तिब्बती चिकन पालने से गरीबी उन्मूलन का लक्ष्य साकार

2018-06-25 08:27:53
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तिब्बती चिकन पालने से गरीबी उन्मूलन का लक्ष्य साकार

तिब्बती चिकन पालने से गरीबी उन्मूलन का लक्ष्य साकार

तिब्बती पठार पर लोगों को चिकन पालने का आदत है। दूसरे क्षेत्रों के चिकन की तुलना में तिब्बती चिकन का कद छोटा है, पर वह अधिक क्रियाशील है, और इसके मांस और अंडे में और समृद्ध पोषक मौजूद है। तिब्बत स्वायत्त प्रदेश के न्यिंग-ची शहर में गरीबी उन्मूलन का लक्ष्य साकार करने के लिए तिब्बती चिकन पालन-फार्म का जोरदार विकास हुआ है। न्यिंग-ची शहर के एक सुपरमार्केट में कुनसांग नामक तिब्बती चिकन व अंडे का शोकेस रखा हुआ है जिसके सामने बहुत से ग्राहक देखने आते हैं। कुनसांग न्यिंग-ची शहर के उपनगर में स्थित एक गांव है। सरकार ने गरीबी उन्मूलन करने के लिए इस गांव के निवासियों को तिब्बती चिकन पालने के लिए प्रोत्साहित किया। वर्ष 2017 में सरकार की सहायता से कुनसांग गांव में छह लाख युवान की पूंजी लगाकर दो हजार वर्ग मीटर विशाल एक चिकन पालनफार्म स्थापित हुआ। फार्म में गांव के सात परिवारों ने कुल 850 तिब्बती चिकन का पालन किया। गांव की मुखिया द्रोल्मा ने कहा,“कुनसांग गांव का चिकन पालनफार्म देश की गरीबी उन्मूलन योजना के तहत है। वर्ष 2016 के मई महीने में इस फार्म का निर्माण किया गया। उस वर्ष के सितंबर माह से ही अंडों का उत्पादन शुरू हुआ । अब इस चिकन फार्म में प्रति माह छह सात हजार अंडों का उत्पादन किया जाता है। हर परिवार को नौ हजार युआन की आय प्राप्त हो सकती है।”

चिकन फार्म की स्थापना करते समय केवल पाँच सौ चिकन पालते थे। इसमें उत्पादित अंडे मुख्य रूप से सरकार के कार्य दल और आसपास में रहने वाले लोगों को बेचे जाते थे। लेकिन छुट्टियों के दिन कार्य दल को सदस्य आदि लोग कम होने की वजह से बाजार की मांग गिरने लगी और अंडे बेचना मुश्किल था। बात सुनकर  कार्य दल ने तुरंत ही न्यिंग-ची शहर के सुपरमार्केट के साथ बातचीत कर बाजारों में बिक्री काउंटर रखा। इसके बाद सुपर मार्केट और चिकन फार्म के बीच सहयोग करने के समझौते पर हस्ताक्षर किये गये। कुनसांग जिले की उप प्रधान ल्हाचेन ने कहा,“सरकार के कार्य दल ने शहर में दो सुपर मार्केट के साथ संबंध कायम किये और बाजारों में हमारे अंडे का विशेष काउंटर रखा गया। अब हमारे अंडे की मांग आपूर्ति से भी ज्यादा है। खासकर वही हरे रंग वाला अंडा बाजारों में बहुत लोकप्रिय है।”

तथाकथित हरे रंग वाला अंडा तिब्बती चिकन और भीतरी इलाके के रीड चिकन के संकर द्वारा पैदा किया जाता है। हरे अंडे में उच्च पौष्टिक मूल्य होता है और बाजार में लोकप्रिय भी है। चिकन फार्म के प्रधान पेनपा ने कहा,“हमारे फार्म में चिकन को कृत्रिम फ़ीड के बजाये तिब्बती जौ और गेहूं खिलाया जाता है। हरे अंडे का उत्पादन बहुत कम है, प्रति दिन केवल दस बारह आते हैं, पर सफेद वाले दो सौ से ज्यादा है।”

चिकन फार्म की स्थापना से कुनसांग गांव में लोगों के जीवन में सुधार आया है। गांव में सुन्दर सुन्दर मकान, साफ साफ सीमेंट फुटपाथ और तिब्बती जौ के खेतों की नजर आ रही है। गांव वासियों के चेहरे पर मुस्कान भी दिखता रहा है। चिकन फार्म की स्थापना से इस छोटे गांव में भारी परिवर्तन का प्रतीक होता है। लेकिन गांववासियों की और बड़ी योजना भी है। पेनपा ने कहा,“हम छोटे चिकन भी पैदा करने वाले हैं और इन्हें दूसरे क्षेत्रों में बेच देंगे। भविष्य में हम अपने चिकन फार्म का अधिक विस्तार करेंगे।”

 

 

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