महामारी में चीन और अमेरिका के बाजार में बड़ा अंतर

2020-09-23 21:00:00
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पिज्जा हट का नाम आपने जरूर सुना होगा। वह केएफसी और मैकडॉनल्ड्स के साथ अमेरिका की फास्ट फूड संस्कृति का एक भाग बना। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार पिज्जा हट की मूल कंपनी ट्रिकॉन ग्लोबल रेस्तरां के अमेरिका में सबसे बड़े फ्रेंचाइज डीलर एनपीसी इंटरनेशनल ने हाल में दिवालियापन सुरक्षा का आवेदन किया। अमेरिका में पिज्जा हट की 300 दुकानें स्थाई तौर पर बंद होंगी और बाकी 927 दुकानों को बेचा जाएगा।

तो चीन पर क्या प्रभाव पड़ेगा? क्या चीन में पिज्जा हट की दुकानें भी बंद होंगी? चीन स्थित पिज्जा हट के जिम्मेदार ने हाल में कहा कि हालांकि कोविड-19 महामारी से खानपान उद्योग पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा, लेकिन कंपनी फिर भी चीन के बाजार को लेकर विश्वस्त है। पिज्जा हट योजनानुसार इस साल के अंत तक चीन में 800 से 850 नई दुकानें खोलेगा।

शायद आपके दिल में यह सवाल उठता है कि चीन और अमेरिका दोनों महामारी से ग्रस्त हैं, लेकिन प्रभाव इतना अलग क्यों है? चीन महामारी का प्रभाव दूर कर सकता है, लेकिन अमेरिका को अपने प्रसिद्ध ब्रांड को दिवालिया घोषित करना पड़ रहा है। अमेरिका में मामलों की संख्या दुनिया में सबसे अधिक है। यह रूझान निकट भविष्य में नहीं बदलने वाला है।

महामारी की वजह से लगभग हर देश में खानपान उद्योग पर कुछ न कुछ प्रभाव पड़ रहा है। लेकिन प्रभाव कितना ज्यादा होगा, यह महामारी के फैलने की अवधि से संबंधित है। अमेरिका में महामारी की स्थिति कई महीनों में ठीक होने की स्थिति नज़र नहीं आई, तो पिज्जा हट जैसे बड़ी कंपनी भी खरा नहीं उतर सकेगी।

इसकी तुलना में चीनी बाजार का लचीलापन, बहाल की गति और निहित शक्ति और स्पष्ट रूप से दिखती है। चीन द्वारा जारी आर्थिक आंकड़ें इसके सबूत हैं। जुलाई में चीन में उपभोक्ता वस्तुओं की कुल खुदरा बिक्री पिछले साल की इसी अवधि से 1.1 प्रतिशत कम हुई, जिसकी गिरावट दर जून से 0.7 फीसदी कम रही। चीन में आर्थिक पुनरुत्थान हो रहा है।

अमेरिका में महामारी की स्थिति में सुधार नहीं आया, इसकी वजह से कई अमेरिकी कंपनियों के कर्मचारी चीन में काम पर लौटना चाहते हैं। चीन में अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स को विशेष विमान से कंपनी के कुछ प्रबंधकों को चीन में भेजने की अनुमति मिली। एक हफ्ते में करीब 200 लोगों ने सैन फ्रांसिस्को से पेइचिंग जाने के विशेष विमान के लिए आवेदन किया है, लेकिन विमान में सिर्फ 120 सीटे थी। ऐसे में देखा जा सकता है कि चीन के बाजार पर अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों और निवेशकों का विश्वास कम नहीं हुआ है।

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