नाइजर का लड़काः मैं चीनी दोस्तों के साथ महामारी की रोकथाम करना चाहता हूं

2020-04-29 21:00:00
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“अपना प्रवेश-पत्र दिखाइए। कार में कोई अन्य व्यक्ति है? नहीं है, तो ठीक है, चलिए।”

यह लड़का पश्चिमी अफ्रीकी देश नाइजर से है। उसका नाम है अली अलबड़े। पिछले मार्च से अली अलबड़े हर सोमवार, मंगलवार और शुक्रवार को पेइचिंग के हाईत्येन जिले स्थित फूरुनच्यायुआन रिहायशी क्षेत्र में स्वयंसेवा करते हैं। वे चीनी, अंग्रेज़ी और फ्रांसीसी भाषाओं में यहां पर रहने वाले चीनी और विदेशी निवासियों की सहायता करते हैं और उनके प्रवेश-पत्र और शारीरिक तापमान की जांच करते हैं। 30 वर्षीय अली ने 11 साल पहले चीन आकर पेइचिंग भाषा विश्वविद्यलय में चीनी भाषा की पढ़ाई शुरू की। चार साल की पढ़ाई पूरा होने के बाद वे पेइचिंग में काम करने लगे। पिछले करीब 7 वर्षों से अली फूरुनच्यायुआन रिहायशी क्षेत्र में रहते हैं। स्वयंसेवक बनने की चर्चा में अली ने कहाः

“हमारे रिहायशी क्षेत्र में करीब 100 विदेशी लोग रहते हैं, जो अमेरिका, फ्रांस और स्पेन आदि देशों से आते हैं। यहां के कुछ स्वयंसेवकों को अंग्रेज़ी नहीं आती। मैं विदेशी हूं और चीनी भाषा जानता हूं, इसलिए मुझे उनके साथ स्वयंसेवा करना चाहिए और यहां के विदेशी निवासियों को महामारी की रोकथाम से संबंधित जानकारी बताना चाहिए।”

इस रिहायशी क्षेत्र के प्रबंध आयोग की प्रमुख चांग च्वुनह्वा के विचार में अली जैसे विदेशी स्वयंसेवकों ने महामारी की रोकथाम में विशेष भूमिका निभाई। उन्होंने कहाः

“वे लोग यहां रहने वाले विदेशी दोस्तों में ज्यादा प्रतिष्ठा होती है। इसलिए स्वयंसेवा करते समय वे विदेशी दोस्तों को निर्देश दे सकते हैं। महामारी की रोकथाम के दौरान कुछ विदेशी लोगों को चीन सरकार की नीति अच्छे से समझ नहीं आती। अली जैसे विदेशी स्वयंसेवक उनके लिए अनुवाद करते हैं और समझाते हैं।”

7 सालों से यहां रहने के बाद अली और चीनी निवासी अच्छे दोस्त बन गए। निवासियों ने उनकी बड़ी प्रशंसा की। निवासी चांग थंग ने कहाः

“बहुत बढ़िया है, वह मेरा पुराना पड़ोसी है। उसे बहुत भाषाएं आती हैं, जैसा कि फ्रांसीसी, अरबी, अंग्रेज़ी और अफ्रीकी भाषा। वह स्वयंसेवक बनते हैं, मुझे बहुत अच्छा लगता है।”

चीनी लड़का चाई युएथोंग अली अलबड़े के साथ स्वयंसेवा करता है। अवकाश समय में चाई युएथोंग अकसर अंग्रेज़ी में अली के साथ बात करता है। वे दोनों जल्दी से दोस्त बने। चाई युएथोंग ने कहा कि अली का जिम्मेदार रवैया वह बहुत प्रभावित है। चाई युएथोंग ने कहाः

“अली जैसे विदेशी स्वयंसेवक सक्रियता से हमारे महामारी के खिलाफ़ काम में शामिल हैं, मैं बहुत प्रभावित हूं। मुझे लगता है कि वे मेरे सच्चे दोस्त हैं और वे भी मुझे दोस्त मानते हैं, मैं बहुत खुश हूं। अब पूरी दुनिया के लोगों को महामारी की रोकथाम करनी चाहिए।”

एक महीने से स्वयंसेवा करने के बाद अली और रिहायशी क्षेत्र के निवासियों व कर्मचारियों के बीच मित्रता और बढ़ी। अली को महामारी के मुकाबले में चीन सरकार द्वारा उठाए गए कदम और गहन रूप से समझ में आए। उन्होंने कहाः

“हम आंखों से कोरोनावायरस नहीं देख सकते। हम पहचान नहीं कर सकते कि कौन वायरस से संक्रमित हुए हैं और कौन संक्रमित नहीं होते। शायद कुछ लोग चीन सरकार के सख्त कदम नहीं समझते, लेकिन मेरे अपने अनुभव ने बताया कि ये कदम आवश्यक हैं और प्रभावी हैं। अगर चीन ने समय पर रोकथाम के कदम नहीं उठाए, तो स्थिति और गंभीर होगी।”

अब अली की मातृभूमि नाइजर समेत बहुत अफ्रीकी देश कोरोनावायरस महामारी के खतरे का सामना कर रहे हैं। अली के विचार में चीन के अनुभव का पूरी दुनिया में प्रचार-प्रसार करना चाहिए। अली अलबड़े ने कहाः

“विभिन्न देशों की सरकारों को सहयोग घनिष्ठ करना चाहिए और महामारी की रोकथाम का अनुभव साझा करना चाहिए। अब नाइजर और नाइजीरिया समेत अफ्रीकी देशों ने चीन से सीखते हुए लॉकडाउन और इकट्ठा होने से रोकने जैसे कदम उठाए। महामारी की रोकथाम में चीन ने दुनिया में आदर्श मिसाल खड़ी की है।”

वायरस के मुकाबले में राष्ट्रीय सीमा नहीं होती। कोरोनावायरस महामारी के सामने कोई भी देश और व्यक्ति अकेला नहीं हो सकता। चीन के विभिन्न क्षेत्रों में अली जैसे बहुत सारे विदेशी दोस्तों ने तरह-तरह तरीके से चीनी लोगों के साथ महामारी की रोकथाम और नियंत्रण में अपना योगदान किया। फूरुनच्यायुआन रिहायशी क्षेत्र के प्रबंध आयोग की प्रमुख चांग च्वुनह्वा ने कहाः

“चाहे दुनिया के किस कोने में हैं, सब लोग मानव समुदाय के एक भाग हैं। विदेशी दोस्त स्वयंसेवक की भावना दिखाते हैं। वे यहां खड़े हैं और लोगों को प्रेम का विश्वास और शक्ति पहुंचाते हैं। हम एक साथ महामारी की रोकथाम करते हैं। मानव जाति अवश्य ही जीत हासिल करेगी।”

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