तिब्बत में वातावरण संरक्षण पर जोर दिया जा रहा है

2019-03-26 15:56:15
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तिब्बत में वातावरण संरक्षण पर जोर दिया जा रहा है


चीन के तिब्बत स्वायत्त प्रदेश में विशेष भौगोलिक वातावरण और बहुत समृद्ध संसाधन प्राप्त होने के साथ-साथ पारिस्थितिकी नाजुक भी है। वर्ष 2019 के राष्ट्रीय जन प्रतिनिधि सभा में स्वायत्त प्रदेश के प्रतिनिधियों ने विभिन्न जगतों के सूत्रों से तिब्बत में प्राकृतिक वातावरण संरक्षण का परिचय दिया।

ल्हासा शहर के मेयर क्वो-क्वो ने कहा,तिब्बत स्वायत्त प्रदेश प्राकृतिक संरक्षण को प्राथमिकता देता है। इधर के वर्षों में तिब्बती सरकार ने आपेक्षाकृत नीचे क्षेत्रों में वन रोपण के कार्यों को बढ़ावा दिया और उल्लेखनीय प्रगतियां हासिल कीं। उन्होंने कहा कि तिब्बत पूरे देश के लिए पारिस्थितिक सुरक्षा का रक्षक माना जाता है। सरकार के प्रभावी कदमों से तिब्बत के प्राकृतिक वातावरण को अच्छी तरह संरक्षित किया गया है। हमारा लक्ष्य था कि 4300 मीटर की ऊँचाई के नीचे के सभी गांवों में पेड़ लगाए जाए और यह लक्ष्य पूरा किया जा चुका है।

न्यिंग-ची शहर के मेयर वांगतु ने कहा कि न्यिंग-ची शहर की सरकार ने हरित विकास और प्राकृतिक संरक्षण को जोर लगाने के लिए पूंजीनिवेश, कानूनी शासन तथा सख्त निगरानी आदि सिलसिलेवार कदम उठाये। उन्होंने कहा, प्राकृतिक संरक्षण के संदर्भ में हम ने मानक को उन्नत किया और सबसे सख्त जंगल संरक्षण नियम प्रकाशित किया। जो प्राकृतिक वातावरण को नष्ट करता है, उसे सख्त रूप से जिम्मेदारी उठानी पड़ेगी। इस के अतिरिक्त हम ने सरकार के प्राकृतिक संरक्षण की पूंजी के दस प्रतिशत से जंगल रक्षक की नौकरी का प्रबंध किया। जिससे बहुत से गरीब लोगों को प्राकृतिक संरक्षण क्षेत्र के रक्षक बनाये गये हैं। केंद्र और स्वायत्त प्रदेश की सरकार के समर्थन से अधिकाधिक लोगों ने तिब्बत के वातावरण संरक्षण में भाग लिया है। वन रोपण कार्य चलाने से प्राकृतिक वातावरण पर जोर देने के साथ-साथ लोगों की आय भी बढ़ी है। बहुत से क्षेत्रों में लोग पारिस्थितिकी के संरक्षण से नौकरी कर रहे हैं।

वांगतु के अनुसार इधर के वर्षों में बहुत से लोगों ने प्राकृतिक संरक्षण के कार्यों में भाग लिया है और उन की आय भी बढ़ायी गयी है। ल्हासा शहर के एक पदाधिकारी कल्सांग ने कहा कि उन के जिले में बहुत से लोगों ने प्राकृतिक संरक्षण में काम करना शुरू किया है। नाछू शहर के मेयर आऊ ल्यू छ्वान ने कहा,हम ने केंद्र और स्वायत्त प्रदेश की सरकार की नीतियों के मुताबिक जंगलात पशुओं और प्राकृतिक घास के मैदानों के संरक्षण को जोर लगाया। और हम ने कुछ गरीब लोगों को अत्यंत उन्नत क्षेत्रों में से आपेक्षाकृत नीचे क्षेत्रों में स्थानांतरित किया है। इस तरह इन लोगों को बेहत्तर सेवाएं प्राप्त होने के साथ साथ प्राकृतिक क्षेत्रों की स्थितियों में भी सुधार आया है। स्वायत्त प्रदेश के निवास व शहरीय व ग्रामीण निर्माण विभाग के प्रधान सलांग निम्मा ने कहा कि तिब्बत अनेक बड़ी नदियों का स्रोत भी है, इसलिए नदियों के तटों पर रहने वाले निवासों में सीवेज और कचरों के उपचार पर ध्यान देना चाहिये। उन्होंने कहा,गत वर्ष तिब्बत की दर्जनों काउंटियों ने सीवेज और कचरों की उपचार परियोजनाएं चलाना शुरू किया है। भविष्य में सभी काउंटियों में सीवेज और कचरों के उपचार में भारी सुधार लाने का काम किया जाएगा। जिससे तिब्बत के पारिस्थितिक निर्माण तथा लोगों के निवास के सुधार के लिए सकारात्मक भूमिका अदा की जाएगी।

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