ल्हासा के परिवहन निर्माण में वातावरण संरक्षण पर ध्यान केंद्रित

2018-07-16 08:39:55
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ल्हासा के परिवहन निर्माण में वातावरण संरक्षण पर ध्यान केंद्रित


तिब्बत स्वायत्त प्रदेश की राजधानी ल्हासा शहर में परिवहन की अधिक सुविधा तैयार करने के लिए एक आउटर रिंग रोड का निर्माण किया जा रहा है। यह चर्चित है कि इस मार्ग का निर्माण करते समय शहर के आसपास क्षेत्रों में वातावरण संरक्षण को भी जोर लगाया गया है।

ल्हासा के टैक्सी ड्राइवर चांग क्वो चेन ने इस शहर में पांच साल के लिए टैक्सी चलाये हैं। उन्हें लगता है कि ल्हासा शहर में यातायात की स्थितियों में सुधार करने की बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा,“जब मैं आया था तब यहां के रास्ते पर यातायात जाम कम था। लेकिन इधर के वर्षों में यहां गाड़ियों की संख्या बहुत बढ़ी है। आउटर रिंग रोड का निर्माण समाप्त होने के बाद शहर में यातायात में बहुत सुधार आएगा।”चांग ने बताया कि ल्हासा नदी को पारने वाले पुल समेत प्रमुख क्षेत्रों में यातायात जाम की गंभीर स्थिति मौजूद है। इसलिए  आउटर रिंग रोड का निर्माण करने से शहर की सड़कों में मोटर-गाड़ियों की गति और तेज बनेगी।

ल्हासा शहर का आउटर रिंग रोड दक्षिणी और उत्तरी दो भागों से गठित है। इस मार्ग की डिजाइन गति प्रति घंटे 60 किलोमीटर तक होती है। परियोजना का निर्माण वर्ष 2015 के अक्तूबर में शुरू हुआ और मार्ग के उत्तरी भाग में यातायात शुरू होने लगी है। तिब्बत में आर्थिक विकास के चलते यातायात का दबाव बढ़ता जा रहा है। इसलिए सरकार ने ल्हासा शहर में आउटर रिंग रोड का निर्माण करने का फैसला कर लिया। यह मार्ग ल्हासा - न्यिंग-ची राजमार्ग तथा ल्हासा - गोंगगर एयरपोर्ट हाईवे के साथ भी जुड़ेगा। 72 किलोमीट लम्बा यह आउटर रिंग रोड नम्बर 318 और नम्बर 109  राजमार्गों के साथ भी जोड़ा जाएगा।

ल्हासा एक पठारी शहर है जिस की औसत ऊंचाई 3600 मीटर होती है। शहर का आउटर रिंग रोड सौ किलोमीटर लम्बा है जिस के 7 सुरंग और 27 पुल भी हैं। इस रोड की गति प्रति घंटे 60 किलोमीटर होती है और मोटर गाड़ी से ल्हासा शहर का सर्कल करने में केवल दो घंटे चाहिए। आउटर रिंग रोड के निर्माण से ल्हासा शहर में यातायात सुविधा दिलाने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। प्रदेश के रिहायशी और शहरी व ग्रामीण निर्माण विभाग के अफसर हाउ ली तुंग ने कहा,“ल्हासा शहर में आउटर रिंग रोड का निर्माण करने से इस शहर का फास्ट रोड नेटवर्क स्थापित करने के माध्यम से संश्लेषित यातायात केंद्र की भूमिका निभाई जाएगी।”

ल्हासा शहर के आउटर रिंग रोड का उत्तरी भाग की शुरूआत राष्ट्रीय प्राकृतिक संरक्षण क्षेत्र ल्हालू वेटलैंड के पास स्थित है। 1220 हेक्टेयर विशाल इस शहरी आर्द्रभूमि को ल्हासा का फेफड़ा बताया जाता है। ल्हालू वेटलैंड पानी शुद्ध करने, स्वच्छ हवा बनाने, हवा नमी में वृद्धि करने और ऑक्सीजन बनाने में अत्यंत महत्वपूर्ण पात्र निभा रहा है। वेटलैंड पर प्रभाव न करने के लिए आउटर रिंग रोड के निर्माण में भारी बदलाव किया गया। ल्हासा शहर में शहरी निर्माण निवेश कंपनी के उप डायरेक्टर चाओ छंग च्ये ने कहा,“ल्हालू वेटलैंड से टालने के लिए हम ने इस मार्ग का लाइन भी बदल दिया और इस के लिए कुछ सुरंगों का निर्माण भी करना पड़ा है।” वेटलैंड का यथासंभव संरक्षण करने के लिए इस वेटलैंड से जुड़ने वाली नदियों पर कुछ नये पुल निर्मित किये गये। ल्हासा शहर के नागरिक लोसांग त्सेरिंग ल्हालू वेटलैंड के तट पर रहते हैं। वे अपने मकान के खिड़की से ही वेटलैंड का दृश्य देख पाते हैं। उन्हों ने कहा,“तिब्बत में लोग आम तौर पर अपने दरवाज़े के सामने ही पहाड़ या नदी देख पाते हैं। मैं ल्हालू वेटलैंड के पास ही रहता हूं। वहां घूम लेने से बहुत खुशी होती है। क्योंकि वहां का वातावरण अच्छा है और मेरे दिल में वातावरण संरक्षण का विचार भी खड़ा हुआ है।”

आउटर रिंग रोड का दक्षिणी भाग ल्हासा नदी के तट से चलता है। यहां एक नया शहरी फेफड़ा स्थापित किया जा रहा है। वर्ष 2013 के मार्च में इस नदी पर जल भंडारण परियोजना शुरू की गयी। वर्ष 2016 के अक्तूबर में परियोजना समाप्त हुई। इससे ल्हासा नदी के इस भाग को एक कृत्रिम झील बनाई गयी। ल्हासा शहर के जल संरक्षण ब्यूरो के उप प्रधान थंग पाओ थींग ने कहा,“पहले सर्दियों के दिन में ल्हासा नदी के इस भाग में जल प्रवाह खत्म था। नदी का तल भी साफ तौर पर दिखता था। रेतीली हवा चलने से शहर में आर्द्रता भी कम होने लगी थी। कृत्रिम झील बनाने से इस नदी के आसपास क्षेत्रों में वातावरण में सुधार किया गया है। सूखी अवधि में नदी के इस भाग का जल भंडारण बीस लाख घन मीटर तक जा पहुंचा है। इस तरह ल्हासा शहर के प्राकृतिक वातावरण में काफी सुधार आया है।” 

ल्हासा शहर के आउटर रिंग रोड के दक्षिणी भाग के तहत वृक्षारोपण की परियोजना भी लागू की गयी है। जहां के नानशान पारिस्थितिक पार्क में कुल दस हजार हेक्टेयर पेड़ लगाये गये हैं। इस तरह ल्हासा शहर के नागरिकों को मनोरंजन के लिए नया स्थल प्राप्त है। इस के अतिरिक्त  आउटर रिंग रोड के दोनों तटों पर तीस से पचास मीटर तक विशाल क्षेत्रों में भी वनीकरण संपन्न होगा।  इस ग्रीन बेल्ट के निर्माण से आउटर रिंग रोड एक पारिस्थितिक और परिदृश्य एवेन्यू बन जाएगा। ल्हासा एक और अधिक सुन्दर व जीवित शहर बन जाएगा।  

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