तिब्बत में वैज्ञानिक और तकनीकी प्रगतियों से आर्थिक विकास को बढ़ावा

2019-01-28 08:47:44
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तिब्बत में वैज्ञानिक और तकनीकी प्रगतियों से आर्थिक विकास को बढ़ावा

ल्हासा रेलवे स्टेशन में चेहरा स्कैन प्रणाली

हाल ही में तिब्बत स्वायत्त प्रदेश की सरकार के अध्यक्ष चिज़ाला ने कहा कि हम चीनी विशेषता वाले समाजवादी विचार के मार्गदर्शन में आर्थिक, सामाजिक और वैज्ञानिक प्रगतियों से देश की 70वीं जयंती और तिब्बत में जनवादी रुपांतर की 60वीं जयंती का स्वागत करेंगे।

चिज़ाला ने कहा कि जनता की उम्मीदें हमारे कार्यों का लक्ष्य ही है। इसलिये हमें चीनी विशेषता वाले समाजवादी विचार पर जी-जान से अध्ययन करना चाहिये। प्रदेश की सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में प्रति व्यक्ति की आय में 13 प्रतिशत की वृद्धि का जो लक्ष्य बनाया है, उसे जरूर ही साकार किया जाएगा। इस के साथ ही भारी परियोजनाएं चलाते समय किसानों व चरवाहों को अधिक रोजगार मौका तैयार करने की कोशिश करनी चाहिये। आर्थिक विकास के दौरान स्मार्ट शिक्षा, समार्ट अस्पताल और इंटरनेट प्लस आदि उन्नतिशील तकनीकों का विस्तार किया जाएगा।

तिब्बत स्वायत्त प्रदेश की सरकार के नेतृत्व में ल्हासा शहर में सात प्रमुख मुद्दे चलाये जाएंगे। नये साल में ल्हासा शहर में तकनीकी नवाचार और छोटे व मझौले कारोबारों के विकास को संवर्धित किया जाएगा। ल्हासा शहर में नवाचार और कालेज स्नातकों के रोजगार संवर्द्धन समेत योजनाएं लागू की जाएंगी। वर्ष 2016 में ल्हासा शहर में छोटे व मझौले कारोबारों के नवाचार का परीक्षण किया गया था। इधर के वर्षों के प्रयासों से तकनीकी नवाचार को बढ़ाने की नौ सेवा व्यवस्थाओं की स्थापना की गयी। इसी वर्ष में ल्हासा शहर में छोटे व मझौले कारोबारों के नवाचार को संवर्द्धित करने की विशेष कार्यवाही चलायी जाएगी, ताकि नवाचार के जरिये रोजगार दिलाने और मशहूर ब्रांड्स पैदा करवाने की योजनाएं लागू की जाएं। इस के बाद वाणिज्यिक प्रणाली में सुधार, बौद्धिक संपदा संरक्षण तथा कर-वसुली स्व-सेवा को मजबूत किया जाएगा। सात प्रमुख योजनाएं कायम करने के बाद ल्हासा शहर में छोटे व मझौले कारोबारों की नवाचार क्षमता को उन्नत किया जाएगा, और ल्हासा के आर्थिक व सामाजिक विकास में नवाचार की भूमिका को उजागर किया जाएगा। तिब्बत स्वायत्त प्रदेश में स्थानीय सरकार का मानना है कि नवाचार करने के लिए सर्वप्रथम प्रतीभाओं का प्रशिक्षण किया जाना चाहिये। हाल में ल्हासा शहर ने अपने कुछ युवकों को देश की राजधानी पेइचिंग में आयोजित रसद ई-कॉमर्स के नवाचार प्रशिक्षण में शामिल करवाने के लिए भेज दिया। योजना में शिरकत सभी 28 युवक कॉलेजों के नये स्नातक हैं। उन्होंने राजधानी पेइचिंग में डिजाइन प्रशिक्षण पाठ्यक्रम, नवाचार सिद्धांत तथा व्यावहारिक प्रबंधन आदि कोर्स में भाग लिया। और कुछ उन्नतिशील नवाचार अड्डों का दौरा भी किया। ल्हासा लौटने के बाद वे तिब्बत के नवाचार अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

उच्च तकनीक के प्रयोग से किसी भी क्षेत्र के आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभायी जाती है। तिब्बत स्वायत्त प्रदेश में उच्च तकनीक के विकास को काफी जोर लगाया गया है। हाल ही में ल्हासा रेलवे स्टेशन में चेहरा स्कैन प्रणाली कायम होने लगी है। रेल स्टेशन में प्रविष्ट यात्री कागज़ के टिकट लिये के बिना टिकट गेट के सामने खड़े हुए चेहरे दिखाते हैं। एक क्षण में उन्हें पास होने की पुष्टि हुई। इसी तकनीक से ल्हासा रेलवे स्टेशन की कार्य कुशलता में बहुत सुधार हुआ है। जनवरी माह से ल्हासा रेलवे स्टेशन में चार ऐसी चेहरा स्कैन प्रणाली स्थापित हुई। प्रति व्यक्ति के लिये केवल दो तीन सिकेंड का समय चाहिये। ल्हासा रेलवे स्टेशन के एक तकनीशियन का कहना है कि चेहरा स्कैन प्रणाली का साथ देने के लिए मैनुअल चेकिंग व्यवस्था फिर भी मौजूद है। अगर कोई यात्री चेहरा स्कैन प्रणाली का प्रयोग नहीं करना चाहते, तो वह मैनुअल चेकिंग गेट का रास्ता चुन सकता है। लेकिन मैनुअल व्यवस्था की तुलना में चेहरा स्कैन प्रणाली के प्रयोग से बहुत समय बच सकता है। ऐसी तकनीक के प्रयोग से यात्री कागज-टिकट को छोड़कर केवल अपना आईडी कार्ड लेकर रेलवे स्टेशन के चेकिंग गेट से पास हो सकता है। इस के अतिरिक्त ल्हासा रेलवे स्टेशन में दो और सुरक्षा चेकिंग मशीन भी रखे गये हैं, जिससे यात्रियों की चेकिंग गेट से पास होने की गति में भी सुधार किया गया है। यात्रियों को सुविधा देने के लिए रेलवे स्टेशन में सामान रखने वाले स्वचालित कैबिनेट भी रखे हुए हैं और यह सर्विस भी निशुल्क है। रेलवे स्टेशन में सुरक्षा की गारंटी के लिए सभी लिफ्ट्स और एलेवेटर्ट्स की चेकिंग की गई है। और रेलवे स्टेशन में कार्यरत सभी कर्मचारियों का प्रशिक्षण भी किया गया है।

तिब्बत के शाननान क्षेत्र के सीमावर्ती गांवों में गरीबी उन्मूलन कार्यों में भी भारी प्रगतियां हासिल हो गयी हैं। इस क्षेत्र की लोहज़ाग कांउटी में हाइड्रोपावर स्टेशन का जोरों पर निर्माण किया जा रहा है। स्वच्छ ऊर्जा के विकास से प्राप्त आर्थिक लाभ ने स्थानीय लोगों को अधिक आय और रोजगार मौका तैयार किया गया है। इस कांउटी के प्रमुख के मुताबिक भावी वर्षों में कांउटी में कई हाइड्रोपावर स्टेशनों का जोरों पर निर्माण किया जाएगा। काउंटी के जल संसाधन ब्यूरो और बिजली आपूर्ति कंपनी ने भारी निवेश लगाकर कुछ सुदूर गाँवों में लघु हाइड्रोपावर स्टेशनों का निर्माण किया और वहां रहने वाले लोगों को बिजली आपूर्ति के सवाल का समाधान किया। वर्ष 2018 में सरकार ने इस कांउटी में तीन अरब युआन की पूंजी डालकर लाखांग हाइड्रोपावर स्टेशन का निर्माण करने की योजना बनायी जिससे स्थानीय लोगों को स्थिर आय प्राप्त हो सकेगी। इस के अलावा लोहज़ाग कांउटी में कुल 27 खुशहाल सीमावर्ती गांवों का निर्माण किया जाएगा, और यातायात, जल आपूर्ति आदि बुनियादी उपकरणों का जोरों पर विकास किया जाएगा।

तिब्बत स्वायत्त प्रदेश चीन के भीतरी इलाकों और दक्षिण एशिया के बीच में स्थित है जो चीन और दक्षिण एशिया के बीच व्यापार करने में पुल की जैसी भूमिका अदा कर सकता है। वर्ष 2018 में ल्हासा शहर में चौथे अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन व संस्कृति एक्सपो और प्रथम रिंग हिमालय "वन बेल्ट, वन रोड" सहयोग मंच तथा दक्षिण एशिया मानकीकरण फोरम का आयोजन किया गया। जिलूंग और पूलैन जैसे सीमांत बंदरगाहों में बुनियादी उपकरणों का जोरों पर निर्माण किया जा रहा है। चीन और नेपाल के बीच आर्थिक व व्यापारिक मेले का भी आयोजन हुआ। तिब्बत स्वायत्त प्रदेश ने एक पट्टी एक मार्ग का मौका पकड़कर दक्षिण एशिया उन्मूख महान मार्ग के निर्माण में तेज़ी लायी है। विशेषज्ञों का मानना है कि दक्षिण एशिया उन्मूख व्यापार मार्ग के निर्माण से तिब्बत के विदेश व्यापार में और अधिक वृद्धि हो जाएगी और पूरे देश के रुपांतर और खुलेपन में तिब्बत की सकारात्मक व बड़ी भूमिका साबित हो जाएगी।


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