चीनी काओखाओ---विश्व में सब से बड़े पैमाने वाली युनिवर्सिटी दाखिला परीक्षा

2018-06-20 09:56:57
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चीनी काओखाओ---विश्व में सब से बड़े पैमाने वाली युनिवर्सिटी दाखिला परीक्षा

चीनी काओखाओ---विश्व में सब से बड़े पैमाने वाली युनिवर्सिटी दाखिला परीक्षा

7 से 8 जून तक चीन में वर्ष 2018 काओखाओ यानी युनिवर्सिटी दाखिला परीक्षा आयोजित हुई। इसमें भाग लेने वाले छात्रों की संख्या 97 लाख 50 हजार से ज्यादा है, जो गतवर्ष से 3 लाख 50 हजार से अधिक है। यह इधर 8 साल में एक नया रिकार्ड है और विश्व में सब से बड़े पैमाने वाली परीक्षा भी है ।इसके अलावा चालू साल में काओखाओ में भाग लेने वाले अधिकांश छात्रों का जन्म वर्ष 2000 के बाद हुआ। नयी पीढ़ी के युवा जल्दी से विकसित हो रहे हैं।

चीन की राजधानी पेइचिंग में इस साल कुल 91 युनिवर्सिटी दाखिला परीक्षा स्थल स्थापित किये गये ।7 जून की सुबह तुंगछंग जिले के एक परीक्षा स्थल के बाहर हमारे संवाददाता को एक परीक्षार्थी की माता श्रीमती यांग से मिला ।उन्होंने कहा कि बेटा का फार्म अच्छा है।

उन्होंने बताया, ठीक ठाक है। बच्चे को ज्यादा चिंता नहीं है। मुझे लगता है कि यह युनिवर्सिटी प्रवेश परीक्षा के सुधार से संबंधी है। दूसरा कारण है कि देश के आर्थिक और सामाजिक विकास के साथ साथ रोज़गार के चैनल अधिक ज्यादा हो गये हैं। हमने बच्चों पर ज्यादा दबाव नहीं डाला।

दूसरे परीक्षार्थी की माता मैडम हू के विचार में चालू साल काओखाओ में भाग लेने वाले अधिकांश बच्चों का जन्म वर्ष 2000 में हुआ है। वे इंटरनेट के माहौल में पली बढ़ी नयी पीढ़ी के हैं। उनके जीवन में कई रास्ते हैं ।अपने बच्चे की स्थिति की चर्चा में उन्होंने कहा,मेरा बच्चा गणित पढ़ना चाहता है। हम शायद कैपिटल आर्थिक और व्यापारिक युनिवर्सिटी या वैदेशिक व्यापार युनिवर्सिटी के आवेदन पर सोचेंगे। यह सब उसके अंक पर निर्भर है।

चीनी काओखाओ---विश्व में सब से बड़े पैमाने वाली युनिवर्सिटी दाखिला परीक्षा

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वर्ष 1977 में ग्रेट कल्चरल रेवोलूश्न समाप्त होने के बाद दस साल तक स्थगित हुई युनिवर्सिटी दाखिला परीक्षा व्यवस्था की बहाली हुई। कई पीढ़ी के चीनियों ने इस न्यायपूर्ण परीक्षा व्यवस्था से अपना मूल्य और जीवन सपना पूरा किया। देश भर में एकीकृत इस परीक्षा व्यवस्था ने चीन के सुधार और खुलेपन, सामाजिक विकास के लिए विशान मानव संसाधन प्रदान किया। चीनी शिक्षा अकादमी के अध्ययनकर्ता छू चोहुइ के विचार में पिछले कुछ सालों में इस परीक्षा व्यवस्था के सुधार और सामाजिक बदलाव के साथ छात्रों और उनके माता पिता की मानसिक स्थिति में कुछ परिवर्तन नजर आया है।

उन्होंने बताया, इस साल काओखाओ में एक बड़ी विशेषता है कि अधिकत्तर प्रांत काओखाओ के नये मॉडल में दाखिल हुए हैं। देश के अधिकांश प्रांतों ने युनिवर्सिटी भर्ती की सुधार योजना जारी की, जिससे इस परीक्षा पर प्रत्यक्ष प्रभाव पड़ा है। इसके अलावा चालू साल के अधिकांश परीक्षार्थियों का जन्म वर्ष 2000 में हुआ। पहले के कुछ साल के सुधार से कई परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों को अधिक विकल्प हैं।

बता दें कि इधर कुछ साल चीन ने काओखाओ व्यवस्था के सुधार पर ज़र दिया है। अब युनिवर्सिटी दाखिला में किसी आवेदक की चतुर्मुखी समीक्षा को अधिय महत्व दिया जा रहा है। कुछ प्रांतों में हाई स्कूल पास करने की परीक्षा के परिणाम, आवेदकों के प्रति युनिवर्सिटी की परीक्षा और काओखाओ के रिजल्ट को जोड़कर किसी अनुपात से एक चतुर्मुखी अंक निर्धारित होता है। अंत में चतुर्मुखी अंक के मुताबिक दाखिले की नामसूची तय की जाती है। वर्ष 2018 में पूर्वी चीन के चच्यांग प्रांत ने नये दाखिले के तरीके से दस हजार से अधिक छात्र भर्ती कराये। इसके अलावा थ्येन चिन ,क्वांग तुंग और ल्यांग निंग समेत कुछ प्रांतों ने दाखिले के क्रम में परिवर्तन लाया। छू चो हुइ ने बताया कि इन कदमों से काओखाओ की न्यायता और निष्पक्षता को और बढावा मिलेगा।

उन्होंने कहा, इधर कुछ साल अनेक युनिवर्सिटियों ने मुख्य तौर पर दो पहलुओं में सुधार किया। पहला, युनिवर्सिटी के पहले साल में बहुत छोटे दायरे वाले विषय निर्धारित नहीं किये जाते थे। एक साल के बाद छात्र अपना पसंदीदा ठोस विषय चुन सकते हैं। दूसरा, पहले भर्ती करने के समय युनिवर्सिटी या कॉलेज तीन श्रेणियों में बांटे जाते हैं। अभी अधिकतर प्रांतों में दो बैच या एक ही बैच में भर्ती पूरी की जाती है। इस तरह छात्रों को आवेदन करने के समय अधिक सुविधाएं मिली हैं और युनिवर्सिटी को छात्र चुनने में अधिक दायरा मिला।

चीनी काओखाओ---विश्व में सब से बड़े पैमाने वाली युनिवर्सिटी दाखिला परीक्षा

चीनी काओखाओ---विश्व में सब से बड़े पैमाने वाली युनिवर्सिटी दाखिला परीक्षा

काओखाओ बहुत से चीनियों के लिए अविस्मर्णीय स्मृति है। परीक्षार्थी की माता मैडम चन ने वर्ष 1990 के कोखो में भाग लिया था। उन्होंने हमारे संवाददाता को बताया कि काओखाओ अपने बच्चे और अपने के लिए जीवन मूल्य पूरा करने की प्रक्रिया है।

उन्होंने बताया, अब बच्चों की शर्तें कितनी अच्छी हैं। स्कूल और परिवार उनको बहुत अच्छा वातावरण देते हैं और उनको बहुत समर्थन देते हैं। अभिभावक होने के नाते हम बच्चे की पसंद, विचार और सपने पर अधिक ध्यान देते हैं। उदाहरण के लिए जब हमारा काओखाओ में भाग लेने के समय हम अक्सर सोचते थे कि किसी युनिवर्सिटी या किसी विषय चुनने से हमारे घर की स्थिति में सुधार आएगा या नहीं। अब बच्चे अधिकतर अपनी पसंद का अनुसरण करते हैं।

आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2017 में चीनी युनिवर्सिटी या कॉलेज में 2000 से अधिक नये ग्रेजेएट विषय स्थापित हुए हैं, जिसमें 250 युनिवर्सिटी ने आंकड़े विज्ञान और बिग डेटा तकनीक का विषय खोला और लगभग 60 युनिवर्सिटी ने रोबोट इंजीनियरिंग विषय स्थापित किया। विशेषज्ञों के विचार में चीन के सुधार और खुलेपन के साथ साथ आर्टिफिशल इंटेलीजेंस और बिग डेटा समेत कुछ नये विषय अधिकाधिक युवाओं को आकर्षित करेंगे।

(वेइतुंग) 

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