पर्यटकों के लिए विश्व की सब से ऊंची चोटी बंद होने की खबर का खंडन

2019-02-26 15:29:13
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पर्यटकों के लिए विश्व की सब से ऊंची चोटी बंद होने की खबर का खंडन

पर्यटकों के लिए विश्व की सब से ऊंची चोटी बंद होने की खबर का खंडन

एक अरसे से वेबसाइट पर यह खबर प्रसारित हो रही है कि विश्व की सबसे ऊंची चोटी चूमूलांगमा पर्यटकों के लिए हमेशा बंद होगी। चीन के तिब्बत स्वायत्त प्रदेश के चूमूलांमा प्रबंधन विभाग ने हाल ही में इस खबर का खंडन किया है। प्रबंधन विभाग ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण के कारण पर्यटक पहले सबेसे ऊंचे स्थल पर जा सकते थे, उसे दो किलोमीटर कम कर दिया गया है। इससे पर्यटकों के लिए विश्व की सब से ऊंची चोटी चूमूलांगमा के दर्शन पर कोई प्रभाव नहीं रहेगा । कानून के मुताबिक पर्वतारोहण और वैज्ञानिक सर्वेक्षण सामान्य रूप से चल सकता है। प्रबंधन विभाग ने बल दिया कि चीन में स्थित चूमूलांगमा के उत्तरी ढलान पर पारिस्थितिकी की स्थिति निंरतर अच्छी हो रही है। अब कूड़े के बड़े बड़े ढेर भी मौजूद नहीं हैं।

चूमूलांगमा राष्ट्रीय प्राकृतिक संरक्षण क्षेत्र में स्थित तिंग री काउंटी के प्रंबधन ब्यूरो के निदेशक री ओ ने मीडिया को बताया ,चूमूलांगमा में तथाकथित अनिश्चित समय तक बंद होने का नियम नहीं है। सिर्फ़ पर्यटकों की गतिविधि का दायरा चूमूलांगमा प्राकृतिक संरक्षण क्षेत्र के परीक्षात्मक क्षेत्र में पीछे हटाया गया है।

पर्यटकों के लिए विश्व की सब से ऊंची चोटी बंद होने की खबर का खंडन

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वास्तव में केंद्रीय क्षेत्र से परीक्षात्मक क्षेत्र तक हटना चूमूलांगमा पर्यटक दूसरे बेस कैंप का हटना है। परिचिय के अनुसार पर्यटक बेस कैंप पहले पर्वतारोहण बेस कैंप एक साथ 5200 मीटर की ऊँचाई पर स्थित था ।इस शताब्दी के शुरू में पर्यटक बेस कैंप पहली बार पीछे तीन किलोमीटर हटाया गया है, जहां तंबू और रेस्तरां उपलब्धि थे ।नये मियमों के अनुसार अब केंद्रीय क्षेत्र में ऐसे संस्थापन स्थापित नहीं होंगे ।इसलिए पर्यटक बेस कैंप को फिर पीछे दो किलोमीटर हटाया गया। कुछ पर्यटकों की चिंता की चर्चा में री ओ ने बताया ,इससे चूमूलांगमा के दर्शन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। पहले की तुलना में सिर्फ पर्यटकों की गतिविधि का दायरा थोड़ा छोटा हो गया है।

समुद्री सतह के ऊपर 5200 मीटर ऊँचाई पर स्थित पर्वतारोहण का बेस कैंप यथावत बना हुआ है। पर्वतारोहण और वैज्ञानिक सर्वेक्षण सामान्य रूप से चल सकता है।

री ओ ने बताया ,पर्वतारोहण ,वैज्ञानिक निगरानी और वैज्ञानिक सर्वक्षण प्राकृतिक संरक्षण क्षेत्र की औपचारिक पुष्टि मिलने के बाद सामान्य रूप से चल सकता है। उनपर कोई प्रभाव नहीं है।

पर्यावरण संरक्षण के मद्देनजर से चूमूलांगमा चोटी पर चढ़ने वाले लोगों की संख्या पर पहले से अधिक संख्त नियंत्रित किया जाता है। तिब्बत स्वायत्त प्रदेश के खेल ब्यूरो के निदेशक निमारीरन ने बताया

हम विश्व के विभिन्न क्षेत्रों के पर्वतारोहियों का स्वागत करते हैं। लेकिन हमने पर्यावरण संरक्षण को मज़बूत बनाया है। वर्ष 2007 से पहले हम हर साल चूमूलांगमा पर लगभग 1000 पर्वतारोहियों का सत्कार करते थे। अब हर साल 150-160 पर्वतारोहियों का सत्कार करते हैं ।

पर्यटकों के लिए विश्व की सब से ऊंची चोटी बंद होने की खबर का खंडन

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वर्ष 2018 में चूमूलांगमा के बेस बैंप और उसके ऊपर वाले क्षेत्र में तीन बार बड़े पैमाने पर कूड़े की सफाई का अभियान चलाया गया। कुल 8.4 टन कूड़े की सफाई की गयी। अब पर्यावरण संरक्षण क्षेत्र में पर्यटन कूड़े की प्रतिदिन भी सफाई की जाती है। कई बार चूमूलांगमा चोटी पर चढ़ चुके री रेन तातान ने बताया

हम नियमित रूप से कूड़ा साफ करने का अभियान चलाएंगे। चूमूलांगमा पर चढ़ने के दौरान मृतक पर्वतारोहियों के परिजन की मंजूरी मिलने के बाद हम 8000 मीटर के ऊपर मृतकों के शवों का बंदोबस्त करेंगे।

चीनी राजकीय खेल ब्यूरो के पर्वतारोहण केंद्र और तिब्बती स्वायत्त प्रदेश के खेल ब्यूरो ने मीडिया को दिये जवाब में बल दिया कि खुला चीन चूमूलांगमा बंद नहीं करेगा। लेकिन संबंधित पर्यावरण संरक्षण कार्रवाइयों को मजबूत किया जाएगा।

(वेइतुंग)

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