गरीबी उन्मूलन के कार्यों में चिकित्सा स्वयंसेवकों का योगदान

2018-07-30 14:12:41
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गरीबी उन्मूलन के कार्यों में चिकित्सा स्वयंसेवकों का योगदान


दो साल पहले, चीनी राष्ट्रपति शी चिनफींग ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य सभा में यह प्रस्तुत किया था कि देश के विकास में जनता के स्वास्थ्य स्तर को उन्नत करने वाले कार्यों को प्राथमिकता देनी चाहिये। राजनेता के आहवान से देश में विभिन्न स्तरीय सरकारों और सामाजिक संगठनों ने लगातार कार्यवाहियां चलायीं। हाल ही में राजधानी पेइचिंग के दो सौ से अधिक अस्पतालों के डॉक्टरों ने छींगहाई प्रांत के तिब्बती बहुल गैननान क्षेत्र में चिकित्सीय स्वयं सेवा प्रदान की।

स्वयं सेवा की कार्यवाहियों में कुल एक हजार से अधिक डॉक्टरों ने भाग लिया। उन्होंने गैननान क्षेत्र की सभी काउंटियों में स्वयंसेवा का काम किया। उन के काम में मुख्य रूप से हृदय रोग, हाइडेटिड रोग, संधिशोथ और गठिया आदि मरीज़ों का इलाज करेने, जड़ी बूडी संसाधन संरक्षण आधार और स्वस्थ गांवों का निर्माण करने का काम आदि शामिल हैं।

पेइचिंग के पारंपरिक चीनी चिकित्सा विश्वविद्यालय के अधीन तुंगचीमेन अस्पताल के डॉक्टर शी श्याओ क्वांग ने गैननान क्षेत्र के गरीब किसानों के घर में भी स्वयंसेवा प्रदान की। अपने काम का परिचय करते हुए उन्हों ने कहा,“आज मैं ने हाइपोकैलीमिया (Hypokalemia) से ग्रस्त एक मरीज़ का इलाज किया। इस का लक्षण ऐसा होता है कि वह कभी कभी इतना कमजोर है कि सांस लेने में भी असमर्थ है। समय पर इलाज लेने के कारण से इसके गंभीर परिणाम नहीं निकला है।”

मरीज़ का नाम है आईच्यू, चालीस वर्षीय आईच्यू बहुत सालों के लिए रोग से ग्रस्त है। वह काम काज़ नहीं कर सकती है और अपने बच्चों की देखभाल करने में भी असमर्थ है। उपचार लेने पर बहुत पैसा खर्च किया गया, और इसलिए आईच्यू का परिवार बहुत मुश्किल है। तुंगचीमेन अस्पताल के डॉक्टरों ने इस का निशुल्क इलाज किया और मुफ्त दवा प्रदान किये। आईच्यू के पत्ति ने कहा,“पत्नी बीमार होने से घर में बहुत मुश्किल है। तीन बच्चों की देखभाल नहीं कर सका, और मैं अकेला था। डाक्टरों ने बहुत मदद दी है, बहुत बहुत धन्यवाद है।”

स्वयंसेवकों ने स्थानीय लोगों का उपचार करने के बाद गरीब परिवारों की मदद भी की। डाक्टर ली यूंग ने गैननान क्षेत्र के दादान जिले में गरीब परिवारों का दौरा किया और दूसरे डाक्टर के साथ एक गरीब परिवार के तीन बच्चों की सहायता दी ताकि वे अपना अध्ययन समाप्त कर सकें। उन्होंने कहा,“मैंने जो मदद दी है, वह अनाथ का परिवार है। माता पिता सब मर गये हैं, तीन बच्चे भी हैं, लेकिन दादा दादी भी सत्तर वाले हो चुके हैं, वे तीन बच्चों की देखभाल करने में भी असमर्थ हैं।”ली यूंग ने कहा कि दादा दादी ने बच्चों को अनाथालय में भेजना चाहा। बात सुनकर ली यूंग के दिल में सहानुभूति की भावना उभरने लगी। अपनी पत्नी के साथ संपर्क कर उन्होंने बच्चों की सहायता देने का फैसला लिया। ली यूंग की आशा है कि ये बच्चे सुभीते से अपना अध्ययन समाप्त कर सकेंगे और भविष्य में पहाड़ों से बाहर निकलकर शहरों में काम करेंगे।

कैपिटल मेडिकल यूनिवर्सिटी के अधीन आन-चेन अस्पताल के डाक्टरों ने डियेबू काउंटी के अस्पताल में बच्चों में जन्मजात हृदय रोग की जांच की। डाक्टर वांग श्याओ फांग जन्मजात हृदय रोग से ग्रस्त एक लड़की का उपचार किया। उन्होंने कहा,“यह मरीज़ है 12 वर्षीय एक लड़की। उसकी महाधमनी में अवरुद्ध है। लेकिन उसकी स्थिति इतनी गंभीर नहीं है।”इस लड़की के माता-पिता ने कहा कि तीन साल की उम्र में लड़की की बीमारी की खोज हो चुकी थी। डाक्टर ने इस की जांच कर बताया कि बीमारी इतनी गंभीर नहीं है, तत्काल सर्जरी की आवश्यकता नहीं है। लेकिन फिर भी अनेक मुद्दों पर ध्यान देने की आवश्यकता है। लड़की की मां ने कहा,“ये डॉक्टर काफी जिम्मेदार हैं, और उन्होंने बीमारी की विस्तृत जानकारियां हमें बतायी हैं। दूसरे अस्पतालों के डाक्टरों ने इतने ज्यादा नहीं बताये थे। आज डाक्टर की बात सुनकर हम चिंतित नहीं हैं।”लड़की की मां ने कहा कि उन्हें पता लगा है कि पेइचिंग के आन-चेन अस्पताल के डॉक्टर बच्चों के हृदय रोग के उपचार में सुप्रसिद्ध हैं। अब उन्हें पेइचिंग के इन डॉक्टरों का नम्बर भी प्राप्त है। उन्हें बहुत खुशी हुई है। आन-चेन अस्पताल के डॉक्टरों ने स्थानीय अस्पतालों के डॉक्टरों का प्रशिक्षण भी किया।

डियेबू काउंटी के अस्पताल में एक डॉक्टर ने कहा कि अब उन्होंने पेइचिंग के डाक्टरों के साथ सहयोग करने वाले संबंध स्थापित किये हैं। गंभीर रोगियों को काउंटी अस्पताल से पेइचिंग के आन-चेन अस्पताल में स्थानांतरित किया जा सकेगा। उन्हों ने कहा,“हमने एक दूसरे को टेलीफोन नम्बर और वीचैट नम्बर भी दिये हैं। बाद में हम ने अपने मरीज़ों की स्थितियों के प्रति पेइचिंग के डॉक्टरों के साथ विचार विमर्श कर सकेंगे।”

तुंगचीमेन अस्पताल के डॉक्टर यैन चैन फंग का मानना है कि गरीब क्षेत्रों के लोगों के लिए स्वयंसेवाएं और मुफ्त दवा प्रदान करने का विशेष महत्व होता है। उन्होंने कहा,“पाँच या दस साल से पहले की तुलना में गैननान क्षेत्र की स्थितियां अच्छी होने लगी है। यहां जन जीवन का स्तर और चिकित्सालय की स्थिति में भी बहुत सुधार आया है। हम देख पाते हैं कि गांवों में गरीबी उन्मूलन की नीतियों का कार्यांवयन किया जा रहा है। इसलिए यह कहा जा सकता है कि गरीबी उन्मूलन के कार्यों में सरकार की नीतियों का विशेष महत्व प्राप्त है। मेरा ख्याल है कि गरीब क्षेत्रों के लोगों में स्वास्थ्य से संबंधित जानकारियों का प्रसार किया जाना चाहिये। दूसरी तरफ स्थानीय डॉक्टरों के स्तर को उन्नत किया जाना पड़ेगा।”

इस साल "चीनी दिल का निर्माण" गतिविधि चलाने की दसवीं वर्षगांठ है। जिसके तहत सैकड़ों डॉक्टरों ने सीमांत क्षेत्रों में गरीब परिवारों के लिए स्वयंसेवाएं प्रदान की हैं। पार्टी की 19वीं राष्ट्रीय कांग्रेस के बाद राजधानी पेइचिंग के डॉक्टरों ने तिब्बती बहुल क्षेत्रों में स्वास्थ्य की भावना और जानकारियों का प्रसार करने का अथक प्रयास किया। ताकि तिब्बती बहुल क्षेत्रों के लोगों को अधिकाधिक कल्याण पहुंचाया जाए।   

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