ई-कॉमस पर पारंपरिक तिब्बती धूपबत्ती

2017-09-07 15:25:36
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 ई-कॉमस पर पारंपरिक तिब्बती धूपबत्ती

     धूपबत्ती तिब्बत के बौद्धिक अनुयायियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है । तिब्बत के सभी मंदिरों में बौद्ध मूर्तियों के सामने धूपबत्ती समर्पित करने का दृश्य दिखता रहा है । तिब्बत स्वायत्त प्रदेश के नींगची क्षेत्र के गातींग गांव में पारंपरिक तिब्बती धूपबत्ती का निर्माण करने से गांववासियों के जीवन स्तर को उन्नत किया गया है ।

गातींग गांव के मुखिया तावा पींगछो ने चाइना रेडियो इंटरनेशनल के संवाददाता से कहा,“हमें पारंपरिक तिब्बती धूपबत्ती बनाने की संस्कृति प्राप्त है । और इस के आधार पर हम दूसरे उत्पादों का निर्माण भी कर रहे हैं । हमारी योजना है कि सर्वप्रथम हम अपने उत्पादों के ब्रांड का प्रचार करेंगे और इसके बाद अधिक उत्पादों का विकास करेंगे ।”

तावा ने बताया कि वर्ष 2012 में गातींग गांव के 11 परिवारों ने चंदा एकत्र कर तिब्बती धूपबत्ती बनाने का एक कोऑपरेटिव स्थापित किया । सरकार ने उन्हें भी मदद दी । अब उन के वार्षिक बिक्री 2 लाख युवान तक पहुंच गई है । तावा के दाता जी भी तिब्बती धूपबत्ती बनाने का विशेषज्ञ माना जाता है । उन्हों ने धूपबत्ती बनाने वाले साधनों का परिचय दिया ।  

तावा ने अपने कारोबार के अधिक विकास करवाने के लिए बाहर क्षेत्रों से मशीन खरीद लिया और वे मशीन तकनीक सीखने के लिए क्वांगचौ शहर और फूचैन प्रांत भी गये । उन्हों ने कहा,“वास्तव में मशीन हस्त-निर्मित से अच्छा है । क्योंकि मशीन से निर्मित उत्पाद अधिक साफ-सुथरा है । दूसरी बात है कि मशीन से निर्मित उत्पादों का प्रारूप भी समान है ।”

पारंपरिक तिब्बती धूपबत्ती बनाने में पुराने ग्रंथ के मुताबिक कई दवाइयों, सुगंधित सामग्रियों, पवित्र लकड़ियों तथा प्राकृतिक पौधों का प्रयोग किया जाता है । तावा ने इन सामग्रियों का परिचय देते हुए कहा,“पारंपरिक तिब्बती धूपबत्ती बनाने की कच्ची सामग्रियों में लौंग व इलायची जैसे तीसेक तिब्बती औषधि शामिल हैं । इसे जलाते समय सुगंध खुशबू आती है और शरीर के लिए भी अच्छा लगता है ।”

तावा ने बताया कि वे धूपबत्ती बनाने के लिए पेड़ काटने से भी बचते हैं । पेड़ों की छंटाई में जो शाखाएं काटी गयी हैं, वे उन्हें धूपबत्ती की कच्ची सामग्री बना देते हैं और इससे जंगल का संरक्षण किया गया है । पहले तिब्बती धूपबत्ती की बिक्री हमेशा दुकानों में की जाती थी । अब अधिकाधिक दुकानदार ई-कॉमस के जरिये अपने सामान बेचने लगे हुए हैं । वेबसाइट पर थाओपाओ, वी-चाट और नेटवर्क माइक्रो दुकान सब के माध्यम से धूपबत्ती की बिक्री की जा रही है । इस का परिचय देते हुए तावा ने कहा,“हम ने थाओपाओ वेबसाइट और वी-चाट पर अपने दुकान भी खोले हैं जहां से हम नेटवर्क के जरिये अपने उत्पादों की बिक्री करते हैं । साथ ही हम वेबसाइट के तरह तरह के प्लेटफार्म के जरिये अपने उत्पादों के फोटो, वीडियो और दूसरी सूचनाएं प्रकाशित करते हैं ।”

ई-कॉमस के माध्यम से तिब्बती धूपबत्ती का बहुत प्रसार किया गया है । बहुत से पर्यटक तिब्बती धूपबत्ती का नाम सुनकर खुद भी तावा के घर आ गये हैं । तावा ने कहा,“एक दिन पेइचिंग के कुछ पर्यटक रात को मेरे घर आये । उन्हों ने कहा कि वे वेबसाइट के जरिये मेरा नाम सुनकर आ चुके हैं । और वे मेरे घर में ही कई हजार युवान के धूपबत्ती खरीद लिये ।”

 ई-कॉमस पर पारंपरिक तिब्बती धूपबत्ती

इस के चलते अनेक ट्रैवल एजेंसियों ने भी तिब्बती धूपबत्ती की बिक्री करना चाहा । कुछ एजेंसियों ने तावा से सहयोग करने का आग्रह किया । पर उन्हों ने तिब्बती धूपबत्ती का दाम उन्नत करना चाहा और इससे अधिक आय प्राप्त हो सकता है । लेकिन तावा ने इसे अस्वीकार किया । उन्हों ने कहा,“मैं केवल पैसे के लिए बिक्री नहीं करता हूं । मुझे अपने ब्रांड को अच्छी तरह बनाए रखना है । मैं ग्राहकों को धोखा नहीं देना चाहता हूं , और मैं अपने धूपबत्तियों का दाम उन्नत नहीं करना चाहता हूं ।”

ई-कॉमस पर पारंपरिक तिब्बती धूपबत्ती की बिक्री को मदद दी गयी है । विश्वास है कि अधिकाधिक तिब्बती लोग अमीर बनने के रास्ते पर आगे जा सकेंगे ।   

 ( हूमिन )

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