कनाडा का लड़काः महामारी के खिलाफ़ मैं अपना योगदान देना चाहता हूं

2020-05-13 21:00:00
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चीन की राजधानी पेइचिंग के हाईत्येन जिले स्थित हच्येनलो रिहायशी क्षेत्र के द्वार पर नीले कपड़े और लाल फ़ीता पहने कनाडा का एक लड़का देखने को मिलता है। उनका नाम है जीन यवेस लावोई। वे स्नेहपूर्ण से रिहायशी क्षेत्र के निवासियों को नमस्ते कहते हैं और आते-जाते लोगों के शारीरिक तापमान व प्रवेश-पत्र की जांच करते हैं। जीन यवेस लावोई चीन के रनमिन विश्वविद्यालय के अंतर्राष्ट्रीय संबंध कॉलेज में मास्को ा थी में पड़ गया। टर की पढ़ाई करते हैं। रिहायशी क्षेत्र में स्वयं सेवा करने के अवकाश समय में वे अकसर सोशल मीडिया में कोरोनावायरस महामारी के खिलाफ़ चीन का अनुभव और स्वयंसेवक बनने का अपना अनुभव साझा करते हैं।

जनवरी में वसंत त्योहार की छुट्टी लेने के बाद लावोई बाहर से पेइचिंग वापस लौटे। महामारी की रोकथाम की मांग के अनुसार उन्हें घर में 14 दिनों तक अलग रखे हुए हैं। इस दौरान रिहायशी क्षेत्र के कर्मचारियों ने उन्हें बड़ी सहायता दी। लावोई बहुत प्रभावित हुए। उन्होंने कहाः

“जब भी मुझे सहायता चाहिए, रिहायशी क्षेत्र के कर्मचारी ध्यान से सुनते हैं और मेरे लिए समाधान करते हैं। एक दिन मैंने ऑनलाइन पर बहुत सारा बोतलबंद पानी खरीदा, काफी भारी था। मैं खुद घर में नहीं ले जा सकता। रिहायशी क्षेत्र के स्वयंसेवकों ने मेरी मदद की। इस तरह की बहुत छोटी बात हुई थी। मुझे लगता है यहां के कर्मचारी और स्वयंसेवक मेरा काफी ख्याल रखते हैं।”

14 दिनों का चिकित्सा निरीक्षण खत्म होने के बाद लावोई ने रिहायशी क्षेत्र में स्वयंसेवक बनने का आवेदन किया। वे सोचते हैं कि अपने आप भी इस रिहायशी क्षेत्र का एक भाग है। लावोई ने कहाः

“मैंने देखा कि स्वयंसेवक कैसे मेरी सहायता करते हैं, कैसे दूसरों की सहायता करते हैं। इसलिए मैं भी अपना योगदान देना चाहता हूं, स्वयंसेवकों का समर्थन करना चाहता हूं और उनका बोझ कम करना चाहता हूं। हम एक इलाके में रहते हैं, महामारी के सामने कोई अलग नहीं रह सकता। मैं भी महामारी की रोकथाम में अपना योगदान करना चाहता हूं।”

हच्येनलो रिहायशी क्षेत्र थोड़ा बड़ा है। महामारी की रोकथाम के लिए बहुत स्वयंसेवक मदद करने यहां आते हैं। हच्येनलो रिहायशी क्षेत्र के प्रबंध आयोग के प्रमुख वान लीछ्यांग ने कहाः

“हमारे क्षेत्र में रोकथाम और नियंत्रण कारगर है, यहां कोई मामला नहीं आया। लावोई बहुत संजीदगी से काम करते हैं। निवासियों ने उनकी बड़ी प्रशंसा की। लावोई हमारे रिहायशी क्षेत्र को काफी पसंद करते हैं, हम सभी लोग मेलमिलाप से रहते हैं।”

अब कोरोनावायरस दुनिया के कई देशों में फैल रहा है। अवकाश के समय में लावोई सोशल मीडिया में अपने परिजनों और दोस्तों को महामारी के खिलाफ़ चीन का अनुभव साझा करते हैं, जैसा कि अकसर हाथ साफ़ करें, मास्क पहनें, मिलन-समारोह कम करें और भीड़भाड़ वाली सार्वजनिक जगह कम जाएं। लावोई के विचार में ये उपाय काफी उपयोगी हैं। उन्होंने कहा कि महामारी के खिलाफ़ चीन का अनुभव अन्य देशों के लिए सीखने लायक है। लावोई ने कहाः

“महामारी के खिलाफ़ चीन के अनुभव और कदम सीखने योग्य है। हालांकि विभिन्न देशों की वस्तुस्थिति अलग है और लोगों को अपनी सरकार के नियम का पालन करना पड़ता है, लेकिन मुझे लगता है कि चीन का कदम सीखने लायक है।”

लावोई ने देखा कि महामारी के मुकाबले में चीन ने अन्य देशों को सहायता के लिए चिकित्सा सामग्री दी। चीनी चिकित्सकों ने विदेशी डॉक्टरों के साथ वीडियो पर अनुभव साझा किए। चीन ने मरीज़ों का इलाज करने के लिए चिकित्सा दल को संबंधित देशों में भेजा। लावोई ने कहाः

“चीन द्वारा अन्य देशों को दी गई सहायता समय पर है और प्रशंसनीय है। चीन ने चिकित्सा सामग्री पर शुभकामनाओं की बात लिखी, मैं बहुत प्रभावित हूं। इससे चीन का जिम्मेदार देश का दायित्व दिखाया गया। चीन विभिन्न देशों के साथ एकजुट होकर महामारी की रोकथाम करता है, यह बहुत महत्वपूर्ण है।”

लावोई स्थानीय निवासियों की सेवा करना पसंद करते हैं। स्वयंसेवक बनने के बाद चीन और चीनी लोगों पर उनकी समझदारी और प्रेम और बढ़े हैं। लोगों की मुस्कुराहट देखते हुए लावोई को लगता है कि उनका काम मूल्यवान है।

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