चीन के कानसू प्रांत ने जिम्बाबवे के मित्र प्रांत को महामारी के मुकाबले की सामग्री प्रदान की

2020-05-07 12:01:44
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पश्चिमी चीन के कानसू प्रांत ने वर्ष 2004 में दक्षिण अफ्रीकी देश जिम्बाबवे के माशोनालैंड वेस्ट प्रांत के साथ मैत्रीपूर्ण प्रांत संबंध स्थापित किया। अनेक वर्षों में दोनों मित्र प्रांतों के बीच सहयोग निरंतर बढ़ा है और विभिन्न क्षेत्रों में बड़ी उपलब्धियां हासिल हुई हैं। कोविज-19 के सामने कानसू प्रांत ने माशोनालैंड वेस्ट प्रांत को मदद दी और एक खेप वाली सुरक्षा सामग्रियां दान में दी।

इस खेप की सामग्रियों में 12 हजार शल्य मास्क, 2 हजार केएन 95 मास्क, एक हजार एन95 मास्क और 1 हजार पीपीई हैं। राहत सामग्री सौंपे जाने की रस्म में मासोनालैंड वेस्ट प्रांत की गर्वनर मैरी मलिस्वा ने कहा कि वर्तमान में उसके प्रांत में महामारी के मुकाबले के लिए सुरक्षा सामग्रियों का बड़ा अभाव है। कानसू प्रांत द्वारा दी गई सामग्री प्यासे को पानी पिलाने जैसा है। उन्होंने कहा कि मासोनालैंड वेस्ट प्रांत और कानसू प्रांत मैत्रिपूर्ण प्रांत हैं। इन सामग्रियों से हमारे दोनों प्रांतों के बीच मजबूत मित्रता जाहिर हुई है। इसका मतलब है कि कानसू प्रांत हमारा ख्याल रखता है। हम महामारी के मुकाबले में कई कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं, उसमें से सुरक्षा सामग्री का अभाव भी शामिल है। इस खेप की सामग्री से हमारी अग्रिम पंक्ति के चिकित्सकों को मदद मिलेगी। महामारी के निपटारे में हमारी क्षमता को मजबूती मिलेगी।

मलिस्वा ने यह भी कहा कि इन वस्तुओं को इस प्रांत के नोवेल कोरोना वायरस के मुकाबले के लिए निर्धारित अस्पतालों में भेजी जाएंगी और जरूरत के मुताबिक सुदूर ग्रामीण क्लिनिक में भी वितरित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि महामारी फैलने के बाद चीन हमेशा जिम्बाबवे के साथ खड़ा हुआ है। जिम्बाबवे की महामारी के खिलाफ लड़ाई में चीन ने बड़ा योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी अचानक से पैदा हुई है। हम सब इसकी तैयारी में नहीं थे, लेकिन चीन हमारे साथ खड़ा है और एक साथ लड़ाई लड़ रहे हैं। चीन ने सक्रियता से जिम्बाबवे की सहायता की जिससे जाहिर है कि दोनों देशों की मित्रता सुदृढ़ है। हम चीन सरकार के आभारी हैं।

जिम्बाबवे स्थित चीनी राजदूत क्वो शोछुन ने बल दिया कि महामारी फैलने के बाद दोनों देशों की जनता ने एक दूसरे का समर्थन किया है। दोनों देशों का व्यावहारिक सहयोग निरंतर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि चीन आंकड़ों का खेल नहीं खेलता है। हम ने जिम्बाबवे को जो राहत पहुंचाई है, वह व्यवहारिक है और सही मायने में जिम्बाबवे के विकास और उनकी जनता के कल्याण के लिए है। जब जिम्बाबवे में नोवेल कोरोना वायरस का मामला सामने आया, तो चीन सरकार और एनजीओ ने फौरन ही काररवाई शुरू की, जैसे चिकित्सक सामग्रियों का दान देना, पृथक अस्पतालों में सुधार करना। चीन ठोस कदमों से कोविड-19 के मुकाबले के लिए जिम्बाबवे की सहायता कर रहा है।

क्वो शोछुन ने कहा कि चीन जिम्बाबवे को 1 करोड़ अमेरिकी डॉलर की खाद्य राहत प्रदान करेगा, जो जल्द ही पहुंच रही है। इस कदम से जिम्बाबवे के 1 लाख 45 हजार लोग भूखमरी से बच सकेंगे। (वेइतुंग)

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