छ्वेआरशैन पर्वत को आर पार कर बना प्रशस्त रास्ता

2017-11-06 15:02:04
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छ्वेआरशैन पर्वत को आर पार कर बना प्रशस्त रास्ता

 

पश्चिमी चीन के सछ्वान प्रांत स्थित गैनत्सी तिब्बती स्वायत्त स्टेट में राजमार्ग सुरंग यानी छ्वेआरशैन सुरंग का निर्माण सितंबर में समाप्त हुआ जिससे इसी मार्ग का सबसे मुश्किल भाग को प्रशस्त बनाया गया है ।

छ्वेआरशैन पहाड़ का एक उपनाम है, इसका अर्थ है कि इसे चील भी उड़कर पार नहीं कर सकती । ये ऐसी पर्वत चोटी है जो सछ्वान प्रांत से तिब्बत तक जाने वाले रास्ते का सबसे खतरनाक भाग है। छ्वेआरशैन पहाड़ की चोटी 6168 मीटर ऊंची है जहां शीतकाल में बर्फ से पूरी पर्वत श्रृंखला ढंकी रहती है और गर्मियों के दिनों में बर्फ के पिघलने और उसके मिट्टी में मिलने के कारण रास्ता मैला बना रहता है। वर्ष 2012 से सरकार ने 1 अरब 15 करोड़ युवान की पूंजी डालकर 7079 मीटर लम्बी सुरंग का निर्माण शुरू किया। पाँच वर्षों के अथक प्रयासों से छ्वेआरशैन पहाड़ को पार करने वाली सुरंग खोली गई है जिससे दस मिनटों में पार किया जा सकता है। ड्राइवर शू लीन लूंग 20 वर्षों से पहले गाड़ी का ड्राइविंग करते इस मार्ग से गुज़र गये थे । अपनी आपबीती की याद करते हुए उन्होंने कहा,“वर्ष 1996 में मैं गाड़ी चलाकर छ्वेआरशैन पहाड़ के मार्ग से गुजर गया था । उसी समय इस भाग को मिट्टी से बनाया गया था और सर्दियों के दिन भारी बर्फ ढकने से यह मार्ग बहुत खतरनाक था ।”

लेकिन छ्वेआरशैन भाग सछ्वान से तिब्बत जाने वाले राजमार्ग की कुंजी मानी जाती है । इसी भाग को प्रशस्त बनाने की बड़ी आवश्यकता है । वर्ष 2012 के जून में सरकार ने 1.15 अरब युवान की पूंजी डालकर 7079 मीटर लम्बे छ्वेआरशैन सुरंग का निर्माण शुरू किया ।

लेकिन समुद्र तल से 4000 मीटर ऊंचे के पठार पर, जहां प्रति वर्ष में छह महीनों की फ्रोजन अवधि और ओक्सिजन की कमी होने की स्थिति में ऐसा निर्माण करना कोई आसान काम नहीं है । इसके सिवा तेज हवा और मजबूत धूप से यहां काम करने वाले मजदूरों को बहुत दिक्कत हुई । सुरंग के निर्माता, सछ्वान प्रांत के एक्सप्रेस वे निर्माण निगम के इंजीनियर सुन ताई ने कहा,“यहां काम करते मजदूरों के लिए यह भयानक परीक्षण है । उन में कुछ मजदूरों को दो तीन महीनों के लिए काम करके छोड़ना पड़ा, कुछ ने आधे वर्ष के लिए काम किया, पर अधिकांश लोग ज्यादा समय तक नहीं कर सके ।”

सुरंग निर्माण कंपनी के परियोजना कार्यकारी मैनेजर च्यांग चांग पौ ने बताया,“यहां काम करने के एक ही दिन के बाद मैं ने छोड़ना चाहा । क्योंकि ऑक्सीजन की कमी के कारण हम रात को नहीं सो सकते थे, और दिमाग भी दिन भर उदासीनता में पड़ी हुई थी । लेकिन मैं ने अपने को यहाँ रहने के लिए मजबूर किया ।”

प्राकृतिक वातावरण की चुनौतियों का सामना करने के साथ-साथ भौगोलिक स्थितियों की कठिनाइयों को भी दूर करना पड़ा । जमी मिट्टी और फाल्ट जोन के क्षेत्र में निर्माण करना बहुत मुश्किल है । च्यांग चांग पौ ने कहा,“मैदानी क्षेत्रों में ऐसा निर्माण करने के लिए केवल दस  दिन चाहिये । लेकिन यहां यह काम करने में आधा या पूरा महीना चाहिये । पर्यावरण के कारण से यहां काम करने की कार्यकुशलता कम है ।”

लेकिन छ्वेआरशैन पर्वत में सुरंग की खुदाई करने वाले काम में सबसे मुश्किल बात है ऑक्सीजन । क्यों कि लंबे सुरंग के भीतर ऑक्सीजन की सप्लाई करना कोई आसान काम नहीं है । च्यांग ने कहा,“हमने पर्वत के दोनों किनारों से यह सुरंग खोदना शुरू किया और हरेक पक्ष से कम से कम तीन हजार मीटर लम्बा सुरंग की खुदाई की जानी पड़ती है । लेकिन हवा की सप्लाई करने वाली मशीन की क्षमता केवल 1500 मीटर तक सीमित है, इस तरह सुरंग के भीतर में काम करने वालों को हवा का अभाव पड़ता है ।”

इससे बदतर की बात है कि चार हजार मीटर ऊंचे पठार पर काम करने वाली मशीनों की स्थिति भी खराब हुई है । ऑक्सीजन के अभाव से मशीन भी अच्छी तरह से काम नहीं कर पाती, मशीन चलने में जन्म धुएं से मजदूरों पर भी प्रभाव पड़ा है । पर कठिनाइयों का सामना करते हुए मजदूरों ने अपनी प्रतीभा से नयी नयी तकनीकों का आविष्कार किया । च्यांग  बताया,“हम विशेष चैनल के माध्यम से ऑक्सीजन की आपूर्ति करते हैं, और ताज़ी हवा की सप्लाई करने के साथ-साथ प्रदूषित हवा को भी निकाला जा रहा है । यह एक नई तकनीक है जिसका इस्तेमाल देश के दूसरे क्षेत्रों में कभी नहीं हुआ था ।”

वर्ष 2012 से अभी तक के पाँच सालों में चीनी निर्माताओं ने अतुल्य कठिनाइओं को दूर कर 4300 मीटर ऊंचे पठार पर छ्वेआरशैन सुरंग का निर्माण सफलता से समाप्त किया । 26 सितंबर को इस सुरंग में यातायात औपचारिक तौर पर शुरू होने लगी । पहले इस पर्वत से पारने में कम से कम दो घंटे चाहिये थे, आज सुरंग से पास करने के लिए केवल दस मीनट की बात है । च्यांग चांग पौ ने कहा,“दुनिया में नम्बर वन के सुरंग के निर्माण में भाग लेने से मुझे गौरव की बात महसूस है । कई सालों के प्रयासों से हम ने छ्वेआरशैन पर्वत को आर पार किया है । यह बहुत ही गौरव की बात है । और सुरंग की यातायात से इस क्षेत्र के आर्थिक विकास के लिए भी मददकार है ।”

( हूमिन )

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