यालुचांगबू नदी के तट पर “महिलाओं का लिनखा”

2017-08-28 13:07:53
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यालुचांगबू नदी के तट पर “महिलाओं का लिनखा”

नागरिक समिति की प्रधान तानचंग च्वोमा

तिब्बती भाषा में“लिनखा”का अर्थ वन पार्क है। यालुचांगबू नदी के तट पर तिब्बत स्वायत्त प्रदेश के लिनची शहर में लांगचन कस्बे की लांगपा नागरिक समिति एक आर्थिक वन क्षेत्र का प्रबंधन करती है, जिसे“महिलाओं का लिनखा”कहा जाता है। इसी आर्थिक वन क्षेत्र का प्रबंधन स्थानीय गांव के 61 परिवारों में एक परिवार की एक महिला से गठित 61 सदस्यों वाला दल संभालता है।

साल 2003 में देश के खेती के बदले वन की वापसी वाली नीति के आधार पर इस वन क्षेत्र की स्थापना की गई है। अभी इसका दायरा 40 मू है।(15 मू एक हेक्टेयर है)

उस साल नागरिक समिति की प्रधान तानचंग च्वोमा ने गांव में महिलाओं को गठित कर समान रुप से इस आर्थिक वन क्षेत्र का निर्माण किया। महिलाओं ने लिनखा में अखरोट पेड़ उगाये, जो आज उनके आर्थिक स्रोतों में से एक बन गया है।

साल 2011 में इस वन क्षेत्र में उगाए गए अखरोट से आर्थिक मुनाफ़ा हुआ। हर साल 61 महिलाओं की आसतन आय में 200 से अधिक युआन बढ़ी। साल 2016 में इस अखरोट वन क्षेत्र में उत्पादन मूल्य 95 हजार युआन रहा, प्रति व्यक्ति की औसतन आय में 1500 युआन से अधिक की बढ़ोत्तरी हुई।

इन महिलाओं के लिनखा से प्रेरित होकर लांगपा नागरिक समिति ने“मिलिशिया लिनखा”और“पार्टी सदस्य लिनखा”जैसे वन क्षेत्र स्थापित किए, जिनसे स्थानीय नागरिकों की श्रम शक्ति बढ़ी और उनकी आय में वृद्धि हुई।

(श्याओ थांग)

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