तिब्बत में पारंपरिक हस्तशिल्प---बांस बुनाई

2018-07-05 10:59:10
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तिब्बत में पारंपरिक हस्तशिल्प---बांस बुनाई

तिब्बत में पारंपरिक हस्तशिल्प---बांस बुनाई

तिब्बती पठार पर अनेक जातियां रहती हैं जिनका अपना अपना हस्तशिल्प कला उपलब्ध है। यालूजांबू नदी के तट पर स्थित मेडोक काउंटी में रहती लोबा और मेनबा जाति के लोगों की बांस और रतन की बुनाई करने वाली कौशल बहुत मशहूर है। उन में मेडोक काउंटी के देशींग जिले में बांस बुनाई का हस्तशिल्प कला असाधारण बताया जा रहा है।

मेडोक काउंटी की सरकार ने गरीबी उन्मूलन को बढ़ाने के लिए बांस और रतन की बुनाई कौशल के विकास को बहुत जोर दिया। देशींग जिले में सांस्कृतिक उद्योग की दृष्टि से बांस बुनाई का विकास किया जा रहा है। देशींग जिले के उप प्रधान शेरब दोर्जे ने कहा,“वर्ष 2013 में सरकार के कार्य दल ने हमारे यहां 29 किसानों व चरवाहों को सछ्वान प्रांत की छींगशेन काउंटी में बांस बुनाई सिखवाने भेजा। वर्ष 2015 में पेइचिंग के एक बांस और रतन फर्नीचर कारखाने ने भी यहां के लोगों को नया बांस बुनाई स्किल सिखाया। इससे पहले हमने केवल पारंपरिक वाला बनाया था।”

शेरब दोर्जे ने कहा कि देशींग जिले में बांस और रतन बुनाई का विकास करने का उद्देश्य, पारंपरिक कौशल विरासत सुरक्षित करने के सिवा गरीबी उन्मूलन का लक्ष्य भी साकार करना है। पहले देशींग में बांस बुनाई की कौशल पिछड़ी हुई थी और उत्पादों का बाजार भी नहीं हुआ। सरकार की मदद में देशींग के किसानों ने बांस बुनाई का विकास कर ग्रीन उद्योग का रास्ता खोल दिया। वर्ष 2013 में न्यिंग-ची शहर की सरकार ने देशींग में 37 लाख युवान की पूंजी डालकर एक बांस और रतन बुनाई कारखाना स्थापित किया। इस सहकारी के मैनेजर चांग ई च्वन ने कहा,“आम तौर पर किसान पहाड़ों में बांस और रतन एकत्र कर हमारे कारखाने को बेचते हैं। कारखाने में इन बांस और रतन की सामग्रियों का प्रोसेसिंग किया जाता है। इस के बाद किसानों के घर में इन प्रसंस्कृत सामग्रियों से हस्तशिल्प वस्तुएं बनाई जाएगी। सहकारी सभी उत्पादन वस्तुओं की बिक्री करने के जिम्मेदार है। बाहर में हमारे दुकान भी हैं।”

यह तथाकथित “कंपनी प्लस किसान”का उत्पादन मोड है। यानी कि एक कंपनी के तहत किसानों के उत्पादन कार्य  इकट्ठे किये गये हैं। इस तरह पूरे गांव के साठ परिवारों ने बांस बुनाई में शामिल किया है। गत वर्ष उन के उत्पादों की बिक्री मात्रा 13 लाख युआन तक रही है। सहकारी के कार्यशाले और गोदाम में ढेर सारे बांस और रतन सामग्री इकट्ठी हुई हैं। पारंपरिक बांस बुनाई के सिवा आधुनिक स्टाइल वाले मेज, सोफा, टी टेबल, कुर्सी और बास्केट आदि रंगबिरंगी वस्तुएं नजर में आ रही हैं। ये सब बांस और रतन से बनाये गये हैं। सहकारी के कार्यकर्ता ह्वांग शी ने कहा कि उत्पादन वस्तुओं के 70 प्रतिशत भाग को पेइचिंग, क्वांगचाओ और छंगतु आदि बड़े शहरों में बेचते रहे हैं। उन्होंने कहा,“आज बहुत से बड़े होटलों और रेस्तरां ने हमारे यहां के उत्पाद बुकिंग कर दिया है। उनमें कार्ड बैग, टी टेबल और सोफा आदि सब शामिल हैं। बांस की तुलना में रतन चीज़ों का अधिक स्वागत है। क्योंकि रतन चीज़ें और अधिक मजबूत हैं, प्रयोग में रतन वस्तुएं भी अधिक दृढ़ है।”

बांस व रतन बुनाई वस्तुओं की बिक्री को बढ़ाने के लिए मेडोक काउंटी की सरकार ने ई-कॉमर्स पर भी ध्यान रख दिया। सरकार की वरिष्ठ अफसर यूंगचेन ने कहा,“हमारी काउंटी की सरकार ने यह कदम उठाया कि ल्हासा शहर के आयुन दुकान के साथ एक करोड़ युवान के अनुबंध पर हस्ताक्षर किये। जिसके मुताबिक हम अपने यहां के बांस और रतन बुनाई उत्पादों की बिक्री में मदद देना जारी रखेंगे।” यह निश्चित है कि ई-कॉमर्स के माध्यम से देशींग जिले में बांस व रतन बुनाई हस्तशिल्प का उज्जवल भविष्य हो जाएगा।   

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