थांगुला पर्वत पर “स्वर्ग रास्ते में संरक्षक”

2017-08-28 12:48:57
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थांगुला पर्वत पर “स्वर्ग रास्ते में संरक्षक”

थांगुला पर्वत पर “स्वर्ग रास्ते में संरक्षक”

छिंगहाई-तिब्बत रेलगाड़ी से यात्रा करने वाले पर्यटक कभी-कभार रेल रास्ते के पास युनिफॉर्म पहने हुए लोग सलाम करते हुए देखते थे। वे रेल मार्ग के तटीय रास्ते, पुल और सुरंग पर गश्त लगाने और सुरक्षा जांच करने वाले मार्ग संरक्षण मज़दूर हैं। लोग उन्हें प्यार से “स्वर्ग रास्ते में संरक्षक” कहकर पुकारते हैं।

छिंगहाई-तिब्बत रेल मार्ग के आंडो भाग का थोंगथ्येनहअ दल तिब्बत स्वायत्त प्रदेश के नाछ्यु प्रिफेक्चर की आंडो कांउटी में यानशीफिंग कस्बे में 8वें गांव में स्थित है, जो ख-ख-शी-ली के पास है, जिसे तिब्बत का “उत्तरी द्वार” माना जाता है। यह दल 40 किलोमीटर दूर के छिंगहाई-तिब्बत रेल मार्ग के संरक्षण की जिम्मेदारी संभालता है, जो आम तौर पर थांगुला पर्वत के उत्तर में समुद्र तल से 5 हज़ार मीटर स्थित है। यह क्षेत्र छिंगहाई-तिब्बत रेल मार्ग में सबसे गंभीर जलवायु स्थिति पर स्थित है।

थोंगथ्यानहअ दल में 139 सदस्य स्थानीय तिब्बती चरवाहे हैं, उनकी औसत आयु 20 साल की है। साल 2006 में छिंगहाई-तिब्बत रेल मार्ग का यातायात शुरु हुआ, तबसे लेकर अब तक पिछले 11 सालों में इस दल के सदस्यों ने अनगिनत मुसीबतों को दूर कर रेल मार्ग के सुरक्षित यात्रा की गारंटी दी। अगर आपने छिंगहाई-तिब्बत रेल गाड़ी पर सवार होते हुए रास्ते पर सलाम करने वाले इन कर्मचारियों को देखा, तो उनसे हाथ हिलाकर अभिवादन कीजिए।

(श्याओ थांग) 

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