चीन में शहरों और कस्बों की आबादी 83 करोड़ हुई

2019-08-12 15:04:50
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चीनी राजकीय सांख्यिकी ब्यूरो ने हाल ही में जारी नये चीन की स्थापना के 70 वर्षों में आर्थिक और सामाजिक विकास की उपलब्धियों पर एक रिपोर्ट जारी की। इससे पता चलता है कि सुधार और खुलेपन से चीन में शहरीकरण की गति तेज़ रही है। शहरों और कस्बों में स्थाई निवासियों की संख्या 83 करोड़ तक जा पहुंची है। शहरीकरण दर लगभग 60 प्रतिशत जा पहुंची है।

इस रिपोर्ट के अनुसार सुधार और खुलेपन के पहले चीन में शहरों और गांवों के बीच बड़ा फासला मौजूद था। शहरीकरण का विकास धीमा था। शहर और गांव विभाजन था। सुधार और खुलेपन के बाद देश में पारिवारिक पंजीकरण व्यवस्था को लचीला बनाया गया और शहरीकरण की गति तेज़ होने लगी। शहरों और गांवों के बीच श्रमिकों, भूमि, पूंजी जैसे बाज़ार तत्वों की सीमा तोड़ी गयी, जिससे शहरों और गांवों के बीच मौजूद फासला बड़े पैमाने पर कम हुआ। कुछ क्षेत्रों में शहरों और गांवों का एकीकरण पूरा हुआ। 1978 से 2018 तक चीन में शहरों और कस्बों में स्थाई निवासियों की संख्या 17 करोड़ से बढ़कर 83 करोड़ तक जा पहुंची है। शहरीकरण दर 17.92 प्रतिशत से 59.58 प्रतिशत तक जा पहुंची। शहरों की संख्या 193 से 672 तक बढ़ी है, जबकि कस्बों की संख्या 2176 से 21297 तक हुई है। पेइचिंग विश्वविद्यालय के प्रोफ़ेसर और अर्थशास्त्री हाई वन के विचार में चीन का शहरीकरण देश के आर्थिक विकास के साथ साथ चला।

उन्होंने बताया ,जब औद्योगिकरण तेज़ होने लगा, तब कृषि का आकर्षण अपेक्षाकृत रूप से कम हुआ। उद्योगों का विकास होने से उत्पादकता बढ़ी और वेतन में भी बढ़ोतरी हुई, इसलिए अधिकतर लोग शहरों की तरफ़ आकर्षित हुए। बड़ी संख्या में प्रवासी मज़दूर पैदा हुए। यह चीनी आर्थिक उत्थान की शुरूआत थी।

हाई वन ने बताया कि वर्तमान में चीन के शहरीकरण की और बड़ी निहित संभावना है।

उन्होंने बताया ,जब एक देश में किसी उद्योग के जीडीपी में अनुपात कम होता है, तो इस उद्योग में श्रमिकों का अनुपात भी कम होता है। अमेरिका की कृषि बहुत विकसित है, लेकिन जीडीपी में उसका अनुपात सिर्फ़ 1 प्रतिशत है। इसलिए अमेरिकी किसानों की संख्या सिर्फ़ 30 लाख से अधिक है यानी 1 प्रतिशत के आसपास है। चीन के जीडीपी में कृषि का अनुपात 8 प्रतिशत है, लेकिन श्रमिकों की कुल संख्या में किसानों का अनुपात 40 प्रतिशत से अधिक था। इसका मतलब ये है कि हमारा शहरीकरण औद्योगीकरण से पीछे रहा है।

वर्ष 2013 से चीन में पारिवारिक पंजीकरण व्यवस्था का सुधार चौतरफा तौर पर लागू हुआ। अधिकाधिक लोग गांवों से शहरों में रहने के लिये पलायन करने लगे। जुलाई 2014 में चीनी राज्य परिषद ने पारिवारिक पंजीकरण के सुधार को और आगे बढ़ाने की राय जारी की। सितंबर 2016 में राज्य परिषद ने 10 करोड़ लोगों का पारिवारिक पूंजीकरण शहर में स्थानांतरिक करने की योजना जारी की। इसमें मांग की गयी कि वर्ष 2016 से 2020 के बीच शहरों और गांवों के बीच पारिवारिक पंजीकरण के स्थानांतरण की बाधा तोड़ने में गति दी जाएगी, सहायक नीतियों को संपूर्ण बनाया जाएगा। पारिवारिक पंजीकरण की दृष्टि से शहरीकरण की औसत वार्षिक दर 1 प्रतिशत से अधिक होगी और हर साल 1 करोड़ 30 लाख से अधिक लोगों का पारिवारिक पंजीकरण गांवों से शहरों में स्थानांतरिक किया जाएगा। इस अप्रैल में जारी वर्ष 2019 में नयी किस्म वाले शहरीकरण के मुख्य कार्य में संबंधित शहरों में पारिवारिक पंजीकरण को ढील देने की ठोस मांग की गयी। इसके अनुसार स्थाई निवासियों की संख्या 10 लाख से 30 लाख वाले शहरों को पूरी तरह पारिवारिक पंजीकरण के नियंत्रण को हटाना है। स्थाई निवासियों की संख्या 30 लाख से 50 लाख वाले शहरों को पारिवारिक पंजीकरण को चौतरफा तौर पर ढील देना और महत्वपूर्ण समुदायों के प्रति पारिवारिक पंजीकरण के नियंत्रण को पूरी तरह हटाना चाहिए। चीनी विकास और सुधार आयोग के शहर और कस्बा केंद्र के निदेशक शी यूलोंग ने बताया कि पारिवारिक पंजीकरण व्यवस्था से शहरीकरण बढ़ाना चीनी आर्थिक वृद्धि के लिए अधिक मज़बूत आंतरिक प्रेरणा शक्ति प्रदान करेगा।


उन्होंने बताया ,नयी किस्म वाले शहरीकरण के मुख्य कार्य जारी करने से पूरे समाज को एक बहुत सकारात्मक संकेत दिया गया है यानी व्यक्ति, भूमि जैसे बुनियादी तत्वों की तरलता को मज़बूत बनाने से आर्थिक वृद्धि की आंतरिक जीवन शक्ति और प्रेरणा शक्ति पैदा होगी। (वेइतुंग)

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