आईसीयू विभाग के डॉक्टर भरसक प्रयास से मरीजों का इलाज करते हैं

2020-05-06 21:00:00
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महामारी के सामने डॉक्टर मरीजों को बचाने के अग्रिम मोर्चे पर डटे रहते हैं। वे जोखिम से नहीं डरते, अपने भरसक प्रयास से गंभीर मरीजों का इलाज करते हैं। फंग चीयोंग वुहान विश्वविद्यालय के अधीनस्थ चोंगनान अस्पताल के आईसीयू विभाग के प्रमुख हैं। पिछले मार्च से वह रोज छोटे-बड़े फोन या वीडियो सम्मेलनों में भाग ले रहे हैं और विभिन्न देशों के चिकित्सकों के साथ इलाज के अनुभव साझा करते हैं।

“वीडियो सम्मेलन में हम कभी कभार कक्षा देते हैं। हम मरीजों के इलाज में अपने अनुभव बताते हैं, जैसा कि कैसे निदान करते हैं, कैसे उपचार करते हैं, कौन सी दवा ज्यादा अच्छी है, मरीजों की निगरानी कैसी होती है। उसके बाद वे सवाल पूछते हैं और हम जवाब देते हैं।”

हमेशा महामारी की रोकथाम में लगे फंग चीयोंग को उपचार के बहुत सारे अनुभव मिले। रोगी कक्षा में वह मरीजों के साथ बातचीत करते हैं।

आम तौर पर दिन में फंग चीयोंग आईसीयू में मरीजों का इलाज करते हैं, जबकि रात को रोगियों की शारीरिक स्थिति का फिर से सिंहावलोकन और सारांश करते हैं। उन्होंने कहाः

“कोविड-19 निमोनिया एक नई बीमारी है। इससे पहले ऐसा मामला हमें कभी नहीं आया। इसलिए इसके क्या क्या रोग लक्षण होते हैं, कौन सा संकेत जाहिर करता है कि मरीजों की स्थिति गंभीर है। बहुत सूचनाओं का हमें सिंहावलोकन करना चाहिए। हम अकसर देर रात तक काम करते हैं।”

चाहे वर्ष 2003 में सार्स या साल 2016 में बर्ड फ्लू आए, फंग चीयोंग हमेशा मरीजों को बचाने में शामिल हुए। कहा जा सकता है कि वह एक अनुभवी डॉक्टर हैं। लेकिन इस बार वह आईसीयू विभाग का नेतृत्व करते हैं। उनकी जिम्मेदारी और बड़ी है और दबाव भी पहले से ज्यादा है। फंग चीयोंग ने कहाः

“मुझे लगता है इस बार दबाव पहले के बराबर नहीं होता, क्योंकि हम एक दल हैं। मैं न केवल मरीजों के प्रति कर्तव्य निभाता हूं, बल्कि दल के प्रति भी। मैं डरता हूं कि दल के चिकित्सक संक्रमित होंगे।”

इसलिए फंग चीयोंग हमेशा आगे बढ़कर काम करते हैं और सभी चिकित्सकों से सख्त से रोकथाम की प्रक्रिया का पालन करने की मांग करते हैं। उनके समान प्रयास से दल का कोई भी सदस्य वायरस से संक्रमित नहीं हुआ।

अब चोंगनान अस्पताल में सामान्य काम बहाल हो चुका है, लेकिन फंग चीयोंग के विचार में महामारी की रोकथाम में ढील नहीं दी जा सकती। उन्होंने विदेशी डॉक्टरों को बार बार बताया कि सहयोग करने पर ही हम अंततः महामारी पर विजय पाएंगे।

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