आधुनिक कृषि से ग्रामीण क्षेत्रों का पुनरुत्थान

2019-08-28 21:00:00
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दक्षिणी चीन के क्वांगतोंग प्रांत के ह्वीचो शहर स्थित सिम्याओमी कृषि उद्यान में धान के खेत पीले और हरे रंग की कालीन की तरह फैले हुए हैं। कुछ दिन बाद धान की फ़सल होगी। किसान छन योफंग ने कहा कि इस साल उनके हर 650 वर्गमीटर के खेतों में करीब 350 किलोग्राम की धान की फ़सल होगी। शानदार फ़सल का दृश्य देखते हुए उनके चेहरे में खुशी आई।

सिम्याओमी कृषि उद्यान का संचालन क्वांगतोंग की हाईना कृषि कंपनी करती है। छन योफंग इसके सहकारी किसान हैं। वह अपनी पत्नी के साथ उद्यान में 20 हेक्टेयर के खेत का प्रबंध करते हैं। सालाना आय 1 लाख चीनी युआन से अधिक होती है। उन्होंने कहा कि पहले वे बाहर में अस्थाई नौकरी करते थे। अब पहले से बहुत ज्यादा कमाते हैं। छन योफंग ने कहाः

“जब हम अभी अभी यहां आए थे, तब हमारा परिवार बहुत गरीब था। अब बच्चों की शादी हो चुकी है और मकानों का निर्माण भी पूरा हो चुका है।”

कृषि उद्यान के आसपास स्थित वानलू गांव के गांववासी ली वेईथिंग भी हाईना कृषि कंपनी के सहकारी किसान हैं। उन्होंने कई साल तक बाहर काम किया। बच्चों की देखभाल करने के लिए उन्होंने गांव वापस आने का फैसला किया। अब वे हाईना कृषि कंपनी के पालन केन्द्र के 0.4 वर्ग किलोमीटर वाले धान के खेत में 3 लाख मछलियां पालते हैं। ली वेईथिंग ने कहा कि मछली पालने का खर्च सब कंपनी देती है। हर महीने उन्हें 5000 युआन वेतन मिलता है। इसके अलावा, मछली पालने का 20 प्रतिशत लाभ भी उन्हें दिया जाता है। उन्होंने कहा कि पहले वे खेती करते थे, मेहनत होने के बाद भी ज्यादा पैसा नहीं कमा पाते थे। अब जीवन की गारंटी हो चुकी है। ली वेईथिंग ने कहा कि यह कंपनी के आधुनिक प्रबंधन मॉडल पर निर्भर रहता है। उन्होंने कहाः

“कंपनी के आधुनिक प्रबंधन मॉडल को मैं पसंद करता हूं, क्योंकि यहां खेत कभी खाली नहीं होता। धान काटने के बाद हम इसमें पानी डालते हैं। मछली इसी खेत में पालते हैं। शरद की फ़सल काटने के बाद सर्दियों में हम फिर से पानी डालकर मछली पालन करते हैं।”

यह हाईना कृषि कंपनी द्वारा अपनाया गया नया मॉडल है। इससे रोपण उद्योग और जल कृषि को साथ में जोड़ा गया और पारिस्थितिकी पर्यावरण और आर्थिक लाभ का साथ साथ ध्यान रखा गया। पालन केन्द्र के खेत में धान के अलावा, मछली, बतख़, मेंढक और कछुओं का पालन भी किया जाता है। ये न सिर्फ़ खेत में घास-पात और हानिकारक कीड़े-मकोड़ों को साफ़ कर सकते हैं, बल्कि उनका मल-मूत्र खाद भी बन जाता है, वहीं धान जानवरों को व्यापक खाद्य पदार्थ और बेहतर वातावरण देता है।

हाईना कृषि कंपनी के मेनेजर चोंग चनफांग ने कहा कि आधुनिक रोपण और पालन तरीके से आर्थिक लाभ पहले से एक गुणा बढ़ गया। उन्होंने कहाः

“हमारे खेत में धान के अलावा, मछली और फल आदि भी उपलब्ध हैं। इन सब का आर्थिक लाभ होता है। अब 650 वर्ग मीटर के खेत से हम करीब 10 हजार युआन कमा सकते हैं।”

चोंग चनफांग ने कहा कि पारंपरिक जुताई-बुवाई के विपरीत आधुनिक कृषि तकनीकी समर्थन से अलग नहीं हो सकता। वास्तव में हाईना कृषि कंपनी लम्बे समय से देश के कई कृषि विश्वविद्यालयों के साथ सहयोग कर रही है। कंपनी ने वर्ष 2017 में अपनी अनुसंधान संस्था की स्थापना भी की। क्वांगतोंग कृषि विज्ञान अकादमी के प्रमुख लू ह्वाचोंग विशेषज्ञ दल के सदस्य हैं। उन्होंने जानकारी देते हुए कहाः

“हमारे विशेषज्ञ दल के सदस्य कई संगठनों से हैं। हर संगठन के तकनीकी कर्मचारी हाईना कंपनी के साथ सीधे संपर्क करते हैं। इसके साथ साथ कंपनी ने अपनी कृषि अनुसंधान संस्था भी स्थापित की। क्वांगतोंग प्रांत के कृषि विज्ञान अकादमी द्वारा विकसित नई तकनीक और नई नस्ल का यहां प्रयोग और परीक्षण किया जाता है।”

लू ह्वाचोंग ने कहा कि आधुनिक कृषि की तकनीक न सिर्फ़ नस्ल के विकास और पालन मॉडल में प्रतिबिंबित होती है, बल्कि संपूर्ण औद्योगिक श्रृंखला में भी अभिव्यक्त होती है। उन्होंने कहाः

“आधुनिक कृषि के उत्पादन में खेती और पालन करने के अलावा दूसरे उत्पादों की प्रोसेसिंग और मिश्रित प्रयोग भी किया जाता है। इसके साथ कृषि और पर्यटन को जोड़ना भी एक अच्छा उपाय है। धान के खेत को पार्क में बदला गया। नागरिक यहां घूमने के साथ साथ कृषि उत्पादन की प्रक्रिया भी देख सकते हैं।”

इसी विचार में हाईना कंपनी ने नवंबर 2017 से पर्यटन का विकास शुरू किया। रोपण और पालन मॉडल, आधुनिक कृषि मशीन और जैविक नियंत्रण जैसे सुलभ विज्ञान प्रदर्शनी के अलावा, सब्जी और फूल तोड़ने, फल देखने और मैदान में रहने जैसे कार्यक्रम भी तैयार किया गया है। अब तक तीन लाख पर्यटकों ने इन कार्यक्रमों में भाग लिया है और ऐसे पर्यटन का लोगों द्वारा व्यापक स्वागत किया जा रहा है। कर्मचारी वांग छिंगशान ने कहाः

“अब हमारे बहुत बच्चे यह भी नहीं जानते कि चावल कैसे पैदा होते हैं। यहां पर हम बच्चों को धान के छोटे कोमल पौधे लगाने का तरीका सिखाते हैं। बच्चे न सिर्फ़ ज़मीन के साथ करीब संपर्क कर सकते हैं, साथ ही समझ सकते हैं कि धान का पौधा कैसे विकसित होता है।”

ह्वीचो शहर स्थित सिम्याओमी कृषि उद्यान क्वांगतोंग प्रांत में आधुनिक कृषि उद्यान का एक मिसाल है। क्वांगतोंग प्रांत ने आधुनिक कृषि उद्यान के निर्माण को ग्रामीण पुनरुत्थान का मुख्य रास्ता अपनाया। प्रांतीय आधुनिक कृषि उद्यान के निर्माण का काम वर्ष 2018 में शुरू हुआ। योजना है कि तीन साल में पूरे प्रांत में 150 कृषि उद्यानों का निर्माण किया जाएगा, ताकि ग्रामीण पुनरुत्थान रणनीति के कार्यांवयन से कृषि का उच्च स्तरीय विकास हो सके।

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