चीनी कृषि उत्पादों के आयात की बड़ी संभावना

2018-07-23 14:56:17
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चीनी कृषि उत्पादों के आयात की बड़ी संभावना

चीनी कृषि उत्पादों के आयात की बड़ी संभावना

चीन की जनसंख्या विश्व में सबसे ज्यादा है, पर चीन के कृषि संसाधन पर्याप्त नहीं हैं। चीन इस समय विश्व का सबसे बड़ा कृषि उत्पादों का आयातक देश है। जन-जीवन की उन्नति के साथ अच्छे कृषि उत्पादों के प्रति चीनी लोगों की मांग तेज़ी से बढ़ रही है, जो चीनी कृषि के वैदेशिक खुलेपन की नयी स्थिति तैयार कर रहा है। कई विशेषज्ञों के विचार में चीनी कृषि के अंतरराष्ट्रीय सहयोग खासकर कृषि उत्पादों के आयात की बड़ी संभावना है।

वर्तमान में चीन में कॉफी की मांग सालाना 20 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है। उल्लेखनीय बात है कि दक्षिण-पश्चिमी चीन के शहर छोंग छिंग में कॉफी बीन्स का उत्पादन नहीं होता है, लेकिन ये शहर विश्व के सबसे महत्वपूर्ण कॉफी व्यापार केंद्रों से एक बन गया है। छोंग छिंग कॉफी व्यापार केंद्र के जिम्मेदार व्यक्ति फंग युए ने सीआरआई संवाददाता को बताया की छोंगछिंग-शिनच्यांग-यूरोप अंतरराष्ट्रीय कार्गो रेलगाड़ी छोंगछिंग से सीधे जर्मनी के डुइसबर्ग तक जाती है। छोंगछिंग कॉफी बीन्स केंद्र युन्नान और दक्षिण-पूर्वी एशिया, दक्षिण एशिया समेत एशिया के मुख्य कॉफी उत्पादन क्षेत्रों और यूरोप के उपभोग बाज़ार को घनिष्ठ रूप से जोड़ता है। हम सब यहां व्यापार करते हैं। वित्तीय सेवा और बैंक उपलब्ध हैं, जो निर्यात-आयात उद्यमों की सेवा करती है। कॉफी के निर्यात और आयात में यहां बेहतर अंतरराष्ट्रीय सेटलमेंट व्यवस्था है। हमें यहां का भविष्य उज्जवल लगता है।

विश्वविख्यात कॉफी अरेबिका बीन्स का उद्गम स्थान इथियोपिया है। छोंगछिंग में स्थित इथियोपिया के महा वाणिज्यिक दूत कबेद अबेरा इदो के विचार में चीन विश्व के मुख्य कॉफी उत्पादन क्षेत्रों के काफी व्यापार के लिए स्वर्ण रास्ता खोला है।

उन्होंने बताय कि चीन में कॉफी का उपभोग तेज़ी से विकसित हो रहा है। कॉफी व्यापार केंद्र के मंच के ज़रिये इथियोपिया की कॉफी चीन में बेचना पहले से अधिक सुचारू हो गया है ।यह साझी जीत है ।

चीनी कृषि उत्पादों के आयात की बड़ी संभावना

चीनी कृषि उत्पादों के आयात की बड़ी संभावना

पिछले वर्ष तक चीन की जनसंख्या 1 अरब 39 करोड़ थी ,जबकि खेतों का क्षेत्रफल 11 करोड़ 22 लाख 20 हेक्टर था, जो गतवर्ष से 8 लाख 10 हजार हेक्टर कम हुआ है। गेहूं ,धान ,मक्का ,कपास ,तिलहन और गन्ना रोपने का क्षेत्रफल कम हो रहा है। चीन विश्व का सबसे बड़ा अनाज आयातक देश बन रहा है। चीन-यूरोप कार्गो रेलगाड़ी में विशेष अनाज रेलगाड़ी होती है, जो यूरोप और मध्य-एशिया के कृषि उत्पादों को चीन में लाती है ।शैनशी प्रांत के शी एन आईछू अनाज और तेल उद्योग ग्रुप के बोर्ड अध्यक्ष चा हयी की नज़र में चीन और कज़ाकिस्तान का कृषि सहयोग साझी जीत का मिसाल है ।

उन्होंने बताया कि कज़ाकिस्तान का क्षेत्रफल 13 शैनशी प्रांत के बराबर है, लेकिन उसकी आबादी सिर्फ शैनशी प्रांत का आधा भाग है। कजाकिस्तान की विशाल भूमि है, जहां एक तिहाई या आधी भूमि बेकार है ।वहां के किसानों को पता नहीं है कि क्या रोपना बेहतर है और किस उत्पाद का बाजार बड़ा है। हमने अब वहां की स्थानीय सरकार और फार्म के साथ कृषि ऑडर सहकारी कम्युनिटी स्थापित की है ,जो एक दूसरे के पूरक हैं ।वे ऐसी परियोजना बहुत पसंद करते हैं ।

चीनी कृषि उत्पादों के आयात की बड़ी संभावना

चीनी कृषि उत्पादों के आयात की बड़ी संभावना

चीनी अंतरराष्ट्रीय व्यापार संघ की विशेषज्ञ समिति के उपनिदेशक ली योंग ने हमारे संवाददाता को बताया कि प्राकृतिक साधन के वितरण की दृष्टि से देखा जाए ,पहले हमारे देश के खेतों का क्षेत्रफल बहुत सीमित है। हमारे कृषि उत्पादन की कुशलता अन्य देशों की तुलना में बहुत कम है, खासकर बड़े फार्म के संचालन की स्थिति नहीं हुई है। कृषि कुशलता कृषि मशीनरी से पूरी हो सकती है ।इस संदर्भ में विकसित देशों से चीन का फासला मौजूद है। दूसरी तरफ़ विभिन्न कृषि उत्पादों के प्रति चीन की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसी स्थिति में निर्यात हमारे कृषि की कमी दूर करेगा।

चीन विश्व के सोयाबीन, पाम ऑयल और कपास बाज़ार में सबसे बड़ा ग्राहक है। वर्ष 2017 में चीन के कृषि उत्पादों का आयात-निर्यात 2 खरब 1 अरब 40 करोड़ अमेरिकी डॉलर रहा ,जो गतवर्ष से 9 प्रतिशत से अधिक था ।कृषि आयात की कुल धनराशि लगभग 1 खरब 25 अरब 90 करोड़ अमेरिकी डॉलर थी, जिनमें से 70 प्रतिशत अमेरिका, ब्राजील, आशियान देश, यूरोपीय संघ और ऑस्ट्रेलिया से आये हैं।

चीन-अमेरिका व्यापार वाद विवाद में अमेरिकी सोयाबीन ध्यानाकर्षक मुद्दा है, क्योंकि चीन अमेरिकी सोयाबीन का सबसे बड़ा बाज़ार है। पिछले वर्ष चीन ने अमेरिका से 14 अरब अमेरिकी डॉलर सोयाबीन का आयात किया था। ली योंग के विचार में बड़ी मात्रा में सोयाबीन का आयात करने से चीनी पशुपालन उद्योग के विकास को बढ़ावा मिला है।

उन्होंने बताया कि जनजीवन स्तर की उन्नति का एक विषय है कि मांस की मांग का लगातार बढ़ना। पशुपालन उद्योग के विकास को पर्याप्त चारे की जरूरत है। सोयाबीन पशुपालन के लिए सबसे बड़ा और स्थिर प्रोटीन का स्रोत है। सोयाबीन का आयात पशुपालन उद्योग के विकास की गारंटी है।

चीनी खाद्यान्न और घरेलू पशु निर्यात आयात वाणिज्यिक संघ की उपाध्यक्ष यू लू के विचार में चीन के कृषि क्षेत्र के खुलेपन की नयी स्थिति तैयार करना न सिर्फ कृषि उत्पादों का निर्यात है। विश्व के अन्य विकसित कृषि देशों और चीन का बहुपक्षीय सहयोग महत्वपूर्ण भी है ।

उन्होंने बताया कि उदाहरण के लिए यूरोपीय संघ में कृषि मशीनरी बहुत प्रगतिशील है। हमारी बहुत सी कृषि मशीन और साजो सामान यूरोपीय संघ के सदस्य देशों से आयातित हैं। हमारा चिकन मीट व्यवसाय विश्व से घनिष्ठ रूप से जुड़ा है। इस क्षेत्र में हमारे श्रेष्ठ निर्यात उद्यमों के अधिकांश साजो सामान यूरोपीय संघ के हॉलैंड ,जर्मनी और इटली जैसे सदस्य देशों से आये हैं। इसके अलावा ऑर्गेनिक कृषि ,ऑर्गेनिक उत्पाद और कृषि के निरंतर विकास के बारे में हम उनसे बहुत कुछ सीख सकते हैं ।

अमेरिका विश्व में सबसे बड़ा कृषि उत्पादों का निर्यात करने वाला देश है। चीनी जानकारों के विचार में अमेरिका के विशाल खेती संसाधन, बड़े बड़े फार्म और उच्च तकनीक लाभकारी हैं। चीन अमेरिका कृषि सहयोग का उज्जवल भविष्य है।

यू लू ने उदाहरण देते हुए कहा कि हमारे उपभोग की आदतें अलग अलग हैं। मसलन चीनी लोग चिकन के पंजे और चिकन विंग अधिक पंसद करते हैं ,जबकि अमेरिकी लोगों को चिकिन के ब्रेस्ट मीट ज्यादा पसंद हैं। हम एक दूसरे के पूरक बन सकते हैं। भविष्य में चाहे चीनी आयात व्यापारी हो या अमेरिकी निर्यात व्यापारी हों, या अमेरिकी किसान ही क्यों न हों, सहयोग से ही साझी जीत पूरी होगी।(वेइतुंग)

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