मेडोक काउंटी में गरीबी उन्मूलन

2018-01-02 14:22:05
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मेडोक काउंटी में गरीबी उन्मूलन

मेडोक में गरीबी उन्मूलन


मेडोक काउंटी तिब्बत स्वायत्त प्रदेश के दक्षिण पूर्व स्थित है, यहां यातायात के पिछड़ेपन की वजह से गांववासियों को गरीबी से ग्रस्त रहना पड़ता था। स्थानीय सरकार ने गरीब हटाव के उद्देश्य से कुछ गांववासियों का पहाड़ों से मैदान में स्थानांतरित करने आदि के कदम उठाये हैं। 

गरीबी हटाव अभियान से गांववासियों को बड़ी मदद मिली और वे सरकार की सहायता के प्रति आभार रहते हैं। सांगचेनका गांव में रहने वाले थाशी ने कहा,“हम इस वर्ष के अंत में नये मकान में स्थानांतरिक करेंगे और मुझे बहुत खुशी है। पार्टी और सरकार की सही नीतियों से हमें नये मकान प्राप्त हो जाएंगे। और यातायात में सुधार से अब हमारे यहां मोटर गाड़ी भी चलने लगी है।”

थाशी ने कहा कि अब उन के घर का डेढ़ सौ वर्ग मीटर विशाल मकान प्राप्त होगा। और वे नौकरी करने के लिए बाहर नहीं जाएंगे। सांगचेनका गांव मेडोक काउंटी में स्थित एक पहाड़ी गांव है। वर्ष 2013 के अक्तूबर में इस काउंटी में राज्य मार्ग प्रशस्त किया गया जिससे गांववासियों के जीवन में उल्लेखनीय सुधार नजर आया है। पहले जब यातायात की सुविधा नहीं मिलती थी तब बहुत से गांववासियों को नौकरी मिलने के लिए बाहर जाना पड़ता था। अब राज्य मार्ग प्रशस्त होने के बाद ये लोग वापस आ जाना चाहते हैं। काउंटी की उप प्रधान यूंगचेन ने कहा,“पहले यहां के लोग अपने रिश्तेदारों या दोस्तों की मदद से नौकरी करने के लिए बाहर गये थे। पर वर्ष 2013 में राज्य मार्ग प्रशस्त होने के बाद ये लोग वापस आने लगे हैं।”

गांववासियों के पुनः स्थानांतरण की मदद करने के लिए मेडोक काउंटी ने एक विशेष दल स्थापित किया जो गांववासियों के मकान निर्माण, रोजगारी और जीवन गारंटी के जिम्मेदार है। वर्ष 2015 के दिसंबर तक सांगचेनका गांव में गरीबी उन्मूलन परियोजना शुरू होने लगी। काउंटी सरकार ने इस गांव के 64 परिवारों के सभी 295 सदस्यों के लिए प्रोफाइल स्थापित किया ताकि हरेक गांववासी को गरीबी हटाव की गारंटी की जाए। यूंगचेन ने कहा,“अभी तक कुल 64 परिवारों का स्थानांतरण किया गया है और उन के मकान निर्माण के लिए चार करोड़ युवान की पूंजी डाली गयी है। इन परिवारों के लिए निर्मित मकान दो सौ या डेढ़ सौ वर्ग मीटर विशाल होते हैं जो इन के सदस्यों की संख्या से तय होते हैं।”

सरकारी अफसरों का कहना है कि गरीबी हटाव के अभियान में केवल पैसे का वितरण करना सही नहीं है। इससे और महत्वपूर्ण बात है कि गांववासियों और पशुपालकों की इच्छा से उन्हें रोजगारी दिलाना चाहिये। जभी गांववासी अपनी क्षमता से आय कमाने में समर्थ हैं, तब गरीबी हटाव का लक्ष्य संपन्न होगा। इसलिए मेडोक काउंटी की सरकार ने गांव वासियों को चाय और जड़ी-बूटियों का रोपण करवाने की योजना बनायी । मेडोक काउंटी के गातांग कस्बे के प्रमुख मिमा ने कहा,“यहां की ऊंचाई समुद्र तल से 1800 मीटर है। घने जंगल फैलने की वजह से यहां का मौसम चाय आदि का रोपण करने के लिए सही है। हम किसानों को मिर्च, चाय, मकई,जौ और गेहूं आदि का रोपण करने में मदद प्रदान करेंगे।”

पहले मेडोक काउंटी में पिछड़ी यातायात की वजह से गांववासियों को गरीबी से ग्रस्त रहना पड़ा था, आज राज्य मार्ग और सूचना उपकरणों के निर्माण से इस क्षेत्र में पर्यटन और सेवा कारोबार आदि उद्योगधंधों का बड़ी तेज़ी से विकास किया जा रहा है। ये सबकुछ देखकर स्थानीय लोग मन में फूले न समाये। मिमा ने कहा,“देश के विकास के चलते सरकार ने सीमांत क्षेत्रों में रहने वालों के लिए उत्तम नीतियां कायम की हैं। गांववासियों को सरकार की तरफ से मकान, रोजगारी और चिकित्सा आदि का कल्याण मिल सकता है। सरकार की मदद से गांववासियों का जीवन बेहतर हो जाएगा।”

 

 

 मेडोक काउंटी का संक्षिप्त परिचय

 

मेडोक काउंटी तिब्बत स्वायत्त प्रदेश के दक्षिण पूर्व स्थित है जो न्यिंगची शहर के अधीन होता है। वर्ष 2016 तक इस काउंटी के कुल आठ कस्बों में साठ गांव फैलते हैं जहां कुल चौदह हजार लोग रहते हैं।

मेडोक काउंटी में मुख्य तौर पर मनबा और लोबा जातीय लोग रहते हैं। यालूजानबू नदी का महा घाटी भी इस क्षेत्र से गुजरता है। मेडोक क्षेत्र की औसत ऊँचाई 1200 मीटर होती है, औसत वार्षिक वर्षा मात्रा 2358 मिमी तक रहती है, यहां का मौसम गर्म और आर्द्र है। यालूजानबू नदी मेडोक काउंटी से गुजर रहती है जहां की हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर क्षमता इस तमाम नदी का दो तिहाई, और पूरे देश का एक दसवां भाग रहता है।      

मेडोक काउंटी के घने जंगल में सौ से अधिक किस्म वाले दुर्लभ पौधों और जंगली जानवरों का फैलाव होता है। इस क्षेत्र में रहने वाले कुल 3000 प्रकार के पौधों में से अनेक किस्मों का दवाइयों के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। इन के अतिरिक्त इस क्षेत्र में टाइगर, मृग, बंदर, पक्षियों और एक हजार से अधिक किस्मों वाले कीड़े भी जीते रहे हैं।

मेडोक काउंटी में रहने वाले निवासियों में मनबा, लोबा, तिब्बती, हान और दूसरी अल्पसंख्यक जातियां शामिल हैं जिनमें अधिकांश लोग मनबा और लोबा जातीय के हैं। मेडोक में रहने वाले किसान मुख्य रूप से चाय, चावल और मकई आदि का रोपण करते हैं। वर्ष 2017 में मेडोक की यात्रा करने वाले पर्यटकों की संख्या 8700 तक जा पहुंची। सरकार के प्रोत्साहन से पर्यटन उद्योग का बड़ी तेज़ी से विकास किया जा रहा है। 

राज्य मार्ग प्रशस्त होने के साथ-साथ मेडोक के गांवों में टीवी सिग्नल, फ़ोन और नेटवर्क की कवरेज दर शत प्रतिशत तक जा पहुंची है। 

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