तिब्बत संग्रहालय का विस्तार और पुनर्निर्माण

2018-11-26 09:04:37
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तिब्बत संग्रहालय का विस्तार और पुनर्निर्माण


चीन की 13वीं पंचवर्षीय योजना में तिब्बत संग्रहालय का विस्तार और पुनर्निर्माण करने का मुद्दा भी शामिल है। हाल ही में संवाददाता ने तिब्बत संग्रहालय के पुनर्निर्माण के स्थल का दौरा किया और यह पता लगाया कि पुनर्निर्माण की सभी परियोजनाएं सुभीते से चल रही हैं। अभी तक 15.6 करोड़ युआन का निवेश पूरा किया गया है। पुनर्निर्माण समाप्त होने के बाद तिब्बत संग्रहालय ल्हासा शहर का एक नया लैंडमार्क बनेगा। तब तिब्बत संग्रहालय तिब्बत की विशेषता के मुताबिक लोगों की सेवा करेगा। और तिब्बत संग्रहालय को उन्नत सुविधाएं और विविध सेवाएं प्राप्त प्रथम श्रेणी वाला आधुनिक संग्रहालय बनाया जाएगा।

तिब्बत संग्रहालय परियोजना के जिम्मेदार ग-हाओ ने कहा कि अभी तक संग्रहालय के पुनर्निर्माण का बेसिक भाग पूरा हो गया है। संग्रहालय का मुख्य भवन 65047 वर्ग मीटर विशाल है, जिनमें प्रदर्शनी क्षेत्र 28859 वर्ग मीटर होता है। संग्रहालय की पुरानी इमारत की तुलना में तीन मंजिले की नई इमारत पांच गुना बड़ी हो जाएगी और इस का सेवा काल 100 साल तक पहुंचेगा।

तिब्बत संग्रहालय में बहुत समृद्ध सांस्कृतिक अवशेष सुरक्षित हैं। जिनमें शामिल हैं प्राचीन काल से केंद्र सरकार द्वारा तिब्बत का शासन किया जाने से संबंधित सांस्कृतिक अवशेष, बुद्ध मूर्ति, थांगका, क्लासिक्स प्राचीन पुस्तक, चीनी मिट्टी के बरतन, जेड, लोक कलाकृति और पुरातात्विक खोजों से पता प्रागैतिहासिक कलाकृति आदि। तिब्बत संग्रहालय के प्रदर्शनी विभाग के उप निदेशक थांग जूंग ली ने कहा कि तिब्बत संग्रहालय में कुल मिलाकर 5 लाख 20 हजार से अधिक सांस्कृतिक अवशेष रखे हुए हैं। लेकिन संग्रहालय की पुरानी इमारत छोटी होने के कारण केवल 10 प्रतिशत अवशेषों की प्रदर्शनी की जाती थी। पुनर्निर्माण का काम समाप्त होने के बाद लोगों को और अधिक सांस्कृतिक अवशेष दिखाये जाएंगे। और पर्यटकों को भी तिब्बत के बारे में अधिक जानकारियों का पता लगाने का मौका मिलेगा।

तिब्बत संग्रहालय का विस्तार और पुनर्निर्माण करने की परियोजना देश की 13वीं पंचवर्षीय योजना में शामिल है जिसमें केंद्र सरकार ने 66 करोड़ युआन की पूंजी डाली है। योजनानुसार वर्ष 2020 तक परियोजना समाप्त हो जाएगी। तब तिब्बत संग्रहालय के सांस्कृतिक अवशेषों के संरक्षण, प्रदर्शनी, प्रसारण, सेवा, बच्चों के अनुभव और स्मार्ट संग्रहालय के लेवल में बहुत सुधार आ जाएगा। तिब्बत संग्रहालय के पुनर्निर्माण में बहुत से मजदूरों ने भीतरी इलाकों से तिब्बत आकर हिस्सा लिया। हूनान प्रांत से आये निर्माण स्थल के निर्देशक चाओ ली शेन ने कहा कि तिब्बती पठार पर जब निर्माण करता है, तब सामग्रियों के तापमान पर ध्यान रखने की बड़ी जरूरत है। कर्मचारियों को सीमेंट की संरचना के अंदर तापमान समय-समय पर मापने की आवश्यकता है। उधर चालीस वर्षीय मास्टर श्ये ने कहा कि प्राकृतिक वातावरण के संरक्षण को मजबूत करने के लिए मजदूरों ने हर रोज़ पानी से धूल में छिड़कने, सड़क साफ करने और मिट्टी को ढकने का काम किया है।

ध्यान रहे तिब्बत संग्रहालय दर्शकों को क्रांतिकारी परंपरा शिक्षा करने का मिशन भी निभाता है। यह काम अच्छी तरह करने के लिए तिब्बत संग्रहालय ने देश भर में क्रांतिकारी कलाकृतियों को इकट्ठा करना शुरू किया है। ताकि तिब्बत के शांतिपूर्ण मुक्ति और निर्माण के दौरान पार्टी और विभिन्न जातीय जनता के द्वारा की गयी ऐतिहासिक उपलब्धियों का प्रसार किया जाए। इन कलाकृतियों और ऐतिहासिक अवशेषों में ये शामिल हैं, यानी कि तिब्बत के स्थानीय संस्थानों में पार्टी की केंद्रीय कमेटी के नेतृत्व संबंधी सामग्रियां, पार्टी व राज्य संस्थाओं द्वारा तिब्बती संस्थाओं या व्यक्तियों को दिये गये उपहार, तिब्बत की शांतिपूर्ण मुक्ति तथा निर्माण के बारे में महत्वपूर्ण सभाओं, घटनाओं और क्रांतिकारी गतिविधियों से संबंधित सामग्रियां, तथा चीनी जन मुक्ति सेना के तिब्बत में आर्थिक निर्माण करने और सीमा की रक्षा करने के बारे में सामग्रियां इत्यादि। इन क्रांतिकारी कलाकृतियों में अख़बार, पुस्तक, दस्तावेज, हस्तलेख, पर्चे, नारे, शिलालेख, डायरी, पत्र, नोट्स, किताब, सिक्के, मानचित्र, अभिलेखागार, हथियार, शहीदों के चित्र आदि सब शामिल हो सकेंगे। तिब्बत संग्रहालय सभी दर्शकों को क्रांतिकारी परंपरा शिक्षा के बारे में प्रदर्शनी का आयोजन करेगा।

एक और खबर है कि तिब्बत संग्रहालय ने हाल ही में देश के दूसरे क्षेत्रों में अपने सांस्कृतिक नवाचार उत्पादों का प्रसार किया। तिब्बत स्वायत्त प्रदेश के सांस्कृतिक कारोबारों ने राजधानी पेइचिंग में आयोजित एक अंतर्राष्ट्रीय सांस्कृतिक नवाचार प्रदर्शनी में भाग लिया और प्रदर्शनी में तीन सौ से अधिक किस्म के सांस्कृतिक नवाचार उत्पादों का परिचय दिया। तिब्बत की सांस्कृतिक और स्थानीय विशेषता वाले इन उत्पादों पर बहुत से दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया गया है। आजकल तिब्बत स्वायत्त प्रदेश में सांस्कृतिक नवाचार उत्पादों का जोरदार विकास किया गया है। तिब्बत के कारोबारों ने तिब्बती शैली के बोन चाइना, चाय सेट, टेबलवेयर और शराब सेट का उत्पादन किया, जिनका देश के दूसरे क्षेत्रों में भी स्वागत किया जा रहा है। इन के अलावा तिब्बत के कारोबारों द्वारा उत्पादित तिब्बती धूपबत्ती और थांगका आदि सांस्कृतिक उत्पाद भी बहुत लोकप्रिय हैं। तिब्बत में जातीय शैली के सांस्कृतिक उत्पादों के विकास के लिए तिब्बत संग्रहालय ने भी सांस्कृतिक नवाचार उत्पाद प्रदर्शनी का आयोजन किया और दर्शकों को उत्पादों का विक्रय किया।

ध्यान रहे कि तिब्बत संग्रहालय देश विदेश में अपना प्रसार करने वाले कार्यों को भी महत्व देता है। इस वर्ष में आयोजित एक अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस की गतिविधि में तिब्बत संग्रहालय ने पोटाला पैलेस और तिब्बती विश्वविद्यालय में अपने प्रसार स्टेशन रख दिये और दर्शकों को तिब्बत के सांस्कृतिक अवशेषों के बारे में फोटो, लीफलेट और परामर्श का प्रसार किया। तिब्बती विश्वविद्यालय में कर्मचारियों ने छात्रों को “सांस्कृतिक अवशेष तथा इतिहास” शीर्षक से गतिविधि का आयोजन किया और दर्शकों को तिब्बत और मातृभूमि के बीच संबंधों तथा चीनी राष्ट्र की सांस्कृतिक विविधता का परिचय दिया। तिब्बत संग्रहालय की प्रधान द्रोमा ने कहा कि पुर्ननिर्माण करते समय तिब्बत संग्रहालय फिर भी समाज की सेवा करने के लिए दूसरे स्थलों पर भिन्न भिन्न गतिविधियों का आयोजन कर रहा है। और संग्रहालय ने डिजिटल तकनीक के जरिये व्यापक लोगों को जानकारियों का प्रसार किया है। बाद में तिब्बत संग्रहालय नोर्बूलिंग्का गार्डन में भी सांस्कृतिक नवाचार उत्पादों की प्रदर्शनी करेगा। तिब्बत संग्रहालय के एक उच्च स्तरीय पदाधिकारी का कहना है कि पुनर्निर्माण समाप्त होने के बाद तिब्बत संग्रहालय फिर भी विशेष संग्रह, विशेष अनुसंधान, विशेष प्रदर्शनी और विशेष शिक्षा की विचारधारा पर डटा रहेगा। और तिब्बत संग्रहालय को उचित कार्य क्षमता और उन्नत सुविधाएं प्राप्त होने तथा विविध सेवा प्रदान करने वाला संग्रहालय बनाया जाएगा। अंत में तिब्बत संग्रहालय को स्वायत्त प्रदेश में आधुनिक विशेष संग्रहालय बनाया जाएगा, जहां तिब्बत के लम्बा इतिहास, शानदार संस्कृति और देशभक्ति व जातीय एकता की शिक्षा करने का प्रसार किया जाएगा। तिब्बत संग्रहालय का लक्ष्य है कि अपने खूद को तिब्बती पठार का एक "सांस्कृतिक सैलून" बनाया जाएगा।

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