गरीबी उन्मूलन में जुटे कार्यकर्त्ता लुओ ता

2018-01-02 10:56:09
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दक्षिण चीन का क्वांग तुंग प्रांत चीन का सब से बड़ा आर्थिक संपन्न प्रांत है ,जिस का जीडीपी लगातार 28 साल से देश के पहले स्थान पर बना रहा है ।लेकिन क्वांग तुंग के ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों में कई गरीब गांव मौजूद हैं ।इधर कुछ साल क्वांग तुंग गरीबी उन्मूलन पर ज़ोर दे रहा है ।स्थानीय सरकार ने ग़रीब गांव की सहायता के लिए वहां बहुत से कार्यकर्ता भेजे हैं ।लुओ च्येनहुआ उन में से एक हैं ।शिनपाछुन गांव क्वांग तुंग के पहाड़ों पर बसा एक गरीब गांव है ।लुओ च्येनहुआ इस गांव की चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) शाखा के सचिव हैं और गरीबी उन्मूलन कार्यदल के प्रमुख भी हैं ।गांववासी उनको लुओ ता कहते हैं ।चीनी भाषा में ता का मतलब है कि बड़ा या प्रमुख ।

गरीबी उन्मूलन में जुटे कार्यकर्त्ता लुओ ता

गरीबी उन्मूलन में जुटे कार्यकर्त्ता लुओ ता

दिसंबर में एक दिन सीआरआई के संवाददाता ने लुओ ता के साथ पहाड़ के चाय उद्यान का दौरा किया ।रास्ते में बांसू के जंगल फैले हैं और किसानों के मुर्गे और मुर्गियां इधर उधर दिखाई देते हैं ।एक निर्माण स्थल से गुजरते समय लुओ ता देखते ही एक बूढ़े व्यक्ति ने मुस्कराते हुए अंगूठा दिखाकर उन की प्रशंसा की ।चीन में अंगूठा दिखाने का मतलब अच्छा या भला होता है ।बूढ़े व्यक्ति के बेटे ल्यांग नंगहोंग ने बताया ,सचिव लुओ ने हमारे यहां बड़ा योगदान दिया है ।उन्होंने कई परियोजनाओं में हमारी सहायता की ।हमारा शिनपाछुन गांव बहुत सुंदर हो गया है ।हम सब उन को अंगूठा दिखाते हैं और उन का आदर करते हैं ।वे जो कहते हैं ,वही करते हैं ।

शिनपाछुन गांव छिंगयुएं शहर में स्थित है ।लुओ च्येनहुआ ने पहले छिंगयुएं जेल में 14 साल काम किये थे और जेल के उप प्रमुख बने थे ।उन का प्यार से पुकारने वाला नाम लुआ ता वहीं से आता है ।इधर नौ साल से लुओ ता ने छिंग युएं के विभिन्न इलाकों में गरीबी उन्मूलन का कार्य किया था ।पिछले साल मई में वे शिनपाछुन गांव में तैनात किये गये ।गांव वासियों को उनको लुओ ता पुकारना पंसद है ,क्योंकि वे शिनपाछुन को गरीबी की चपेट से छुटकारा देने का प्रमुख काम करते हैं ।

लुओ ता ने कहा कि पहाडी क्षेत्र के लोग लंबे समय से गरीबी में फंसे हुए हैं ।उन को विकास और परिवर्तन की तीव्र इच्छा है ।ये उन के लिए बड़ी चुनौती है ।

उन्होंने बताया, आप गरीबी दूर करने के लिए आये हैं। गांववासियों को आशा है कि जल्दी ही परियोजना शुरू हो सकेगी ,गांव की शक्ल जल्दी से बदलेगी और नये गांव के निर्माण में जल्दी से आमूल चूल सुधार आएगा ।लेकिन शुरू में जब हम ने पड़ताल करते समय फार्म भरवाना और व्यावहारिक कदम नहीं उठाए ,तो गांववासियों को समझ नहीं आया ।उन को लगा  कि आप ठोस काम नहीं करते हैं ।आम आदमी ठोस परिवर्तन देखना चाहते हैं ।

शिनपाछुन में कुल 182 परिवार रहते हैं और आबादी 671 है ,जो 40 वर्गकिलोमीटर पहाड़ों पर फैली है ।यहां 24 गरीब परिवार हैं और गरीब परिवारों में रहने वालों की संख्या 80 है ।गांव वासियों का विश्वास प्राप्त करने के लिए लुओ ता ने पद संभालने के बाद कुछ ठोस काम किये हैं।

गरीबी उन्मूलन में जुटे कार्यकर्त्ता लुओ ता

गरीबी उन्मूलन में जुटे कार्यकर्त्ता लुओ ता

सब से पहले नये रास्ते का निर्माण ।शिनपाछुन पहाड़ में स्थित है ।यहां के बांसू ,लकड़ी और चाय जैसे कैश क्रॉप्स सब पहाड़ पर हैं ।पहले यहां पर पक्का रास्ता नहीं था और बड़ी गाड़ी गांव में नहीं आ सकती थी ।कैश क्रॉप्स बाहर पहुंचाने का बड़ा खर्च था ।पद संभालने के बाद लुओ ता ने म्युनिसिपल जन प्रतिनिधि सभा को मार्ग निर्माण का प्रस्ताव पेश किया ।इस के बाद लगभग 2 करोड़ युआन की पूंजी इकटठा कर 9.5 किलोमीटर पहाड़ी मार्गों का निर्माण किया गया और 25 किलोमीटर मार्ग का अपडेट किया गया ।इस के साथ दो पत्थर मार्गों को सिमेंट मार्ग के रूप में बदलने के लिए लुओ ता ने सीपीसी छिंगयुएं म्युनिसिपल समिति के सचिव को एक पत्र लिखा ।उन्होंने पत्र में शिनपाछुन के जर्जर हालात का परिचय दिया और सहायता मांगी ।म्युनिसिपल समिति के सचिव ने इस पत्र पर ध्यान दिया और रास्ता बनाने की मंजूरी दी ।

मार्ग निर्माण के साथ लुओ ता ने दो कंपनियों की स्थापना भी की ।एक है पर्यटन कंपनी ।शिनपाछुन मशहूर दीर्घायु गांव है ।वहां की वायु गुणवत्ता बहुत अच्छी है ,जिस में Negative oxygen ions की मात्रा काफी ऊंची है ।पहाड़ी चश्मे का जल सीधे पिया जा सकता है ,जिस में कोई प्रदूषण नहीं है ।गांव वासियों में सौ से अधिक अल्पसंख्यक जातियों के हैं ।“याओ” जाति की सांस्कृति रीति रिवाज बनी रहती है ।इस के अलावा इस क्षेत्र में प्रचुर लाल पर्यटन संसाधन भी है ।पर्यटन जगत में शिनपाछुन गांव का नाम बढ़ने के साथ लुओ ता ने फिर बुनियादी संस्थापन का निर्माण शुरू किया ।उन्होंने एक दो मंजिले मकान की ओर इशारा देते हुए कहा ,ये पहले गरीब परिवार का मकान था। हम ने किसान होटल का सुझाव दिया और मकान के मालिक भी आय बढ़ाना चाहते थे ।उन्होंने किराये पर यह मकान पर्यटन कंपनी को दे दिया ।किसान होटल के विकास की अच्छी स्थिति देखकर मकान मालिक ने पैसे उधार कर दूसरी मंजिल का निर्माण किया और किराये पर फिर कंपनी दे दिया ।एक मंजिल का सालाना किराया 1900 युआन है ।

लुओ ता के अनुसार पर्यटन कंपनी की 20 प्रतिशत आय संचालन खर्च है और बाकी धनराशि सब गरीबी उन्मूलन कोष में डाली जाती है।

 

गरीबी उन्मूलन में जुटे कार्यकर्त्ता लुओ ता

गरीबी उन्मूलन में जुटे कार्यकर्त्ता लुओ ता

शिनपाछुन के स्थान विशेष उपज कम नहीं हैं ।यहां की हल्दी ,लाल दालें ,जंगली चाय क्वांग तुंङ प्रांत में विख्यात हैं ।बाज़ार के अध्ययन के बाद लुओ ता ने चाय कंपनी की स्थापना का सुझाव पेश किया ।कंपनी स्थापित होने के बाद जंगली चाय की प्रोसेसिंग कर एक ही ब्रैंड में उसे बेचा जाता है ।पहले एक किलो जंगली चाय का दाम 160 युआन था जो अब 1360 युआन तक जा पहुंचा है ।

स्थानीय संसाधन का पर्याप्त लाभ उठाने के लिए लुओ ता ने मछली और मेंढक पालने की प्रेरणा दी ।अब गांव में 6 मत्स्य पालन तालाब हैं ,जिन पर 7 गरीब परिवारों के 31 लोग जिम्मेदार हैं ।इन 6 तालाबों में 15 हजार किलो मछली पाली जा सकती है ।गांव समिति मछलियां बेचकर एक परिवार को एक किलो 2 युआन के रेट से पैसे देती है यानी एक परिवार को 30 हजार युआन मिलते हैं ।

शिनपाछुन गांव समिति की कार्यकर्ता हू मानफंग ने बताया कि लुओ ता के आने के बाद गांव में सब से बड़ा बदलाव गरीब परिवारों का हौसला बुलंद हुआ है ।अब 24 गरीब परिवारों में हरेक के पास पैसे कमाने एक का धंधा है ।उन के जीवन में सुधार आ गया ।

उन्होंने बताया,उन्होंने गरीब परिवारों को जागृत किया और उन के लिए काम दिलाया ।पहले खेती करने के अलावा गरीब परिवारों के लोग कम काम करते थे और उनके पास पैसे कमाने का उपाय नहीं था ।कुछ गरीब परिवार एक महीने में सिर्फ एक या दो बार मांस खरीदते थे ,क्योंकि उन के पास पैसा नहीं था ।उदाहरण के लिए एक गरीब परिवार में सिर्फ एक श्रमिक है ,लेकिन परिवार के 6 सदस्य थे ।वे मांस नहीं खा सकते थे ।लुओ ता आने के बाद उन को काम मिला और वेतन भी मिला ।जीवन में सुधार भी आया ।एक हफ्ते में उन का परिवार एक या दो बार मांस खा सकता हैं ।

चीन सरकार गरीबी उन्मूलन को बड़ा महत्व देती आयी है ।पिछले 40 वर्षों में सुधार और खुलेपन से 60 करोड़ चीनियों को गरीबी से निजात मिली है । वर्ष 2016 राष्ट्रीय आर्थिक और सामाजिक विकास की सांख्यिकी विज्ञप्ति में कहा गया कि गांव में हर साल प्रति व्यक्ति आय 2300 युआन की गरीबी रेखा के मुताबिक चीन के गांव में गरीब आबादी 4 करोड़ 33 लाख 50 हज़ार है ।चीन का लक्ष्य है कि वर्ष 2020 तक देश में गरीबी को पूरी तरह दूर कर लिया जाए ।लुओ च्येन हुआ ने बताया कि उन्हें पक्का विश्वास है कि वर्ष 2020 तक शिनपाछुन के प्रति व्यक्ति सालाना आय 18 हजार युआन से अधिक होगी और शिनपाछुन एक पारिस्थितिकी गांव के रूप में उभरेगा ।गरीबी उन्मूलन कार्य की चर्चा में उन्होंने बताया, गरीबी उन्मूलन कार्य से मुझे जीवन में अधिक महत्व और मूल्य महसूस हुआ है ।हम अच्छे युग से गुज़र रहे हैं ।मैं गांव के लिए ठोस काम करना चाहता हूं ।मैं सरकार की उदार नीति लागू कर आम लोगों को अधिक लाभ पहुंचाना चाहता हूं ।

 

गरीबी उन्मूलन में जुटे कार्यकर्त्ता लुओ ता

गरीबी उन्मूलन में जुटे कार्यकर्त्ता लुओ ता

लुओ ता का घर कार से शिनपाछुन तक चार घंटे का रास्ता है ।उन के पिता की आयु 87 वर्ष है । ससुर की आयु 84 वर्ष है ,जो लकवे से ग्रस्त हैं ।उन का बच्चा 17 वर्ष का है ,जो अगले साल विश्वविद्लालय की दाखिला परीक्षा में भाग लेगा ।परिवार की सारी जिम्मेदारियां उन की पत्नी के कंधे पर हैं ।लुओ ता एक महीने में सिर्फ एक बार घर वापस लौटते हैं ।शिनपाछुन में उन का कार्यालय और रहने का स्थान बहुत छोटा है ।चीन में गरीबी दूर करने के लिए लुओ ता जैसे गांव में तैनात कार्यकर्ता बहुत हैं ।(वेइतुङ)  

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