तिब्बत की सहायता के लिए क्वांगतुंग प्रांत का कार्य दल

2017-12-24 16:20:05
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तिब्बत की सहायता के लिए क्वांगतुंग प्रांत का कार्य दल

तिब्बत की सहायता के लिए क्वांगतुंग प्रांत का कार्य दल


दक्षिणी चीन के क्वांगतुंग प्रांत के फ़ोशान शहर के कार्य दल तिब्बत की सहायता के लिए न्यिंगची प्रिफेक्चर की मेडोक काउंटी में काम कर रहे हैं।

क्वांगतुंग प्रांत के कार्य दल ने तिब्बती जनता के प्रति गहरी भावना के साथ मेडोक में गरीबी मिटाव का अभियान शुरू किया। मेडोक के उप मजिस्ट्रेट श्ये क्वो काओ, जो फ़ोशान शहर से गये हैं, ने मेडोक के गांवों का दौरा किया और गरीब लोगों के जीवन स्तर को उन्नत कराने के लिए अथक प्रयास किया। उन की याद में मेडोक एक बहुत सुन्दर जगह है, पर वहां की सड़क यातायात खतरनाक है। मेडोक में अपनी कहानी बताते हुए श्ये ने कहा,“कुछ गांव में अन्तर जाने का कोई सामान्य रास्ता नहीं है, हमें पहाड़ के चट्टानों पर हाथ पांव लगाकर चढ़ना पड़ा था। मैं ने अपने सहपाठियों से न जाने का अनुरोध किया, क्योंकि पहाड़ी रास्ता बहुत खतरनाक है। लेकिन उन्होंने सब गांवों में जाने पर जोर दिया।”

वर्ष 2016 के जुलाई में क्वांगतुंग प्रांत के फ़ोशान शहर के कार्यकर्ता क्वो चेन ह्वा ने तिब्बत की सहायता के लिए मेडोक काउंटी में खेल विभाग के प्रधान का पद सँभाला। मेडोक में यातायात पिछड़ी होने की वजह से शिक्षा और खेल आदि क्षेत्रों का विकास पिछड़ा हुआ है। इधर के वर्षों में चीन सरकार ने तिब्बत के बुनियादी उपकरणों के निर्माण में भारी कोशिश की और आर्थिक निर्माण में बहुत सी पूंजी व जान-माल शक्ति डाली। लेकिन सांस्कृतिक कार्यों का पर्याप्त विकास नहीं हो पाया है। क्वो ने कहा,“यहां के स्कूल के अध्यापकों और छात्रों से संपर्क रखने में मुझे गहरी छाप हुई कि मेडोक के अध्यापक और छात्र बहुत ईमानदार और वर्म होते हैं। यहां के छात्रों को ज्ञान के लिए बहुत बड़ी रुचि है, वे बाहर में जाकर कौशल सीखने के बाद अपनी जन्मभूमि का निर्माण करना चाहते हैं।”

क्वो चेन ह्वा ने कहा कि जभी वे बच्चों की मुस्कान और प्रगतियां देखें, तब तो उन्हें बहुत सुखमय लगे हुए हैं। गांववासियों की भावना से भी क्वांगतुंग प्रांत से मेडोक गये कार्यकर्ताओं को प्रेरित किया गया है। डाक्टर ले चेन क्वांगतुंग के फ़ोशान शहर के नम्बर 6 अस्पताल से आये हैं, अब वे मेडोक के जन अस्पताल में काम कर रहे हैं। रोगियों की खुशियों से उन्हें गौरव लगता है। उन्हों ने कहा,“एक बार हम छात्र बाईमा त्सेरिंग के घर गये। हमारे साथ विदाई देते समय इस बच्चे की मां की आंखों में आंसू गिरने लगे। उस समय मुझे बहुत ही छुआ था, मुझे लगता है कि डॉक्टर बनना गौरव के साथ व्यवसाय है।”

क्वांगतुंग प्रांत के कार्य दल ने स्थानीय सरकार की मदद में न्यिंगची क्षेत्र के कार्यों में अपना योगदान पेश किया है। कार्य दल के प्रधान श्ये क्वो काओ ने कहा कि तिब्बत की सहायता में गरीबी उन्मूलन को प्राथमिकता दी जाती है। अब न्यिंगची क्षेत्र में पूंजी निवेश और बुनियादी उपकरणों का निर्माण समाप्त हो गया है, इसके बाद स्थानीय उद्योंगों, जैसे चाय,पर्यटन और पशुपालन आदि का जोरों पर विकास किया जाएगा। विश्वास है कि फ़ोशान की मदद से मेडोक का शीघ्र ही विकास किया जा सकेगा। उन्हों ने कहा,“आशा है कि वर्ष 2018 में मेडोक काउंटी न्यिंगची शहर के दूसरे क्षेत्रों के साथ-साथ खुशहाल समाज के स्तर पर जा पहुंचेगी। यालूचांगबू नदी की घाटी में जातीय एकता का फूल फूलेगा।”

 

न्यिंगची शहर का संक्षिप्त परिचय

 

न्यिंगची शहर तिब्बत स्वायत्त प्रदेश के अधीन प्रिफेक्चर स्तरीय शहर है, जो तिब्बत के पूर्वी दक्षिणी भाग और यालूचांगबू नदी के मध्यम व निचले भाग में स्थित है। दुनिया में सबसे गहरा घाटी यानी यालूचांगबू महा घाटी भी यहां स्थित है।

सन 1950 के दशक में तिब्बत की शांतिपूर्ण मुक्ति के बाद न्यिंगची क्षेत्र में भी लोकतांत्रिक रुपांतर किया गया। वर्ष 2015 में केंद्र सरकार ने न्यिंगची प्रिफेक्चर को शहर बना दिया। न्यिंगची क्षेत्र का मौसम उष्णकटिबंधीय आर्द्र और अर्ध-आर्द्र होता है। न्यिंगची क्षेत्र की औसत ऊँचाई समुद्र तल से 3,000 मीटर होती है जो तिब्बत में सबसे नीची है, इसकी वार्षिक वर्षा  650 मिमी और औसत वार्षिक तापमान 8.7 ℃ रहती है।

न्यिंगची क्षेत्र में स्थित यालूचांगबू महा घाटी 490 किलोमीटर लम्बा होता है और इसकी औसत गहराई भी पांच हजार मीटर तक रहती है। जिसकी हाइड्रोलिक ऊर्जा तिब्बत में 70 प्रतिशत भाग रहता है। न्यिंगची के जंगल में बाघ, तेंदुए, भालू, मृग, हिरण और बंदर आदि जंगली पशु जीते हैं और बहुत सी जड़ी बूटियों और पौधों का फैलाव होता रहा है।  

न्यिंगची क्षेत्र में तिब्बती, मेनबा, लोबा और नाशी आदि अनेक जातियां रहती रही हैं। वर्ष 2016 के आंकड़े बताते हैं कि इस क्षेत्र में कुल 2.3 लाख आबादी है जिसका 90 प्रतिशत तिब्बती ही हैं।

केंद्र सरकार ने न्यिंगची क्षेत्र के शिक्षा के विकास में भारी पूंजी डाली है। वर्ष 2005 में इस क्षेत्र में स्थापित 192 स्कूलों में कुल तीस हजार छात्र पढ़ रहे हैं। बच्चों की भरती दर 98.3 प्रतिशत तक जा पहुंची है और अधिकांश बच्चों को अनिवार्य शिक्षा की प्राप्ति संपन्न की गयी है। न्यिंगची क्षेत्र में कुल 72 अस्पताल स्थापित हो चुके हैं और सांस्कृतिक भवन आदि के निर्माण में भी उल्लेखनीय उपलब्धियां प्राप्त हो गयी हैं। 

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