गैननान प्रीफेक्चर में पारिस्थितिकी और मानव का सामंजस्य विकास

2018-12-24 09:13:16
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गैननान प्रीफेक्चर में पारिस्थितिकी और मानव का सामंजस्य विकास


चीन के गैनसू प्रांत में स्थित गैननान तिब्बती स्वायत्त प्रिफेक्चर चीन के दस तिब्बती स्वायत्त प्रिफेक्चरों में से एक है। इस क्षेत्र को तिब्बती जाति और हान जाति के बीच सांस्कृतिक एकीकरण होने का क्षेत्र कहलाता है। गैननान क्षेत्र का क्षेत्रफल 45 हजार वर्ग किलोमीटर है और जनसंख्या 7.3 लाख तक जा पहुंची है। उनमें तिब्बती लोगों का अनुपात 54 प्रतिशत है। गैननान में तिब्बती के साथ हान, ह्वेई और मंगोलियाई समेत कुल 24 जातियां भी हैं। इधर के वर्षों में स्थानीय सरकार ने पारिस्थितिकी और मानव का सामंजस्य विकास करने के लिए भरसक कोशिश की है।

लाज़ैन गांव में रहने वाले राओसांग ने कहा,“पुननिर्माण करने से पहले हमारे मकान में पहली मंजिल पर पशुओं का पालतू करते थे और दूसरी मंजिल पर आदमी रहते थे। आज पशुओं और आदमियों को अलग अलग मकानों में विभाजित किया गया है, वातावरण स्वच्छ होने से हमारी शर्तों में बहुत सुधार आया है।” 

राओसांग ने जो बताया है, वह गैननान क्षेत्र में पारिस्थितिक सभ्यता का निर्माण करने का परीणाम है। लाज़ैन गांव एक अर्ध-पशुपालन और अर्ध-कृषि गांव था। जहां वर्ष 2016 में पारिस्थितिक सभ्यता का निर्माण शुरू किया गया था। निर्माण समाप्त करने के बाद गांव के वातावरण में सुधार आया और गांव वासियों का जीवन भी सुधर गया है। गैननान क्षेत्र में चीन की दो प्रमुख नदी पीली नदी और यांगत्सी नदी का जल स्रोत आपूर्ति क्षेत्र भी होता है। जल स्रोत का संरक्षण करने के लिए गैननान के 99 प्रतिशत क्षेत्र में औद्योगिक विकास करना मना है। वातावरण संरक्षण और आर्थिक विकास के बीच में संतुलन कायम करने के लिए स्थानीय सरकार ने वर्ष 2015 से पारिस्थितिकी सभ्यता गांव का निर्माण शुरू किया है। गैननान सरकार में इस काम के जिम्मेदार पदाधिकारी वांग ह्वेई शेंग ने कहा, “गैननान क्षेत्र में 70 प्रतिशत लोग देहातों में रहते हैं। पर इन क्षेत्रों में आर्थिक पिछड़ापन और गरीबी की समस्याएं मौजूद हैं। पारिस्थितिकी सभ्यता गांव का निर्माण करने से किसानों और चरवाहों के जीवन में सुधार हो जाएगा। और इस तरह आर्थिक विकास और पारिस्थितिकी दोनों की गारंटी की जाएगी।”

पारिस्थितिकी सभ्यता गांव का निर्माण करने में आवास, अर्थव्यवस्था, पर्यावरण, संस्कृति चार संदर्भ में ग्रामीण क्षेत्रों का रुख बदला जाएगा। यह परियोजना शुरू होने के बाद किसानों व चरवाहों के जीवन में बहुत सुधार आया है। अब ग्रामीण क्षेत्रों में तिब्बती शैली वाले नये नये मकान, चौड़ी चौड़ी सड़कें और पेयजल-आपूर्ति पाइपलाइन, बायोगैस, सौर वॉटर हीटर आदि नजर आये हैं। अभी तक गैननान क्षेत्र में कुल 1003 पारिस्थितिकी सभ्यता गांवों का निर्माण किया जा चुका है, जहां कुल सत्तर से अधिक परिवारों के 3.4 लाख लोग रहते हैं। और उन में 1563 गरीब परिवारों के 65438 लोग भी शामिल हैं। अब गैननान क्षेत्र में प्रति वर्ष तीन सौ ऐसे सभ्यता वाले गांवों का निर्माण किया जा रहा है। इन गांवों में साठ को चुनकर ग्रामीण पर्यटन का विकास किया जाएगा। जहां विशेष तौर पर पर्यटन सेवा केंद्र, पर्यटन शौचालय, पार्किंग स्थल, पहचान चिह्न और साइट्सीइंग प्लेटफार्म जैसे पर्यटन उपकरणों का निर्माण किया जाएगा।

सरकार की सहायता से गैननान क्षेत्र के बहुत से गांवों में होम होटल खोले गये हैं। मिसाल के तौर पर गैननान क्षेत्र के लीसाई गांव में कुल बीसेक होम होटल खोले गये हैं, जो सात सौ पर्यटकों की सेवा करने में समर्थ हैं। गांव वासी दाऊ गा त्छो ने कहा,“सरकार ने हमें मकान का नवीनकरण करने और आधुनिक शौचालय निर्मित करने की भत्ता दी है। और हमेंकुकिंग और बिजनेस करने का प्रशिक्षण भी दिया गया है। हमारे होटल में खाद्य स्वच्छता और सब्जियों के गुण की गारंटी हो चुकी है। बहुत पर्यटक आते रहे हैं। अब हमारा बिजनेस बहुत अच्छा चलता है।”इधर के तीन वर्षों में गैननान क्षेत्र के ग्रामीण पर्यटन का दौरा करने वाले पर्यटकों की संख्या दो करोड़ तक जा पहुंची है। ग्रामीण पर्यटन की आय भी 9.7 अरब युआन तक रही है। गैननान प्रीफेक्चर में कुल 126 विशेष आधुनिक पर्यटन गांव निर्मित किये गये हैं। इस के साथ ही गैननान क्षेत्र में पारिस्थितिकी सभ्यता के विकास में भी उल्लेखनीय प्रगतियां हासिल हो चुकी हैं। वर्ष 2008 से 2018 तक के दस सालों में गैननान के जंगल में दस लाख मू की वृद्धि हो गयी है, जंगल की कवरेज में 4% की वृद्धि भी हुई है। वातावरण संरक्षण, पारिस्थितिकी सभ्यता और स्वच्छता सुधार आदि काम चलाने से गैननान क्षेत्र को और सुन्दर बनाया गया है।

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