म्यांमार में कोविड-19 की रोकथाम के लिए चीनी सेना के चिकित्सक दल ने अपना काम सफलता से पूरा किया

2020-05-14 16:15:41
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12 मई की रात चीनी सेना का चिकित्सक दल म्यांमार में कोविड-19 महामारी की रोकथाम के लिए राहत कार्य सफलता से पूरा कर चीनी वायु सेना के विमान से यांगक्वांग से स्वदेश लौटा । म्यांमार सेना के सैन्य चिकित्सा विभाग के प्रमुख मेजर जनरल सो विन ने हवाई अड्डे पर चीनी चिकित्सक दल के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये विदाई देते हुए कहा कि चीन और म्यांमार की सेनाओं द्वारा संयुक्त रूप से बनायी गयी कोविड-19 की इलाज पुस्तिका म्यांमार में महामारी के नियंत्रण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है ।

चीनी सेना का चिकित्सक दल 6 विशेषज्ञों से गठित है ।उन्होंने म्यांमार में 19 दिन तक काम किया ।चिकित्सक दल के प्रमुख पाई छुंग ने म्यांमार सेना के विशेषज्ञों के साथ काम करने की याद करते हुए कहा कि दोनों सेनाओं के विशेषज्ञों ने संक्रमण नियंत्रण ,विषाणु परीक्षण ,इलाज और बचाव पर गहन विचार विमर्श किया ।दोनों पक्षों ने रूबरू आदान प्रदान कर म्यांमार सेना की कोविड-19 महामारी की रोकथाम के ऐहतियाती कदम ,वायरस की जांच और संक्रमितों के इलाज की क्षमता उन्नत की है ।हमें विश्वास है कि म्यांमार की सेना जरूर वैज्ञानिक रोकथाम और लक्षित इलाज से कोविड-19 महामारी को नियंत्रित करेगी और उसे समाप्त करेगी ।

चीनी विशेषज्ञ दल की वापसी से पहले म्यांमार सेना के चिकित्सा विभाग के प्रमुख मेजर जनरल सो विन ने राजधानी नेपिडू में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये चीनी विशेषज्ञों को विदाई दी ।उन के विचार में चीनी सेना के चिकित्सक दल ने महामारी की रोकथाम और इलाज के लिए एक संपूर्ण मार्गदर्शक नियमावली छोड़ी है ,जो म्यांमार सेना के लिए बहुत अहम है ।उन्होंने कहा ,चीन और म्यांमार की सेनाओं के चिकित्सक विशेषज्ञों ने एक साथ कोविड-19 के निदान और इलाज की पुस्तिका बनायी ,जिस में कई चीनी विशेषज्ञों के पहली पंक्ति में हासिल अनुभव शामिल हैं ।हमारे के लिए यह एक बहुत मूल्यवान मार्गदर्शक पुस्तिका है ।बहुत बहुत धन्यवाद ।

चीनी चिकित्सक दल म्यांमार में लंबे समय तक नहीं ठहरा ,पर दो देशों की सेनाओं के विशेषज्ञों के बीच गहरी भावना बनी हुई है ।विशेषज्ञ दल के लिए अनुवाद करने वाले स्थानीय स्वंयसेवक ने विदाई के समय चीनी विशेषज्ञों को म्यांमार की विशेषता वाला उपहार प्रदान किया ।म्यांमार के यांगगोन कमान के कमांडर थेट पोन ने हवाई अड्डे पर हमारे संवाददाता के साथ हुई बातचीत में कहा ,चीन और म्यांमार दोनों देशों की जनता ,सरकारों और सेनाओं के बीच गहरी मित्रता है और इस का लंबा इतिहास भी है ।वुहान में महामारी होने के बाद हमारी सेना ने पहले समय में चीनी पक्ष को चिकित्सक सामग्री दान की ।इस तरह जब म्यांमार में कोविड-19 महामारी शुरू हुई ,चीनी पक्ष ने सब से पहले म्यांमार को एक सिविल चिकित्सा टीम भेजी ।फिर चीनी सेना का चिकित्सा दल म्यांमार आकर दो हफ्ते ठहरा ।उस ने हमें बड़ी मदद दी ।हमारी जनता ,सरकार और सेना इस का आभारी है ।चिकित्सक दल ने हमारे साथ मूल्यवान अनुभव साझा किया ।हमारी सेना के चिकित्सकों ने आदान प्रदान से बहुत मूल्यवान जानकारी हासिल की ।मुझे विश्वास है कि यह म्यांमार में महामारी के खिलाफ भावी जंग में बड़ी भूमिका निभाएगा ।(वेइतुंग)

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