15वीं विश्व चीनी परंपरागत चिकित्सा महासभा रोम में आयोजित

2018-11-26 15:35:45
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15वीं विश्व चीनी परंपरागत चिकित्सा महासभा रोम में आयोजित

15वीं विश्व चीनी परंपरागत चिकित्सा महासभा रोम में आयोजित

15वीं विश्व चीनी परंपरागत चिकित्सा महासभा इस वर्ष नवंबर के मध्य में इटली की राजधानी रोम में आयोजित हुई। यह चीनी परंपरागत चिकित्सा और जड़ी-बूटी जगत में एक बड़ी बात थी। चालू साल में महासभा का मुख्य विषय था कि चीनी परंपरागत चिकित्सा की दुनिया, दुनिया की चीनी परंपरागत चिकित्सा ---विश्व भर में फूल खिले, मानव समुदाय के स्वास्थ्य का साझा भविष्य निर्माण करो।

दो दिवसीय महासभा में विश्व के 31 देशों और क्षेत्रों से आये कई सौ चीनी परंपरागत चिकित्सा जगत के विशेषज्ञों और अध्ययनकर्ताओं ने चीनी परंपरागत चिकित्सा के बुनियादी सिद्धांतों और क्लिनिक में अध्ययन किये गए ताज़ा विकास, जड़ी-बूटी दवाइयों के इस्तेमाल, जड़ी-बूटी दवाइयों के अंतरराष्ट्रीय मानकों और चीनी परंपरागत चिकित्सा और पश्चिमी चिकित्सा के मिश्रण पर विचार किया और शोध के परिणाम साझा किये।

उद्घाटन समारोह पर चीनी राजकीय परंपरागत चिकित्सा प्रबंधन ब्यूरो के उप-महानिदेशक और विश्व चीनी परंपरागत चिकिस्ता संघ के अध्यक्ष मा च्येन चोंग ने बताया कि एक पट्टी एक मार्ग निर्माण की परिकल्पना के अनुसार चीन परंपरागत चिकित्सा और दवाइयों के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग का विस्तार करेगा और विश्व में परंपरागत चिकित्सा के फैलाव को बढ़ाएगा, ताकि चीनी परंपरागत चिकित्सा का अंतरराष्ट्रीय स्थान उन्नत किया जाए और एक साथ मानव समुदाय के स्वास्थ्य के साझा भविष्य को बनाया जाए। उन्होंने तीन सुझाव पेश किये।

उन्होंने बताया, पहला , चीनी परंपरागत चिकित्सकों की क्लिनिक क्षमता की उन्नति पर ख़ास ज़ोर दिया जाएगा और स्वास्थ्य में परंपरागत चिकित्सा की भूमिका बढ़ाई जाए। दूसरा, चीनी परंपरागत चिकित्सा का व्यापाक अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाया जाए। विभिन्न क्षेत्रों की ठोस चिकित्सक ज़रूरतों के मुताबिक क्षेत्रीय चिकित्सक कठिनाईयों को दूर की जाए। तीसरा, चीनी परंपरागत चिकित्सा के अंतरराष्ट्रीय मानक की स्थापना को बढ़ाया जाए और विभिन्न देशों को परंपरागत चिकित्सा के विकास की नीति पेश करने के लिए बढ़ाया जाए।

15वीं विश्व चीनी परंपरागत चिकित्सा महासभा रोम में आयोजित

15वीं विश्व चीनी परंपरागत चिकित्सा महासभा रोम में आयोजित

वर्तमान में चीनी परंपरागत चिकित्सा के सिद्धांतों और विशिष्टताओं को ज्यादा से ज्यादा देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों की मान्यता मिल रही है। संयुक्त राष्ट्र खाद्य और कृषि संगठन के महानिदेशक जोस ग्राजिआनो दा सिल्वा ने अपने भाषण में कहा कि चीनी परंपरागत चिकित्सा एक अधिक कारगर विश्व की स्थापना के लिए मददगार साबित होगी।

उन्होंने बताया, पहले, चीनी परंपरागत चिकित्सा के विचार में लोगों को चतुर्मुखी उपायों से अपने शरीर का ख्याल रखना चाहिए, जो पश्चिमी चिकित्सा से अलग है। चीनी परंपरागत चिकित्सा के इलाज में संतुलित खान-पान, व्यायाम करना, ज़ड़ी बूटी दवाइयों का इस्तेमाल, दबाव कम करने जैसे उपाय अपनाये जाते हैं। इसके अलावा चीनी परंपरागत चिकित्सा कृषि के निरंतर विकास में मददगार है। क्योंकि चीनी परंपरागत चिकित्सा के विकास से विश्व के कई क्षेत्रों में ऑर्गेनिक जड़ी बूटियों की जरूरतें बढ़ जाएंगी और पारिवारिक फार्म के लिए एक आकर्षिक बाज़ार खोला जाएगा।

इटली में चीनी परंपरागत चिकित्सा संघ के अध्यक्ष ह च्या ल्यैन ने बताया कि एक प्रभावी प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति होने के नाते चीनी परंपरागत चिकित्सा विदेशों में लोकप्रिय हो रही है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय शोध आदान-प्रदान चीनी परंपरागत चिकित्सा के पूर्वी एशिया की चिकित्सा से वैश्विक चिकित्सा के रूप में फैलाव के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

उन्होंने बताया, चीन में हजारों वर्षों में चीनी परंपरागत चिकित्सा समृद्ध होने का मुख्य कारण उसका चिकित्सकीय परिणाम है। आज चीनी परंपरागत चिकित्सा के अन्य देश में फैलने के पीछे चिकित्सक परिणाम सबसे अहम है। चीनी चिकित्सा पद्धति में आज बेहतर स्थिति इसलिये भी है क्यंकि चीन और विश्व के दूसरे देशों के मशहूर चिकित्सक, विशेषज्ञ और अध्ययनकर्ता यहां इकठ्टा होकर अनुसंधान और क्लिनिक में मिली ताज़ा उपलब्धियों को एक दूसरे के साथ बांट रहे हैं, जो चीनी परंपरागत चिकित्सा के वैश्विकरण और यूएन के मानव स्वास्थ्य के निरंतर विकास लक्ष्य को पूरा करने में बढ़ावा देगा।

छी मेली रोम में एक चीनी परंपरागत चिकित्सा स्कूल की प्रमुख हैं, जो मुख्य तौर पर एक्यूपांक्चर, मालिश और इत्यादि प्रशिक्षण देती हैं। वो इटली में चीनी परंपरागत चिकित्सा के भविष्य पर काफी आशावान हैं।

उन्होंने बताया, मुझे लगता है कि चीनी परंपरागत चिकित्सा और जड़ी-बूटियों पर लोगों की रूचि लगातार बढ़ रही है। लोगों की आशा है कि वे आने वाले समय में भी परंपरागत चिकित्सा पद्धति को देख सकेंगे साथ ही जड़ी बूटी दवाइयों का सेवन कर सकेंगे। क्योंकि ये एक शुद्ध प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति है। दूसरा इनका प्रभावी चिकित्सक परिणाम है। पर आज इटली में चीनी परंपरागत चिकित्सा के विशेषज्ञ और समुचित चीनी परंपरागत दवाइयां मिलना कठिन है।

(वेइतुंग)

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