गरीबी उन्मूलन से गैनत्सी के विकास को बढ़ावा मिला

2018-05-28 16:01:17
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गरीबी उन्मूलन से गैनत्सी के विकास को बढ़ावा मिला 


सछ्वान प्रांत स्थित गैनत्सी तिब्बती स्वायत्त स्टेट में काउंटी स्तरीय वृद्धाश्रम वर्ष 2011 में स्थापित हुआ जहां चालीस से ज्यादा अकेले बूढ़े आदमी रहते हैं।

इस वृद्धाश्रम का सभी खर्च सरकार की तरफ से आता है। काउंटी सरकार प्रति वर्ष इस वृद्धाश्रम को छह लाख युवान देती है और इसके सिवा वृद्धाश्रम को अपने सहायक छंगतू शहर के लूंगछ्वानयी कस्बे से भी हर साल पाँच लाख युवान की सहायता मिलती है। बूढ़े आदमी प्रति दिन प्रार्थना व तिब्बती भाषा का अध्ययन करते हैं। शाम को इनके लिये व्यायाम और नृत्य जैसी गतिविधियों का आयोजन भी होता है। पिछले कुछ वर्षों में गैनत्सी स्वायत्त स्टेट की सरकार ने गरीब लोगों की मदद में भारी प्रयास किया है। सरकार ने पूंजी लगाकर सब्जी केन्द्र बनाने और होम होटल खोलने में गरीब किसानों की मदद की है। साथ ही स्थानीय लोगों को अपने तिब्बती विशेषता के अनुसार पर्यटन उद्योगों का विकास करने में भी सरकार की तरफ से खर्च दिया गया है। प्रति दिन दोपहरबाद वृद्धाश्रम में रहने वाले बुजुर्ग प्रार्थना करना शुरू करते हैं। वे अपनी मातृभूमि की समृद्धि के लिए पूजा करते हैं। आज इस वृद्धाश्रम में कुल चालीस बुजुर्ग रहते हैं जो सब 60 साल के ज्यादा उम्र वाले अकेले बूढ़े आदमी हैं। सरकार ने इन बूढ़ों के लिए जीवन और मनोरंजन की खूब शर्तें तैयार की हैं। बूढ़ों को अपने बुढ़ापे के जीवन के प्रति काफी संतोष लगता है। उन्होंने कहा,“हमारा जीवन अच्छा है, हर मौसम के कपड़े भी तैयार हैं, खानपान आदि सब अच्छे हैं। हमें बहुत खुशी होती है।”

इस वृद्धाश्रम की मैनेजर हू वेन ने कहा कि बूढ़ों के सुखमय जीवन को देखकर उन्हें भी बहुत खुशी हुई है। आशा है कि ये बूढ़े आदमी इस वृद्धाश्रम में खुशी से अपने बुढ़ापे का समय बिताएंगे। उन्हों ने कहा,“आशा है कि ये बूढ़े आदमी और अधिक मंगलमय महसूस कर सकेंगे। वे सब बहुत कठिन जीवन में से गुजर गये थे। उम्मीद है कि वे खुशी से यहां अपने बुढ़ापे का समय बिताएंगे ।”

इधर के वर्षों में सछ्वान प्रांत के गैनत्सी तिब्बती स्वायत्त स्टेट की सरकार ने गरीबी उन्मूलन का लक्ष्य साकार करने के लिए अथक प्रयास किया है। गरीब निवासियों को अधिक आय प्राप्त करवाने के लिए सरकार ने अनेक कदम उठाये हैं। सरकार की मदद में निवासियों ने अपना आवास एसोसिएशन भी स्थापित किया है जो स्थानीय लोगों के आर्थिक विकास में सहायता प्रदान करता है। डाओफू काउंटी के आवास एसोसिएशन की प्रधान चांग क्वेई ची ने अपने संघ के 150 सदस्यों के साथ तिब्बती शैली आवासीय पर्यटन का विकास किया । उन्हों ने कहा,“हमारे अपने मकान हैं और  सरकार की उदार नीतियों से हम ने अपने मकानों में होम होटल या तिब्बती शैली वाले रेस्तरां खोले हैं। डाओफू काउंटी की सरकार ने निवासियों के लिए बहुत अच्छी नीतियां प्रस्तुत की हैं।”

होम होटलों के संचालक आज प्रति वर्ष एक लाख युवान की आय प्राप्त कर सकते हैं जो गरीब परिवारों को बहुत मददगार है। और सरकार ने उन गरीब निवासियों, जिन के पास सही मकान नहीं है, को निशुल्क तौर पर मकान और जल व बिजली की आपूर्ति प्रदान की है। लोग सरकार की मदद पर बहुत आभारी हैं। 

उधर गैनत्सी स्टेट की लूहो काउटी में गरीब लोगों ने सरकार की मदद से कुल सौ ग्रीन हाउस का निर्माण किया और सब्जियों का रोपण करना शुरू किया। हरेक ग्रीन हाउस से तीस हजार युवान की आय प्राप्त हो सकती है जिससे गरीब गांववासियों की बड़ी मदद मिली है। पठार का मौसन सब्जियों का उत्पादन करने के लिए अनुकूल नहीं है। इसलिए लूहो काउटी में सब्जियों की आपूर्ति में हमेशा कठिनाइयां मौजूद रही। ग्रीन हाउस के निर्माण से न सिर्फ स्थानीय बाजारों की सब्जी-आपूर्ति को पूरा किया गया है, बल्कि स्थानीय सब्जियों को बड़े शहरों में भी बेचा जा सकता है और इससे गरीब गांववासियों को अधिक आय प्राप्त हो सकता है। लूहो काउटी के ग्रीन हाउस परियोजना के जिम्मेदार वांग चीह्वा ने कहा,“आज हम मुख्य रूप से कार्बनिक सब्जियों का उत्पादन कर रहे हैं। छंगतु और चिनच्यांग जैसे बड़े शहरों में भी हमारा कार्बनिक सब्जी कारोबार स्थापित है। ऐसा उत्पादन करने से गरीबी उन्मूलन का लक्ष्य साकार किया जाएगा।”  

गैनत्सी तिब्बती स्वायत्त स्टेट के बहुत से क्षेत्रों ने भी अपनी अपनी विशेषताओं के आधार पर गरीबी उन्मूलन का प्रयास किया है। उन में कुछ ने तिब्बती शैली वाले पर्यटन, सांस्कृतिक समारोह और अल्प संख्यक जातीय  मेला आदि भी शामिल हैं। विश्वास है कि अधिक सही और उदार नीतियों के लागू करने से इन क्षेत्रों में लोगों के जीवन स्तर को और उन्नत किया जाएगा। 

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