पेइचिंग में लिपि कला का होम टाऊन

2018-05-01 17:38:02
Comment
शेयर
शेयर Close
Messenger Messenger Pinterest LinkedIn

पेइचिंग में लिपि कला का होम टाऊन

पेइचिंग में लिपि कला का होम टाऊन

उत्तर-पूर्वी पेइचिंग में स्थित पिंग कू जिला देश में मशहूर लिपि कला का होमटाउन या गृह क्षेत्र है और चीनी संस्कृति और पर्यटन मंत्रालय द्वारा निर्धारित पेइचिंग का पहला लिपिकला का होमटाउन भी है ।कई वर्षो में पिंग कू में तरह तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते रहते हैं ,खासकर चीनी लिपि कला की लोकप्रियता पर ज़ोर दिया जाता है। स्थानीय लोगों के लिपि कला सीखने से उनके जीवन में अधिक सकारात्मक बदलाव आए और उन्हें बहुत संतोष मिला।

70 वर्षीय चो वेन पिंग कू जिले के ताइंग चुएं कस्बे के चो च्यांगची गांव में रहते हैं ।वे एक लिपिकला प्रेमी हैं ।लिपिकला का अभ्यास करने के लाभ के बारे में चो वेन ने बताया, पहले मेरा स्वभाव चिड़चिड़ा था ।लिपिकला सीखने के बाद मेरे स्वभाव में बड़ा बदलाव आया है ।पहले मैंने कभी भी नहीं सोचा था कि लिपि कला सीखने के बाद मेरे अंदर इतने अच्छे बदलाव आएंगे ।अगर यह जानता, तो बहुत साल के पहले ही मैं लिपि कला सीख लेता।

सब पड़ोसियों को महसूस हुआ कि जब चो वेन ने लिपि कला सीखना शुरू किया ,तो वे एकदम बदल गये ।वे अधिक शांत और सुशील रूप में परिवर्तित हुए ।अब चाहे वे कितने भी व्यस्त क्यों न हों ,चो वेन रोज़ तीन घंटे तक लिपिकला का अभ्यास करते हैं ।

वास्तव में पिंग कू ज़िले में चो वन जैसे लोग बहुत ज्यादा हैं ।किसानों के सांस्कृतिक जीवन और उनके स्वभाव में बड़ा बदलाव आने की मुख्य प्रेरणा पिंग कू जिले की जनता हितैषी सांस्कृतिक परियोजना है ।पिंग कू सांस्कृतिक आयोग के निदेशक त्वी चिन ने बताया, अब तक पिंग कू ज़िले ने ज़िले, कस्बे और गांव तीन स्तरों के प्रशिक्षण नेटवर्क में 103 प्रशिक्षण कक्षाएं खोली हैं और 40 हज़ार से अधिक लोगों को लिपिकला सिखायी है। लिपिकला चीन की परंपरागत संस्कृति है ।लिपिकला लोकप्रिय बनाने से व्यापक लोग चीनी राष्ट्र की श्रेष्ठ परंपरागत संस्कृति संभालेंगे और लिपिकला के अभ्यास में वे अपनी भावना को सुधारेंगे ।इस तरह गांव के सांस्कृतिक निर्माण को बढ़ावा मिलेगा ।

पेइचिंग में लिपि कला का होम टाऊन

पेइचिंग में लिपि कला का होम टाऊन

पिंगकू जिले में खोले गये 103 क्लास में एक विशिष्ट क्साल है। वह पारिवारिक क्लास है यानी एक परिवार के सदस्य साथ साथ लिपिकला सीखते हैं ।पिंगकू जिले के नंबर-7 प्राइमरी स्कूल में पढ़ रही थ्येन चीचुन अपने दादा और माँ के प्रभाव से लिपिकला के शौकीन बनी है ।इस कला की चर्चा में थ्येन चीचुन ने बताया, मेरा नाम थ्येन चीचुन है ।इस साल मैं नौ वर्ष की हो गई हूं और प्राइमरी स्कूल की दूसरी कक्षा में पढ़ती हूं ।मुझे लिपिकला सीखते हुए एक साल हुआ है ।भविष्य में मैं एक श्रेष्ठ लिपि कलाकार बनना चाहती हूं ।

लिपि कला क्लास में कई विकलांग दोस्त भी आकर्षित हुए हैं ।लिपि कला सीखने से वे अपना अकेलापन दूर कर सकते हैं ।

सबसे ध्यान देने वाली बात ये है कि ये क्लास सबकुछ मुफ्त में सिखाती है ।अगर किसानों के पास समय और इच्छा है ,तो वे क्लास में आ सकते हैं ।बताया गया है कि इस अप्रैल से पिंग कू जिले में और 40 लिपिकला क्लास खोली जाएंगी ।

(वेइतुंग)

शेयर

सबसे लोकप्रिय

Related stories