महामारी की रोकथाम में आम चीनी लोगों की याद और मन की आवाज़

2020-05-20 21:00:00
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मार्च की शुरू में वुहान की एक लड़की आपू को ठीक होने के बाद वर्गाकार कक्ष अस्पताल से छुट्टी मिली।

“डॉक्टर ने अभी-अभी मुझे बताया कि मैं घर वापस जा सकती हूं। मेरे फेफड़े पर किए गए सीटी स्कैन से नजर आया है कि मैं अब पूरी तरह स्वस्थ हूं। कल मेरा आठ बार न्यूक्लिक एसिड टेस्ट हुआ, और सभी नेगटिव आए।”

वर्गाकार कक्ष अस्पताल में आपू इलाज लेती हैं और आशा व शक्ति संचित करती हैं।

डॉक्टर ने कहाः “अरे, कितने खुश हो। आप बाहर धूप में बैठ सकती हो। आज अच्छी धूप निकली है।”

आपू ने पूछाः “मैं जानना चाहती हूं कि अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद हमें किन बातों पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए।”

डॉक्टर ने कहाः “ज्यादा खाना खाएं, ज्यादा पानी पीएं, ज्यादा नींद लें और ज्यादा व्यायाम करें। अपनी रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाएं।”

29 वर्षीय आपू गत फरवरी को कोरोनावायरस से संक्रमित हो गई थी। वुहान के एक वर्गाकार कक्ष अस्पताल में उनका इलाज हुआ, जहां हल्के प्रभाव वाले रोगियों को भर्ती किया जाता था। यहां हर बिस्तर पर बिजली से गर्म होने वाला कंबल और ओवरकोट रखे होते हैं। तड़के 2 बजे भी रोगियों का खाना तैयार होता है।

वर्गाकार कक्ष अस्पताल आने के बाद आपू की तनावपूर्ण भावना लंबे समय तक नहीं रही। उन्होंने देखा कि वहां चिकित्सक मरीजों को मनोरंजन से भरे तरह-तरह के कार्यक्रम करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। वहां सभी रोगी नर्स के साथ प्रचलित गानों पर डांस करते हैं। नर्स ने कहाः

“सभी रोगी दोस्त, आपस में थोड़ी दूरी बनाएं, इकट्ठा मत हो।”

चिकित्सक वर्गाकार कक्ष अस्पताल में नृत्य दल का नेतृत्व करते हैं। वे मुख्य तौर पर युवक और युवतियां होते हैं। मोटे और भारी सुरक्षात्मक कपड़े पहने की वजह से डांस करते समय उनका अंग-संचालन इतना लचीला नहीं होता, लेकिन सभी लोगों की नज़र में वे बहुत प्यारे लगते हैं। कुछ पुरुष मरीज डांस करने में शर्माते हैं, लेकिन उन्होंने अपने कैमरे से इस अविस्मरणीय पलों को कैद किया और अपने दोस्तों के साथ साझा किया। आपू ने कहाः

“नाचने के बाद तनाव काफी हद तक कम हुआ। मैंने इस डांस का वीडियो सोशल मीडिया पर जारी किया और बहुत सारी शुभकामनाएं मिलीं।”

आपू ने कभी नहीं सोचा होगा कि उनके द्वारा लिया गया यह वीडियो जल्द ही सोशल मीडिया पर वायरल हो जाएगा। तमाम नेटिजन इससे प्रभावित हुए। आपू को एक ऐसा कॉमेंट अभी तक याद है कि वायरस पर जीत हासिल करने के बाद अगर कोई दिन वर्गाकार कक्ष अस्पताल में रहने के अनुभव का खयाल आता है, तो क्या भय के बजाए हार्दिक जीवन का एहसास हो जाएगा?

आपू ने सोचा कि उनका इस सच्चे और हार्दिक जीवन को कैद करने और इसे अस्पताल के बाहर उन लोगों के साथ साझा करने का दायित्व होता है, जो मरीजों पर ध्यान देते हैं।

न सिर्फ़ सामान्य नृत्य, बल्कि मरीजों ने देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए डॉक्टरों और नर्सों से स्थानीय विशेष डांस भी सीखे, जैसा कि वेवुर जातीय नृत्य, हाईनान प्रांत का स्थानीय नृत्य आदि।

मधुर गीत और नृत्य के हल्के रंगढंग मरीजों की अच्छी मनस्थिति और जोश ज़ाहिर होता है। रोगियों का सकारात्मक और आशावादी रवैया उनके डांस के स्टेप्स में दिखता है।

वास्तव में नाचना इलाज का सहायक तरीका भी है। एक तरफ़ मरीज व्यायाम कर सकते हैं और दूसरी तरफ़ उनकी तनावपूर्ण भावना कम हो सकती है। डॉक्टर ने कहाः

“हम अस्पताल के वातावरण को जीवंत करना चाहते हैं। हम मरीजों के साथ सांस लेने का व्यायाम करते हैं, ताकि उनके फेफड़े की क्षमता जल्दी बहाल हो सके। हम एक साथ नृत्य करते हैं, ऐसे में मरीजों की मनस्थिति अच्छी होगी।”

वुहान के विभिन्न वर्गाकार कक्ष अस्पतालों में नृत्य के अलावा, मरीजों ने नाटक जैसे रंगारंग कार्यक्रमों की रचना की।

“सभी यात्रियों को नमस्कार। यह ट्रेन अस्पताल स्टेशन से स्वास्थ्य स्टेशन तक जाती है। कृपया अपने सामान की अच्छे से ध्यान रखें। कामना है कि यात्रा सकुशल होगी।”

महामारी का कहर अचानक से फूट पड़ा, लेकिन महामारी से ग्रस्त आम लोगों ने अपनी मुस्कान से अधिकाधिक लोगों को आशा की किरण दिखाई। वायरस से लड़ने वाले चिकित्सक और मरीज के बीच रिश्ता न केवल दोस्त का है, बल्कि परिजनों जैसा है। नर्स वांग युआनमेई ने कहाः

“रोगियों के साथ व्यायाम करते हैं और खेल खेलते हैं। लगता है हम एक बड़े परिवार के सदस्य हैं।”

39 वर्षीय फू नामक युवक अस्पताल के बिस्तर पर ध्यान से किताब पढ़ने की वजह से सोशल मीडिया में वायरल हो गए। नेटिजन उन्हें किताब भाई कहकर पुकारते हैं। किताब के लेखक, प्रसिद्ध विद्वान फ्रांसिस फुकुयामा ने भी किताब भाई की कहानी शेयर की। इससे और अधिक लोगों ने वुहान शहर के निवासियों का धैर्य, शांति और धीरज महसूस किया।

हाई-स्कूल की तीसरी कक्षा की छात्रा श्याओफू भी अस्पताल में लगातार किताब पढ़ती थी। उसने अपनी व्यावहारिक कार्यवाही से समस्या के सामने युवा पीढ़ी का साहस और दृढ़ता प्रतिबिंबित किया।

मरीज ने कहाः “यह छोटी बच्ची बहुत समझदार है और खुशदिल की है। वह अकसर हमें संवेदना देती है कि सब ठीक हो जाएगा।”

नर्स ने कहाः “यह लड़की बहुत दृढ़ है। उसने अपने आपको बहुत जल्द ही अस्पताल के वातावरण में ढाल लिया। मैं बहुत प्रभावित हूं।”

अधिकांश आम लोगों के लिए महामारी के दौरान घर में खुद को अलग रखना अपनी जिम्मेदारी और समाज के लिए योगदान होता है। चीनी लोग गति धीमा कर जीवन का आनंद उठाने लगे हैं। वे परिजनों के साथ घर में खाना पकाते हैं, टीवी कार्यक्रम देखते हैं, किताब पढ़ते हैं, गीत सुनते हैं, व्यायाम करते हैं और ऑनलाइन शोपिंग करते हैं। महामारी के दौरान लाइव प्रसारण अर्थव्यवस्था, ऑनलाइन शिक्षा और संपर्क रहित सेवा लोकप्रिय होने लगी। लोगों ने कहाः

“मैंने ऑनलाइन पर बहुत खाना मंगवाया है। सुबह सात बजे ऑर्डर भेजने के बाद शाम को पांच-छः बजे पहुंचाए जाते हैं। बहुत सुविधाजनक है।”

“आम तौर पर हम सुबह नौ बजे से शाम को पांच बजे तक दफ्तर में काम करते हैं। महामारी की वजह से हम सुपरमार्केट नहीं जा सकते, इसलिए ऑनलाइन ही सब्जी खरीदते हैं।”

लड़की आपू ठीक होने के बाद वर्गाकार कक्ष अस्पताल से घर वापस लौट आईं। उन्होंने कहा कि आशावादी और सक्रिय भावना सबसे अच्छी दवा है। वो इसे और अधिक लोगों को बताना चाहती हैं। आपू ने कहाः

“क्योंकि हम सक्रिय हैं और आशावादी हैं, ऐसे हमारे शरीर में वायरस को जीतने की मजबूत शक्ति पैदा होगी। बहुत से वरिष्ठ चिकित्सक महामारी की रोकथाम के लिए वुहान आए। हम एक ही दिल में बसे हुए हैं, इसलिए हम अवश्य ही वायरस को मात दे सकते हैं।”

महामारी की रोकथाम कठिन और मुश्किल है। चीनी लोगों ने एकजुट होकर महामारी पर विजय पाई। विश्वास है कि हमारे समान प्रयास से और सुंदर भविष्य का निर्माण किया जाएगा।

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