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चीन ने विदेशों के साथ सहयोग से पुरातत्व सर्वेक्षण में समृद्ध उपलब्धियां हासिल कीं

2020-01-19 19:00:19
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पिछले दिसंबर में पेइचिंग में वर्ष 2019 देसी विदेशी संयुक्त पुरातत्व सर्वेक्षण कार्य बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में पता चला कि चीन ने पिछले साल विदेशों के साथ पुरातत्व सर्वेक्षण में समृद्ध उपलब्धियां हासिल कीं ।चीन ने सक्रियता से एशियाई सांस्कृतिक विरासतों के संरक्षण को बढ़ाया और अपनी अंतरराष्ट्रीय कर्तव्य निभाया।

प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2019 में चीन ने विदेशी पक्षों के साथ संयुक्त रूप से 46 पुरातत्व सर्वेक्षण परियोजनाएं चलायीं, जिनमें विदेशों में स्थित 38 परियोजनाएं और देश में स्थित 8 परियोजनाएं हैं। ये परियोजनाएं एशिया, अफ्रीका, यूरोप और अमेरिका के 20 से अधिक देशों में फैली थीं। 40 से अधिक विदेशी अनुसंधान संस्थाओं, संग्रहालयों और विश्वविद्यालयों ने संयुक्त कार्यक्रम में भाग लिया।

एक उल्लेखनीय बात है कि विदेशों में संयुक्त पुरातत्व सर्वेक्षण कार्य मुख्य तौर पर एक पट्टी एक मार्ग के सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर केंद्रित रहे। चीनी पुरातत्व कार्यकर्ताओं ने विदेशी समकक्षों के साथ पुरातात्विक पड़ताल ,धरोहरों का उत्खनन और थीम अध्ययन किया ,जिसने प्राचीन रेशम मार्ग पर वस्तुओं की अदला बदली ,जातियों का स्थानांतरण ,विचारों का मिश्रण और सांस्कृतिक आदान-प्रदान प्रतिबिंबित किया। सऊदी अरब स्थित अल-सेरियेन धरोहर लाल समुद्र के तट पर एक महत्वपूर्ण बंदरगाह की धरोहर है, जो समुद्री रेशम मार्ग पर एक महत्वपूर्ण व्यापार बंदरगाह भी है। चीन और सऊदी अरब के पुरातत्व विभागों की संयुक्त खुदाई से अल-सेरियन स्थल में बहुत प्राचीन वस्तुओं की खोज की गयी, जिनमें कांस्य बाट, लाजवर्द, यशव, मनका, हाथी के दांतों से बनी वस्तुएं, सिक्के और इत्यादि। इसके साथ वहां अरबी पत्थर वस्तुएं ,फार्सी चमकदार मृदभांड और चीन से आये मिट्टी के बर्तन भी पाये गये ,जो समुद्री रेशम मार्ग के अध्ययन में बहुत मूल्यवांग ऐतिहासिक वस्तुएं हैं। चीन सऊदी अरब अल सेरियन धरोहर की संयुक्त उत्खनन परियोजना के जिम्मेदार व्यक्ति च्यांग पो ने परिचय देते हुए बताया ,सऊदी अरब के पुरातत्वविदों ने अग्रिम काल के कुछ काम किये। चीन के थांग राजवंश (618—907) और पाँच राजवंश काल (907-960) के मिट्टी के बर्तन, सोंग (960—1279) राजवंश और युआन राजवंश (1271—1368) के नीले-सफ़ेद पोर्सलिन, और मिंग व छिंग राजवंश के नीले-सफ़ेद पोर्सलिन पाये गये थे। इससे देखा जाए तो मध्य-पूर्व में चीनी मिट्टी के बर्तनों के व्यापार का लंबा इतिहास है।

पूर्वी अफ्रीका में स्थित केन्या मानव के जन्म स्थानों में से एक है। वर्ष 2019 में चीन और केन्या की अनेक संस्थाओं ने एक संयुक्त पुरातत्व टीम का गठन कर लेक बोगोरिया क्षेत्र के पास उत्खनन कार्य शुरू किया। प्रारंभिक सर्वेक्षण से पता चला है कि ग्रेट रिफ़्ट वैली के बोगोरिया झील के पास ओल्ड स्टोन एज के मध्य काल के प्रचुर सांस्कृति धरोहर बसे हैं ,जो मानव के स्रोत की खोज में बड़ा महत्व रखता है ।इस संयुक्त पुरातत्व परियोजना में भाग लेने वाले चाओ छिंगपो ने परिचय देते हुए कहा ,मानव का जन्मस्थान अफ्रीका है ।केन्या मानव के जन्मस्थानों में से एक है ।वहां 25 लाख साल पुराने मानव जीवाश्म पाये गये थे ।विश्व में अब तक सब से पुराने पत्थर के औज़ार भी पाये गये हैं, जो 32 लाख साल पुराने हैं। पुरातत्व में ओल्ड स्टोन एज मानव इतिहास का 99 प्रतिशत भाग है, जो मानव के जन्म और बाहर फैलने का सब से अहम चरण है। मानव का जन्म पुरातत्व सर्वेक्षण में सबसे अहम और ध्यानाकर्षक मुद्दों में से एक है। केन्या के राष्ट्रीय संग्रहालय और हमारे बीच ओल्ड स्टोन एज सर्वेक्षण परियोजना एक तरह एक पट्टी एक मार्ग प्रस्ताव के प्रति सकारात्मक प्रतिक्रिया है ,दूसरी तरफ इस परियोजना से हम केन्या में आधुनिक मानव के स्रोत के लिए अधिक प्रमाण खोजना चाहते हैं।

पिछले साल चीन और मंगोलिया ने संयुक्त रूप से मंगोलिया के पुराने कब्रों की खुदाई की थी। चीन ने किर्गीज़स्तान ,ताजिकिस्तान और उज़्बेकिस्तान के साथ थ्येन शान पहाड़ के पश्चिमी क्षेत्र में पुरातत्व सर्वेक्षण किया और नयी ऐतिहासिक सामग्रियां प्राप्त कीं। इसके साथ चार देशों की संबंधित अध्ययन संस्थाओं ने सहयोग तंत्र और ढांचे स्थापित किये। इसके अलावा चीन और कंबोडिया ने कंबोडिया के आंगकोर वाट शाही भवन के खंडहर का पुरातत्व सर्वेक्षण और संरक्षण किया।

बाहर जाने के साथ चीन सक्रियता से विभिन्न देशों के अध्ययनकर्ताओं का चीन आकर सहयोग करने का स्वागत करता है ।चीन अमेरिका ,जापान ,इजरायल और आदि देशों के साथ देश में संयुक्त पुरातात्विक अनुसंधान कर रहा है ।उदाहरण के लिए कांसू प्रांत की पुरातत्व अनुसंधान संस्था ,पेइचिंग विश्वविद्यालय और अमेरिकी हार्वड विश्वविद्यालय ने कांसू के थाओ ह नदी के पास सिलसिलेवार पड़ताल और परीक्षात्मक खुदाई की। वहां न्यू स्टोन एज और कांस्य युग में सांस्कृतिक और सामाजिक परिवर्तन के अध्ययन के लिए बड़ा महत्वपूर्ण स्थान है। इस संयुक्त पुरातत्व कार्यक्रम में भाग लेने वाली चाओ छिंग ने परिचय देते हुए बताया ,थाओ ह नदी मध्य और दक्षिण कांसू में स्थित है। उसके पूर्व में विशाल मैदानी क्षेत्र है और उसके पश्चिम में ह शी गलियारा है और उस के दक्षिण में दक्षिण रेशम मार्ग है। वह चौराहे पर स्थित है। इस बार की पड़ताल में हमने 8 धरोहरों की खोज की ।अगले चरण में हम महत्वपूर्ण धरोहरों की जांच करते रहेंगे।

(वेइतुंग)

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