तिब्बत स्वायत्त प्रदेश में वर्ष 2019 विदेश व्यापार का लक्ष्य निर्धारित

2019-04-03 14:46:29
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तिब्बत स्वायत्त प्रदेश में वर्ष 2019 विदेश व्यापार का लक्ष्य निर्धारित


तिब्बत स्वायत्त प्रदेश की सरकार की एक कार्य रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2018 में तिब्बत स्वायत्त प्रदेश की विदेश व्यापार रकम चार अरब अस्सी करोड़ युआन तक रही, उनमें सीमांत व्यापार की राशि 9 करोड़ 90 लाख युआन भी शामिल हुई। वर्ष 2018 से तिब्बत की स्थानीय सरकार ने विदेश व्यापार को बढ़ाने के लिए निर्यात क्रेडिट बीमा की स्थापना करने तथा सीमांत व्यापार कारोबारों की क्षमता को मजबूत करने आदि के कदम उठाये हैं।

तिब्बत स्वायत्त प्रदेश को भारत और नेपाल के साथ सीमांत व्यापार करने की सुविधाएं हैं। अभी तक चीन और दक्षिणी एशियाई देशों के बीच सीमा पर भूलान, यादूंग, चांगमू और चीलूंग आदि कई बंदरगाह खोले गये हैं। वर्ष 2018 में तिब्बत स्वायत्त प्रदेश में 26 नये विदेशी कारोबार खोले गये हैं, विदेशी पूंजी की संख्या 44 करोड़ अमेरिकी डालर तक रही। सीमांत बंदरगाहों में उपकरणों के निर्माण को मजबूत करने के लिए चीन सरकार ने 18.7 करोड़ युआन की पूंजी लगायी और चीन व नेपाल के बीच उपकरणों के इंटरकनेक्शन के स्तर को भी उन्नत किया गया है। वर्ष 2018 में चीलूंग बंदरगाह के जरिये ही सीमांत व्यापार की रकम 3.4 अरब युआन तक रही, जो पिछले साल से 21.6 प्रतिशत अधिक रही। चीलूंग बंदरगाह चीन और नेपाल के बीच सीमांत व्यापार करने का प्रमुख बंदरगाह है। जहां से नेपाल की राजधानी काठमांडू तक 131 किलोमीटर की दूरी होती है। वर्ष 2017 में चीन सरकार ने इसे एक अंतर्राष्ट्रीय बंदरगाह के रूप में खोलने का फैसला किया। अभी तक चीलूंग बंदरगाह में 26 व्यापार कारोबार, 7 कस्टम क्लीयरेंस कंपनी, 7 रसद कंपनी और दो वित्तीय कंपनी स्थापित की गयी हैं। वर्ष 2018 में चीलूंग बंदरगाह में लगाये गये निवेश की संख्या 36 करोड़ युआन तक रही।

तिब्बत स्वायत्त प्रदेश के अध्यक्ष चिज़ाला ने अपनी कार्य रिपोर्ट में कहा कि तिब्बत स्वायत्त प्रदेश के खुलेपन का और अधिक विस्तार किया जाएगा। और सीमांत बंदरगाहों की कार्य क्षमता में भी सुधार किया जाएगा। वर्ष 2019 में तिब्बत स्वायत्त प्रदेश के विदेश व्यापार में दस प्रतिशत और सीमांत व्यापार में तीस प्रतिशत की वृद्धि करने का लक्ष्य भी तय किया गया है।

एक पट्टी एक मार्ग के निर्माण से तिब्बत स्वायत्त प्रदेश को आर्थिक विकास करने का अहम मौका दिलाया गया है। क्योंकि तिब्बत स्वायत्त प्रदेश एक पट्टी एक मार्ग के तटस्थ देश जैसे भारत, नेपाल, म्यांमार और भूतान आदि देशों से जुड़ता है। एक पट्टी एक मार्ग के निर्माण तिब्बत स्वायत्त प्रदेश का महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। स्वायत्त प्रदेश की सरकार ने दक्षिण एशिया उन्मूख खुलेपन के लिए सही वातावरण तैयार करने की भरसक कोशिश की है और उल्लेखनीय प्रगतियां हासिल की हैं। इनमें सर्वप्रथम बात है कि राज्य मार्ग, रेलवे और हवाई यातायात की सुविधाओं में सुधार लाया गया है। दूसरी तरफ तिब्बत स्वायत्त प्रदेश ने रिंग हिमालय आर्थिक सहयोग क्षेत्र, बांग्लादेश-चीन-भारत-म्यांमार आर्थिक गलियारे तथा एक पट्टी एक मार्ग के निर्माण में सक्रियता से भाग लेने का प्रयास किया। नेपाल में भयभीत भूकंप होने के बाद चीन और नेपाल के बीच व्यापार के अधिकांश भाग समुद्रीय और हवाई मार्ग के जरिये किया गया। स्थलीय मार्ग से परिवहन करने का अनुपात कम होने लगा। तिब्बत स्वायत्त प्रदेश में आधुनिक व्यापार परिवहन के विकास से आयात-निर्यात को भी बढ़ाया गया है। भविष्य में तिब्बत स्वायत्त प्रदेश खुलेपन का विस्तार करने और विदेशी निवेश को प्रोत्साहित करने के साथ साथ अपनी वित्त व्यवस्था, कर-वसुलने की व्यवस्था, वाणिज्यिक व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार लाएगा। ताकि एक पट्टी एक मार्ग के निर्माण में अधिक सक्रियता से भूमिका निभाकर और ज्यादा सहयोग मौका प्राप्त कर सके।

तिब्बत में आर्थिक व सामाजिक विकास का नया लुक

आर्थिक विकास में स्थानीय किसानों और चरवाहों की आयवत्ती को बढ़ावा देना अनिवार्य है। इसलिए प्रदेश की सरकार ने स्पष्ट तौर पर किसानों व चरवाहों की आय वृद्धि को अपने कार्य का केंद्र तय किया। और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वालों की वृद्धि दर को प्रति वर्ष 13 प्रतिशत पर निर्धारित किया। वर्ष 2017 में तिब्बत के ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की औसत आय दस हजार युआन तक जा पहुंची, और वर्ष 2020 तक इसमें एक लम्बी छलांग कराने का लक्ष्य भी तय हुआ है। वर्ष 2018 में प्रदेश की सरकार ने किसानों व चरवाहों की आय को बढ़ाने में और कदम उठाने का फैसला कर लिया। इसमें सबसे महत्वपूर्ण बात है कि किसानों व चरवाहों की श्रमिक आय को बढ़ाया जाएगा। सरकार ने यह निर्णय लिया है कि सभी छोटी निर्माण परियोजनाएं स्थानीय निर्माण कंपनियों को दी जाएगी, और निर्माण के काम में कम से कम तीस प्रतिशत किसानों व चरवाहों को नियोजित किया जाना चाहिये। इस के अतिरिक्त तिब्बत में लोगों को भिन्न भिन्न बिजनेस करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। ताकि किसान और चरवाहे अपने घर के नजदीक में ही पैसा कमा सकें। और इसी बीच में तिब्बती किसानों व चरवाहों की वित्तीय आय को भी बढ़ाया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में नीतिगत रुपांतर के जरिये ज़मीन, रिहायशी क्षेत्र और मकानों के संसाधनों के प्रयोग से किसानों व चरवाहों को आय की वृद्धि संपन्न की जाएगी और सामूहित अर्थव्यवस्था के विकास में किसानों व चरवाहों की वित्तीय आय भी बढ़ेगी।

चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव शी चिनफिंग ने वर्ष 2013 में आयोजित राष्ट्रीय जन प्रतिनिधि सभा में तिब्बती प्रतिनिधियों से भेंट के दौरान यह आशा जतायी कि तिब्बत स्वायत्त प्रदेश ऐतिहासिक मौका पकड़कर अपनी विशेषता वाले रास्ते पर आर्थिक विकास करेगा। इस के छह साल बाद महासचिव के प्रोत्साहन से लेकर तिब्बत स्वायत्त प्रदेश के कार्यकर्ताओं ने खुशहाल समाज के निर्माण में उल्लेखनीय प्रगतियां हासिल की हैं।

ल्हासा शहर के उपनगर में स्थित थामार गांव में रहने वाले वासियों ने कहा कि इधर के वर्षों में गांव की लम्बी छलांग संपन्न हुई है। वर्ष 2017 में सभी गांववासियों को गरीबी से छुटकारा कराया गया है। वर्ष 2018 में गांव के सभी 997 परिवारों को नयी-नयी इमारतों में दाखिल कराया गया है। प्रति व्यक्ति के लिए वार्षिक आय 20 हजार युआन तक पहुंच गई है। गांव के मुखिया ने कहा कि अब गांववासियों को भी शहर वासियों के जैसे नल पानी और हीटिंग व्यवस्था की सेवा पर्याप्त होने लगी है। गांव में भी प्राइमरी स्कूल और अस्पताल स्थापित हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि महासचिव ने हमें अविचल रूप से जन जीवन में सुधार लाने की मांग की। चिकित्सा, पेंशन, आवास, परिवहन और यातायात आदि में उल्लेखनीय सुधार नज़र आया है।

वर्ष 2020 तक तिब्बत में देश के भीतरी इलाकों के साथ-साथ खुशहाल समाज बनाने की गारंटी के लिए तिब्बत स्वायत्त प्रदेश की सरकार ने सटीक गरीबी उन्मूलन करने की भरसक कोशिश की। वर्ष 2017 में स्वायत्त प्रदेश ने 628 सीमांत खुशहाल गांवों का निर्माण शुरू किया। वर्ष 2020 तक इस मुद्दे में तीस अरब युआन की पूंजी लगायी जाएगी। उन में एक गांव लाग्याब गांव में रहने वाले किसान मिग्मा सैमद्रोप ने कहा कि आज हमारा जीवन बहुत सुधर गया है। सरकार की सहायता में हमारे नये मकान निर्मित हैं, नल पानी और सड़क की सुविधाएं भी मिल पायी हैं। इसके सिवा हमें मोबाइल नेटवर्क भी प्राप्त हुआ है। आज गांव में बाँस की बुनाई, जड़ी बूटियों और सब्जियों के विकास से जन जीवन में अधिक सुधार लाने की कोशिश की जा रही है। आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2016 से अभी तक तिब्बत में गरीबी उन्मूलन के कुल 2200 मुद्दे चलाये गये हैं। आर्थिक सहयोग संगठनों के विकास से कुल 2.1 लाख लोग गरीबी से छुटकारा पाये चुके हैं। इसके अतिरिक्त तिब्बत स्वायत्त प्रदेश ने सार्वजनिक सेवाओं के विकास में भारी प्रयास किया। स्वास्थ्य, शिक्षा और गरीब लोगों के स्थानांतरण के कार्यों से लोगों को अधिकाधिक सार्वजनिक सेवा प्राप्त होने लगा है।

तिब्बत स्वायत्त प्रदेश के गरीबी उन्मूलन कार्यालय के उप प्रधान ली शीन न्यैन ने कहा कि तिब्बत ने महासचिव शी चिनफिंग के आदेश के मुताबिक सटीक तौर पर गरीबी उन्मूलन की नीतियों का पालन किया। 13वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान कुल 2 लाख 66 हजार गरीब लोगों का स्थानांतरण किया जाएगा, जो तिब्बत के इतिहास में अभूतपूर्व है। और इसके पश्चात सेवाएं भी अच्छी तरह की जाएंगी ताकि गरीबी उन्मूलन की प्रगतियों को सुनिश्चित किया जाए। गरीब क्षेत्र से ल्हासा के उपनगर में स्थानांतरित किये गये चरवाहा भूपू त्सेरिंग ने कहा कि मेरे घर में तीन बच्चे स्कूल में दखल हो चुके हैं, एक और बच्चा भी इस वर्ष में स्कूल में दखल जाएगा। मेरी बेटी और बेटे को नौकरी मिल चुकी है और हर महीने कई हजार युआन तनख्वाह मिलती है।

तिब्बत स्वायत्त प्रदेश में बहुत से प्राइमरी व मिडिल स्कूलों में आधुनिक शिक्षा व्यवस्था अपनायी गयी है। और इस के साथ ही प्राकृतिक वातावरण के संरक्षण का भी लगातार प्रयास किया जा रहा है। वर्ष 2018 में तिब्बत स्वायत्त प्रदेश ने पारिस्थितिक सुरक्षा के संरक्षण और निर्माण 10.7 अरब युआन का निवेश किया और कुल 6.6 लाख पारिस्थितिक रक्षक नियुक्त किये गये हैं, उनकी औसत भत्ता भी 3500 युआन तक जा पहुंची है।

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