चीन और म्यांमार ने क्यौक फ्यू बंदरगाह के निर्माण पर समझौता किया

2018-11-19 09:00:25
Comment
शेयर
शेयर Close
Messenger Messenger Pinterest LinkedIn

चीन और म्यांमार ने क्यौक फ्यू बंदरगाह के निर्माण पर समझौता किया

चीन और म्यांमार ने क्यौक फ्यू बंदरगाह के निर्माण पर समझौता किया

चीन और म्यांमार ने 8 नवंबर को राजधानी नेप्पीडाओ में म्यांमार के क्यौक फ्यू विशेष आर्थिक क्षेत्र के डीप वॉर्टर बंदरगाह निर्माण के समझौते पर हस्ताक्षर किये, जिसका प्रतीक है कि इस परियोजना में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।

उस दिन म्यांमार के वाणिज्य मंत्री थान म्यिंट और म्यांमार स्थित राजदूत होंग ल्यांग की उपस्थिति में म्यांमार की उप योजना और वित्त मंत्री और क्यौक फ्यू बंदरगाह की प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सैइ आंग और चीनी सिटिक ग्रुप के बोर्ड अध्यक्ष छांग चेन मिंग ने दोनों पक्षों की ओर से औपचारिक रूप से समझौते पर हस्ताक्षर किये। म्यांमार के वाणिज्य मंत्री थान म्यिंट ने समारोह के बाद सीआरआई के संवाददाता को बताया ,इस परियोजना से स्थानीय रोज़गार के मौके बढेंगे, परिवहन उद्योग के विकास को बढ़ावा मिलेगा और व्यावहारिक चेन बनेगी। यह समग्र चीन-म्यांमार आर्थिक गलियारे के विकास के लिए लाभदायक होगा। बंदरगाह और औद्योगिक पार्क के निर्माण के साथ स्थानीय जनता के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात है कि अधिक रोज़गार आए और स्थानीय सामाजिक और आर्थिक विकास को प्रेरणा मिले।

थान म्यिंट परियोजना में पीपीपी यानी सरकार और सामाजिक पूंजी के सहयोग का मॉडल अपनाया जाएगा। क्यौक फ्यू विशेष आर्थिक क्षेत्र की प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सैइ आंग ने बताया कि पीपीपी परियोजना म्यांमार के लिए जरूरी रणनीतिक परियोजना है, जो म्यांमार में निरंतर विकास लागू करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

उन्होंने बताया, यह परियोजना सरकार और निजी उद्यमों के सहयोग की विकास परियोजना है, जो न सिर्फ म्यांमार और चीन के लिए खुली है, बल्कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था से भी जुड़ी है। इसके अलावा म्यांमार सरकार के अन्य पीपीपी परियोजना का विकास करने की योजना भी है ताकि स्थानीय निजी उद्यम और अंतरराष्ट्रीय कंपनियां खुले और पारदर्शी रूप से भाग ले सकें।

चीन और म्यांमार ने क्यौक फ्यू बंदरगाह के निर्माण पर समझौता किया

चीन और म्यांमार ने क्यौक फ्यू बंदरगाह के निर्माण पर समझौता किया

क्यौक फ्यू विशेष आर्थिक क्षेत्र म्यांमार के तीन बड़े आर्थिक क्षेत्रों में से एक है, जो म्यांमार के आर्थिक विकास और जनजीवन सुधार के लिए बड़ा महत्व रखता है। चीनी सिटिक ग्रुप कंसोर्टियम ने बिडिंग पेपर में वायदा किया है कि इस परियोजना के निर्माण के पहले पाँच साल में चीनी पक्ष हर साल सामाजिक जिम्मेदारी और कल्याण कार्यक्रम लागू करने के लिए 10 लाख अमेरिकी डॉलर खर्च करेगा और बाद में हर साल 5 लाख अमेरिकी डॉलर खर्च करेगा। इसके अलावा हर साल चीनी कंसोर्टिय्म म्यांमार के लोगों को 1 लाख रोज़गार देगा। चीनी सिटिक ग्रुप के बोर्ड अध्यक्ष छांग चेनमिंग ने बताया ,जिम्मेदाराना अंतरराष्ट्रीय उद्यम के नाते हम सक्रियता से सामाजिक जिम्मेदारी लागू करेंगे और स्थानीय कल्याण कार्य में उतरेंगे। इस परियोजना के निर्माण और संचालन में हम 90 प्रतिशत रोज़गार स्थानीय जनता को देंगे। हम व्यावसायिक तकनीक स्कूल का अच्छा संचालन करेंगे और स्थानीय युवाओं के लिए मुफ्त तकनीनी प्रशिक्षण देंगे।

भावी कार्य की चर्चा करने में चीनी सिटिक ग्रुप की म्यांमार कंपनी के कार्यकारी महाप्रबंधक युआं श्यो पिन ने बताया, ढांचागत समझौता संपन्न करने के बाद चीनी सिटिक कंसोर्टियम पर्यावरण प्रभाव का आंकलन, सामाजिक प्रभाव का मूल्यांकन और भूतत्व सर्वेक्षण जैसे अग्रिम काम करेगा। हमें पक्का विश्वास है कि थान म्यिंट विशेष आर्थिक क्षेत्र म्यांमार यहां तक कि पूरे एशिया के अहम आर्थिक वृद्धि बिंदु के रूप में बनाया जाएगा।

चीन और म्यांमार ने क्यौक फ्यू बंदरगाह के निर्माण पर समझौता किया

चीन और म्यांमार ने क्यौक फ्यू बंदरगाह के निर्माण पर समझौता किया

ध्यान रहे इस सितंबर में चीन और म्यांमार द्वारा चीन-म्यांमार आर्थिक गलियारे के मोमोरेंडम पर हस्ताक्षर होने के बाद क्यौक फ्यू विशेष आर्थिक क्षेत्र की डीप वॉर्टर परियोजना दोनों पक्षों के बीच संपन्न हुई पहली बड़ी आर्थिक सहयोग परियोजना है। क्यौक फ्यू के रणनीतिक महत्व की चर्चा में म्यांमार स्थित चीनी राजदूत होंग ल्योंग ने बताया, क्यौक फ्यू विशेष आर्थिक क्षेत्र चीन-म्यांमार आर्थिक गलियारे का महत्वपूर्ण स्तंभ है, जो साथ साथ एक पट्टी एक मार्ग निर्माण बढ़ाने के लिए काफी महत्वपूर्ण है। वह चीन, म्यांमार और विश्व के अन्य देशों के बीज आर्थिक और व्यापारिक सहयोग चलाने का जुड़ाव स्थल होगा साथ ही क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

सूत्रों के अनुसार क्यौक फ्यू बंदरगाह चीन और म्यांमार की संयुक्त कंपनी से फ़्रेंचाइज़ के रूप में बनाया जाएगा और संचालित किया जाएगा। इस कंपनी में चीनी पक्ष के शेयरों का अनुपात 70 प्रतिशत है, जबकि म्यांमार के शेयरों का अनुपात 30 प्रतिशत है। कुल पूंजी निवेश 1 अरब 30 करोड़ अमेरिकी डॉलर के अंदर नियंत्रित किया जाएगा।

(वेइतुंग)

शेयर

सबसे लोकप्रिय

Related stories