जी आपूर्ति करना और मुश्लिक है। 4300 मीटर ऊंचे लीथांग नगर को "आकाश का नगर" बताया जाता है। वहां के कांगज़ांग सूरज फ़ार्म के निर्देशक सू यूंग गेन ने कहा कि लीथांग काउंटी में पठारी जलवायु, ताजी हवा, गैर-प्रदूषणकारी मिट्टी, साफ पानी और पर्याप्त धूप जैविक प्राकृतिक कृषि उत्पादों का उत्पादन करने की श्रेष्ठता दिखती रही है। अपनी विशेषता का प्रयोग करने के लिए लीथांग काउंटी ने आधुनिक कृषि तकनीक के जरिये कृषि विकास का नया मोड स्थापित किया। लीथांग काउंटी के ग्रीन हाउस आधार में तरबूज, चेरी टमाटर, फल ककड़ी और हरी मिर्च आदि का उत्पादन किया जा रहा है, जबकि पहले समय यहां केवल गोभी, मूली और आलू आदि बोये गये थे। वर्ष 2018 में इस काउंटी के ग्रीन हाउस आधार में नये किस्म वाली सब्जियों का उत्पादन मूल्य 65 लाख युआन तक रहा। यहां से उत्पादित सब्जियों का बड़े शहरों के बाजारों में भी प्रवेश होने लगा है। लीथांग काउंटी के आधुनिक कृषि योजना के जिम्मेदार अफसर यांग ची ह्वा ने कहा, “हमारे यहां उत्पादित चेरी टमाटर आज छंग तु जैसे बड़े शहर के शॉपिंग मॉल भी बेचाया गया है। प्रति सप्ताह में यहां से तीन से पाँच टन चेरी टमाटर का छंग तु शहत तक पहुंचाया जाता है। वहां के बाजार में हमारे उत्पादों का बहुत स्वागत किया जा रहा है।”

लीथांग काउंटी में पठार की कृषि के विकास से उच्च गुणवत्ता का आर्थिक विकास करने की कहानी सुनायी जाती है। इस की उपलब्धियों से लोगों को काफी प्रेरित किया गया है। यांग ची ह्वा ने आगे कहा,“अब हम ने आधुनिक कृषि की नींव डाली है। इस का उद्देश्य है कि भविष्य में जब सिचुआन-तिब्बत हाई स्पीड रोड को प्रशस्त बनाया जाए, तब तो हमारे उत्पादों को और अधिक शहरों तक बेचाया जाएगा। इसलिए हमारे कारोबार पठार पर आधुनिक कृषि के विकास के प्रति काफी विश्वस्त हैं।”  

सिचुआन-तिब्बत राजमार्ग के तटस्थ क्षेत्रों में आधुनिक कृषि या उच्च तकनीक के माध्यम से गरीबी उन्मूलन का लक्ष्य साकार करने की अनेक कहानियां सुनती हैं। सभी क्षेत्रों में लोग अपनी स्थितियों के मुताबिक खुशहाल जीवन के लिए कोशिश कर रहे हैं। उम्मीद है कि सिचुआन-तिब्बत राजमार्ग के तटस्थ क्षेत्रों में सभी लोगों की अपने सुखमय जीवन के लिए कोशिश करने की स्वप्न साकार हो सके।

 

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