अल सेरियन खंडहर में चीन और सउदी अरब का संयुक्त पुरातत्व

2018-04-12 14:00:31
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अल सेरियन खंडहर में चीन और सउदी अरब का संयुक्त पुरातत्व

अल सेरियन खंडहर में चीन और सउदी अरब का संयुक्त पुरातत्व

अस सेरियन खंडहर में चीन और सउदी अरब का सयुक्त पुरातत्व कार्यक्रम इस मार्च को औपचारिक रूप से शुरू हुआ। चीनी पुरात्व टीम सउदी अरब के समकक्षों के साथ 20 दिन का संयुक्त पड़ताल और खुदाई करेगी।

अल सेरियन बंदरगाह खंडहर अरब प्रायद्वीप के दक्षिण पश्चिम में लाल सागर के तट पर स्थित है। पुराने अरबी भाषी रिकॉर्ड के अनुसार अल सेरिन बंदरगाह 9वीं सदी से 13वीं सदी के बीच समृद्धि काल में रहा था। भारत, यमन और कई दूसरे क्षेत्रों से आने वाले तीर्थयात्री और व्यापारी यहां अरब प्रायद्वीप पर पहुंचते थे और मक्का जाते थे। चीनी प्राचीन रिकॉर्ड के अनुसार मिंग राजवंश में चीनी सुदूर महासागरीय जहाज अल सिरेयन बंदरगाह भी पहुंचे थे।

सूत्रों के अनुसार यह पहली बार है कि चीनी राजकीय प्राचीन अवशेष ब्यूरो ने व्यावसायिक पुरातत्व टीम अरब विश्व भेजा ,जिसने चीन और अरब देशों के बीच सांस्कृतिक मेलजोल की नयी खिड़की खोली ।चीनी पुरात्व टीम के प्रमुख और चीनी राजकीय प्राचीन अवशेष ब्यूरो के पानी के नीचे पुरातत्व केंद्र के निदेशक डॉक्टर च्यांग पो ने बताया ,हमारी टीम वास्तव में 26 मार्च को चीन से सउदी अरब रवाना हो गयी और 14 अप्रैल को पेइचिंग वापस लौटेगी ।संयुक्त पुरातत्व दल में चीनी पक्ष के 5 सदस्य हैं ,जबकि सउदी अरब के 6 सदस्य हैं ।हमारा साझेदार सउदी अरब का राष्ट्रीय पुरातत्व केंद्र है ।    

च्यांग पो के विचार में अल सिरेयन बंदरगाह खंडहर का महत्वपर्ण पुरातत्व महत्व है ।

अल सेरियन खंडहर में चीन और सउदी अरब का संयुक्त पुरातत्व

अल सेरियन खंडहर में चीन और सउदी अरब का संयुक्त पुरातत्व

उन्होंने बताया ,पहला ,अल सेरियन लाल सागर पर बहुत महत्वपूर्ण तीर्थयात्रा और व्यापारिक बंदरगाह था ।प्राचीन चीनी रिकॉर्ड के अनुसार मिंग राजवंश में मशहूर चीनी नेवीगेटर चंग ह के बेड़े की एक शाखा अल सेरियन पहुंची थी ।प्राचीन अरबी लिखित पदार्थों ने इस बंदरगाह का साफ़ साफ़ वर्णन किया था ।इतिहास में वहां मस्जिद ,वास्तु भवन ,कुएं और बाज़ार दिखाई देते थे ।इससे पहले हमने स्थल की पड़ताल की थी। हमें कई पुरातात्विक  संकेत मिले,जैसे खंडहर पर अरबी मिट्टी बर्तन ,चीनी मिट्टी बर्तन और फासी मिट्टी बर्तन के टुकड़े मिले ।सो अल सेरियन का पुरातत्व करने के योग्य हैं ।

संयुक्त पुरातत्व कार्य की चर्चा में च्यांग पो ने बताया कि हम तीन कदमों  में काम करेंगे ।उन्होंने कहा ,पहला ,स्थल पर पूरी जांच करना है यानी खंडहर में एक संपूर्ण पड़ताल करने की आवश्यकता है ।दूसरा ,कब्रों और समाधि पाषाणों की मुख्य तौर पर पड़ताल और माप करना है ।हम खंडहर के काल ,कब्र के मालिक और अन्य सूचनाएं इकट्ठा करेंगे ।समाधि लेख सबसे अच्छे सुराग हैं ।तीसरा ,भूमिगत स्थिति का पता लगाना है ।

अल सेरियन खंडहर में चीन और सउदी अरब का संयुक्त पुरातत्व

अल सेरियन खंडहर में चीन और सउदी अरब का संयुक्त पुरातत्व

चीन और सउदी अरब के बीच संपन्न अल सेरियन खंडहर संयुक्त पुरात्व समझौते के अनुसार यह कार्यक्रम कुल पाँच साल लगेंगे ,जो समुद्री रेशम मार्ग का पता लगाने में एक नया अध्याय होगा । (वेइतुंग)

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