छांगछुन फिल्म स्टूडियो के डबिंग फिल्मों का शानदार अध्याय

2018-10-16 09:51:39
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नये चीन की स्थापना के बाद चीन की पहली डबिंग फिल्म चीन के छांगछुन फ़िल्म स्टूडियो से बनायी गयी। उस समय से अब तक लगभग 70 वर्षों में छांग छुन फिल्म स्टूडियो ने 50 देशों की 2400 से ज्यादा फिल्मों की डबिंग का काम किया है। अब चीन के फ़िल्म बाज़ार में डब फिल्मों का अनुपात कुल फिल्मों की एक तिहाई है।

छांगछुन फिल्म स्टूडियो के डबिंग फिल्मों का शानदार अध्याय

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वर्ष 1949 में नये चीन के फ़िल्म इतिहास में पहली चीनी भाषा में डब की हुई फिल्म रूसी फिल्म प्राइवेट अलेक्सांदर माट्रोसोव की औपचारिक रूप से रिलीज़ हुई थी। यह छांगछुन फिल्म स्टूडियो की पहली डब फिल्म है। इस के बाद छांगछुन फिल्म स्टूडियो ने आवारा, रोमन हॉलि-डे, तोरासान, मैडागास्कर, डेस्पिकेबल मी जैसी बड़ी संख्या वाली विदेशी फिल्मों की डबिंग किया। उल्लेखनीय बात है कि हिन्दी फिल्म आवारा चीन में डबिंग की गयी पहली भारतीय फिल्म है। इस फिल्म ने चीन में भारी सफलता पायी और देश भर लोकप्रिय हुई और कई पीढ़ी वाले चीनियों के दिमाग में अमिट रही। वर्ष 2017 में चीन की मुख्य भूमि में लगभग 90 बाहरी फिल्मों का आयात हुआ ,जिनमें से 30 से अधिक फिल्मों की डबिंग छांगछुन फिल्म स्टूडियो में की गई। अन्य मंचों में दिखाई गयी डबिंग वाली फिल्मों को मिलाकर छांगछुन फिल्म स्टूडियो की डबिंग फिल्मों की संख्या 100 से अधिक थी ,जो डबिंग के बाज़ार का एक तिहाई से अधिक था। छांगछुन फिल्म स्टूडियो के डबिंग महाप्रबंधक वांग श्योवेइ ने बताया ,इधर कुछ साल सिनेमा घर में दिखाई जाने वाली डबिंग फिल्मों में 30 से अधिक हमारे स्टूडियो की हैं, जिसे पूरे फिल्म जगत की मान्यता और प्रशंसा मिलती है।

छांगछुन फिल्म स्टूडियो के डबिंग फिल्मों का शानदार अध्याय

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अमेरिकी एनिमेशन फिल्म स्मर्फ्स में गारगेमल की डबिंग करने वाले हु ल्येन हुआ वर्ष 1983 में छांगछुन डबिंग फिल्म स्टूडियो में काम करने लगे थे। अबतक उन्होंने 710 से ज्यादा विदेशी फिल्मों के डबिंग में भाग लिया है। उन्होंने कहा कि इधर दस सालों में चीनी फिल्म बाज़ार के विकास के साथ छांगछुन डबिंग स्टूडियो नये विकास के चरण में दाखिल हुआ है।

छांगछुन फिल्म स्टूडियो के डबिंग फिल्मों का शानदार अध्याय

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उन्होंने कहा, हमारा डबिंग स्टूडियो खाली चरण से स्टार्टअप चरण, फिर प्रौढ़ चरण और शानदार चरण से गुजरा है। जब मैं छांगछुन डबिंग स्टूडियो में शामिल हुआ, तो छांगछुन स्टूडियो शानदार युग में था। पिछली सदी के 90 वाले दशक में हमारा स्टूडियो मंदी में पड़ा। अब फिर हमारा पुनरुत्थान हो रहा है।

महाप्रबंधक वांग वेइ ने बताया कि कंपनी का तांत्रिक सुधार, डबिंग तकनीक का विकास, डबिंग के तरीके में सुधार और प्रतिभाओं को निरंतर तैयार करना छांगछुन डबिंग फिल्म स्टूडियो के पुनरुत्थान का मुख्य कारण है।

डबिंग अभिनेता हू ल्येन हुआ ने बताया कि पहले हमारी तकनीक बहुत पिछड़ी हुई थी। उस समय सब फिल्मों से रिकॉर्डिंग किया जाता है। अब सब डिजिडल रिकॉर्डिंग होती है और मल्टी ट्रैक रिकार्डिंग है। इस तरह हरेक व्यक्ति अपने समय के अनुसार डबिंग कर सकता है। पहले सभी लोग स्टूडियो में इकट्ठे होकर डबिंग करते थे। अगर फिल्म खराब हुई, तो सभी लोगों को शुरू से ही दोबारा काम करना पड़ता था।

तकनीकी प्रगति के साथ अपरिवर्तित चीज गुणवत्ता पर कायम रहना है। डबिंग निर्देशक वांग ली चुन के विचार में काम के प्रति पुरानी पीढ़ी की अध्ययनशीलता और खोजने की भावना मूल्यवान धरोहर है।

छांगछुन फिल्म स्टूडियो के डबिंग फिल्मों का शानदार अध्याय

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उन्होंने बताया, पहले पुरानी पीढ़ी वाले कलाकार एक फिल्म की डबिंग के लिए लगभग आधे साल या कई महीने खर्च करते थे। उनको रिहर्सल करना, अभिनय का विश्लेषण करना, व्यक्तिगत अनुभव लिखना, डायलॉग याद करना था। सो एक फिल्म के लिए कई महीने लगते थे।

वांग ली चुन ने कहा कि अब बहुत सी फिल्में विश्व भर में एक साथ रिलीज़ की जाती हैं, इसलिए डबिंग फिल्म स्टूडियो को बहुत कम समय दिया जाता है। हालांकि गति तेज़ होती है ,पर सभी जरूरी चरणों पर कायम रहना है, जैसे सामूहिक रूप से फिल्म देखना, चरित्र का विश्लेषण करना, भावना परिवर्तना का अध्ययन करना और इत्यादि।

 प्रबंधक वांग श्यो वेइ ने बताया कि युग बदल रहा है ,दर्शक बदल रहे हैं। डबिंग कार्य को समय के साथ आगे बढ़ना है। छांगछुन डबिंग स्टूडियो अनुवाद और डबिंग में मौलिक संस्करण के सम्मान के आधार पर ताज़ा चीनी सामाजिक और सांस्कृतिक तत्व आत्मसात कर चीनी भाषा से व्यक्त करता है ताकि चीनी दर्शक फिल्म को समझ और स्वीकार कर सकें।

छांगछुन फिल्म स्टूडियो के डबिंग फिल्मों का शानदार अध्याय

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उन्होंने कहा ,एक युग को डबिंग की विशेष मांग है। डबिंग युग के साथ बदलता है। उदाहरण के लिए अमेरिकी जीवन फिल्म बहुत सहज है, तो डबिंग में बढ़ाने चढ़ाने की जरूरत नहीं है। इसके अलावा दिल से डबिंग करना है। फिल्म के पात्रों और पात्रों की किस्मत का अधिक अध्ययन करना है।

70 वर्षों में छांगछुन डबिंग स्टूडियो में कई प्रतिभाएं पैदा हुईं। उन्होंने अपनी आवाज़ से दर्शकों और कई देशों के बीच फासला पाट दिया और अपनी आवाज़ से पात्रों में नयी जीवन शक्ति डाली। अब स्टूडियो में वरिष्ठ अभिनेत्रियों के अलावा बहुत सी युवा अभिनेत्रियां भी हैं ,जिन्होंने स्टूडियो को नया रंग भरा है।

25 वर्षीय वू यांग चिली कला कॉलेज के डबिंग विद्या में एम ए कर रहे हैं और अब पार्ट टाइम में छांगछुन स्टूडियो में काम करते हैं। सौभाग्य की बात है कि उन्होंने यहां हैकसो रिज के हीरो डेस्मंड डोस और जस्टिस लीग में द फ्लैश की डबिंग की है। उनको डबिंग कार्य के भविष्य पर पक्का विश्वास है।

उन्होंने कहा ,मुझे लगता है कि भविष्य में डबिंग फिल्मों का धमाकेदार विकास होगा। मैं भविष्य में विश्वास करता हूं।

(वेइतुंग)     


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