तिब्बत में वृद्ध सेवा से संबंधित कार्यों में सुधार

2019-04-25 16:28:46
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तिब्बत में वृद्ध सेवा से संबंधित कार्यों में सुधार

हाल ही में तिब्बत स्वायत्त प्रदेश की सरकार ने बूढ़ापे की देखभाल की सेवा में अधिक सुधार लाने के प्रति एक दस्तावेज़ तैयार की है जिसके मुताबिक तिब्बत में बूढ़ों की सेवा में अधिक सुधार लाया जाएगा।

तिब्बत स्वायत्त प्रदेश के नागरिक मामले के विभाग के एक वरिष्ठ पदाधिकारी के अनुसार प्रदेश में बूढ़ों की देखभाल सर्विस का निरंतर विकास किया जा रहा है। वर्ष 2018 के अंत तक स्वायत्त प्रदेश में कुल 97 वृद्धाश्रम रखे हुए हैं जिनके पास 11783 पलंग उपलब्ध हैं। राजधानी ल्हासा और शाननान आदि शहरों में वृद्धाश्रमों का आधुनिकीकरण भी लगातार किया जा रहा है। इस के अतिरिक्त तिब्बत में बूढ़ों की देखभाल में मेडिकल सर्विस भी शामिल कराना शुरू किया गया है। ऐसा प्रयोगात्मक काम अनेक क्षेत्रों में शुरू होने लगा है। वर्ष 2018 के अंत में "तिब्बती फूकांग चिकित्सा एवं बूढ़ों की देखभाल केंद्र" की स्थापना की गयी। जो बूढ़ों की देखभाल करने के अतिरिक्त चिकित्सा सेवा भी प्रदान कर सकता है। इस तरह बूढ़े लोग वृद्धाश्रम में रहते ही चिकित्सा सेवा भी ले सकते हैं और उन्हें पेशेवर और व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकती हैं। वर्ष 2019 में तिब्बत में वृद्ध सेवा से संबंधित कार्यों को बढ़ाया जाएगा, और वृद्ध सेवा एजेंसी के लिए स्थानीय मानक तैयार किया जाएगा। स्वायत्त प्रदेश के नागरिक मामलों के विभाग में कार्यरत एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि वर्ष 2019 में तिब्बत की वृद्ध देखभाल से संबंधित 18 मानक बनाने में 45 लाख युआन की पूंजी डाली जाएगी। इस पदाधिकारी का कहना है कि बूढ़ों की सर्विस के बाजार को खोलने के संदर्भ में विशेष अनुसंधान का काम भी किया जाएगा। स्वायत्त प्रदेश के कर्मचारी दूसरे प्रांतों में उन्नतिशील अनुभव सीखेंगे और साथ ही वे ग्रामीण और चरागाह क्षेत्रों की वास्तविक जरूरतों की जांच-पड़ताल करने जाएंगे। ताकि स्वायत्त प्रदेश में वृद्ध सेवा की ठोस स्थितियों के अनुसार यह काम अच्छी तरह कर सकें।

उधर ल्हासा शहर में बूढ़ों की देखभाल करने की सर्विस व्यवस्थाएं कायम हो गयी हैं। ल्हासा शहर के वृद्ध सर्विस ऑफिस के अनुसार वर्ष 2017 के अंत तक ल्हासा शहर की जनसंख्या छह हजार 65 हजार तक जा पहुंची। उन में दस प्रतिशत भाग यानी 52 हजार लोगों की उम्र साठ साल के ऊपर तक रही है। आंकड़े बताते हैं कि ल्हासा शहर एक बुढ़ापा शहर बन गया है। 52 हजार से अधिक बूढ़ों की देखभाल करने की फौरी जरूरत सामने आयी है। इधर के वर्षों में ल्हासा शहर के नागरिक मामले विभाग ने पार्टी की नीतियों के अनुसार वृद्ध सेवाओं में सुधार लाने की कोशिश की। आज ल्हासा शहर में वृद्ध सेवा से संबंधित उपकरणों का सुधार आने के साथ साथ नयी शैली वाली व्यवस्था भी कायम होने लगी है जिसमें बूढ़ों की देखभाल और उन का उपचार करने वाली सर्विस भी प्राप्त हो सकती है। लेकिन जनसंख्या में बूढ़े लोगों की मात्रा बढ़ने के कारण वृद्ध सेवा लेने की फौरी जरूरत भी सामने आयी है। अभी तक ल्हासा शहर में वृद्धाश्रम की मात्रा काफी नहीं है। बड़े शहर को छोड़कर तिब्बत स्वायत्त प्रदेश की काउंटियों में वृद्धाश्रम कम हैं। और एक बात है कि मौजूदा वृद्धाश्रमों के कर्मचारियों का पेशेवर प्रशिक्षण भी काफी नहीं है और उन का सेवा स्तर भी उन्नत नहीं है। पूरे प्रदेश में निजी वृद्ध सेवाओं की तलाश भी की जा रही है ताकि नयी स्थितियों की जरूरतों को पूरा किया जा सके।

अब ल्हासा शहर की सरकार ने 70 साल से अधिक आयु के सभी बूढ़ों को स्वास्थ्य सब्सिडी प्रदान करना शुरू किया है। इस तरह ल्हासा शहर में बूढ़ों के बुनियादी जीवन की गारंटी की जाएगी। इस के साथ ही ल्हासा शहर में सामाजिक वृद्ध सेवाओं का विकास भी किया गया है जो मौजूदा वृद्धाश्रम के साथ सहयोग करने वाले हैं। ल्हासा शहर के बूढ़ापे कार्यालय के एक वरिष्ठ पदाधिकारी का कहना है कि शहर में रहने वाले लोगों के लिए सामाजिक वृद्ध सेवा लेने का विचार नहीं है। इसलिए हमें इस के संदर्भ में अधिक प्रसार करना चाहिये। भविष्य में हम ल्हासा शहर तथा विभिन्न काउंटियों में बुढ़ापे संघ की स्थापना की जाएगी। और भिन्न भिन्न किस्म वाली गतिविधियों के आयोजन से बूढ़ों का सम्मान करने वाला सामाजिक माहौल उत्पन्न किया जाएगा। उधर ल्हासा शहर में सभी सेवानिवृत्ति लोगों के लिए पेंशन बीमा फीस का भुगतान करने का काम भी किया जा रहा है। ल्हासा शहर के सामाजिक बीमा प्रबंधन केंद्र के प्रधान हू चैन के अनुसार स्वायत्त प्रदेश में वे बुजुर्ग, जो निर्धारित सेवानिवृत्ति की आयु तक पहुंचे हैं, एक मुश्क में पेंशन बीमा फीस का भुगतान कर सकते हैं। भुगतान की राशि इन बुजुर्ग लोगों और उनकी कंपनियों के द्वारा साझा किया जाएगा। सरकार की उत्तम नीतियों से तिब्बत स्वायत्त प्रदेश में रहने वाले बूढ़ों को सुखमय महसूस कराया गया है। कुछ समय पूर्व की गयी एक जनमत ग्रहण के मुताबिक स्वायत्त प्रदेश में अत्याधिकांश बूढ़ापे लोगों को अपने जीवन के प्रति संतोष लगता है, जो पूरे देश में सबसे ज्यादा है।

स्वायत्त प्रदेश के नागरिक मामले के विभाग ने पूरे प्रदेश में बूढ़ों की सेवा करने वाले संस्थानों में मानकीकरण का निर्माण शुरू किया है। ताकि वृद्ध देखभाल सर्विस में सुधार लाया जाए और संस्थाओं के प्रबंधन, संचालन और सुरक्षा के स्तर को उन्नत किया जाए। वर्ष 2018 में प्रदेश के नागरिक मामले के विभाग ने वृद्ध देखभाल संस्थाओं के निर्माण को बढ़ाने के सिलसिलेवार कदम उठाये। विभिन्न स्थानीय सरकारों को वृद्ध देखभाल की सर्विस को अपनी आर्थिक व सामाजिक विकास योजनाओं में शामिल कराना चाहिये। और विभिन्न नियम बनाते समय बूढ़े लोगों की जरूरतों और सुरक्षा की गारंटी पर भी विचार करना चाहिये। वर्ष 2018 में प्रदेश के नागरिक मामले के विभाग ने दस करोड़ युआन की पूंजी डालकर बुढ़ापे कल्याण संस्थाओं के उन्नयन तथा इन के अग्निशमन उपकरणों के सुधार को बढ़ावा दिया। प्रदेश के पदाधिकारियों का कहना है कि तिब्बत में वृद्ध सेवाओं का सभी बूढ़ों तक विस्तार किया जा रहा है। अब तक ल्हासा और शाननान जैसे शहरों में वृद्धाश्रम का मानक निर्माण समाप्त हो गया है। जिसके मुताबिक स्वच्छता, आहार, देखभाल, मनोरंजन, चिकित्सा और देखभाल के संदर्भ में सभी वृद्धाश्रमों को नये मानक का अनुसरण करना पड़ेगा।

तिब्बत स्वायत्त प्रदेश के नागरिक मामले के विभाग के प्रधान के अनुसार तिब्बत में कम आय वालों की भत्ता में तीस प्रतिशत की वृद्धि हो चुकी है। सभी गरीब लोगों को गंभीर बीमारी सहायता प्राप्त होने वाली है। विकलांगों और मुश्किल बूढ़ों को भी सरकार की तरफ से विशेष सब्सिडी मिल सकती है। इस के सिवा मानसिक रोगियों की कल्याण संस्थाओं के निर्माण को भी महत्व दिया गया है। प्रदेश के कुछ शहरों में मानसिक रोगियों की सामुदायिक स्वास्थ्य सर्विस का प्रयोगात्मक काम किया जा रहा है। तिब्बत स्वायत्त प्रदेश के नागरिक मामले के विभाग के अनुसार इधर के वर्षों में तिब्बत स्वायत्त प्रदेश के शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी भत्ता, अस्थायी सहायता और वृद्ध देखभाल सेवाओं में सुधार लाने आदि के कदमों से गरीबी को जड़ से हटाने वाले कदम उठाये गये हैं। जिससे भी बूढ़ापों समेत सभी नागरिकों के कल्याण को बहुत हद तक बढ़ाया गया है।

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