हाईशी मंगोलियाई और तिब्बती स्वायत्त प्रिफेक्चर में आया बड़ा परिवर्तन

2017-11-01 15:51:32
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हाईशी मंगोलियाई और तिब्बती स्वायत्त प्रिफेक्चर में आया बड़ा परिवर्तन

युवा चरवाहा बुयिंगला का नया घर

हाईशी मंगोलियाई और तिब्बती स्वायत्त प्रिफेक्चर पश्चिमी चीन के छिंग हाई प्रांत में स्थित है। हाईशी का शाब्दिक अर्थ है सागर का पश्चिमी क्षेत्र या पश्चिमी सागर। हाईशी चीन की सबसे बड़ी झील छिंगहाई झील के पश्चिम में फैला है। पिछले पाँच साल में हाईशी प्रिफेक्चर में रहने वाली तीस से ज्यादा विभिन्न जातियों की जनता को दिन दूनी रात चौगुनी बढ़ने का एहसास हुआ। युवा चरवाहा बुयिंगला घास मैदान में अस्थिर निवास को विदाई देकर चरवाहों के लिए बनी शहरी कॉलोनी में स्थानांतरित हुए। मंगोलियाई युवा योंग शंगच्या के प्रति बीते हुए पाँच साल न सिर्फ निवास पर्यावरण में सुधार आया ,बल्कि वह एक विद्यार्थी से एक स्टार्ट अप टैलंट बन चुका है। साल भर बर्फ से ढंकी हुई थांगगुला पहाड़ की तलहटी में रहने वाले तिब्बती चरवाहों के जीवन में कायापलट हुई।

चरवाहा बुयिंगला के घर में चंगेज़ खान के चित्र, मंगोलियाई चोगा, दूध वाली चाय, स्नैक साज़ी यानी तेली हुई नमकीन जैसे मंगोलियाई सांस्कृतिक तत्व भरे हुए हैं। लेकिन परंपरागत मंगोलियाई घुमंतू जीवन से अलग होकर बुयिंगला अब हाईशी प्रिफेक्चर के दलिंगहा शहर में एक आधुनिक थाओएरकन कॉलोनी में रहते हैं। सीआरआई संवाददाता के साथ हुई बातचीत में उन्होंने बताया ,पहले चरागाह में अपने से गोबर इकट्ठा कर खाना पकाता था। अब घर में प्राकृतिक गैस उपलब्ध है, खाना बनाना बहुत आसान हो गया है। पहले चरागाह में अपने हाथों से कपड़ा धोना पड़ता था, अब बिजली होने से वॉशिंग मशीन का प्रयोग करते हैं। कितना सुविधाजनक है। इसके अलावा चरागाह में मुख्य खाना मांस था। अब अधिक सब्ज़ियां खा सकते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए अच्छी हैं।

हाईशी मंगोलियाई और तिब्बती स्वायत्त प्रिफेक्चर में आया बड़ा परिवर्तन

शहर में चरवाहों के लिए निर्मित थाओएकन कॉलोनी

थाओएरकन कॉलोनी स्थानीय सरकार द्वारा चरवाहों के लिए बनाई गई स्थिर निवास परियोजनाओं में से एक है, जिसने दलिंगहा शहर के 4 कस्बों के 13 पशुपालन गांवों के 3500 से ज्यादा चरवाहों के लिए स्थिर निवास मुहैया करवाया है। दलिंगहा शहर के शूची कस्बे के जिम्मेदार व्यक्ति बुरनछोगथू ने कहा कि स्थिर निवास परियोजना से चरवाहों के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। चरवाहे अब शहर में रहते हैं और चरागाह में उत्पादन करते हैं।

उन्होंने बताया,वे शहर में रहते हैं, पर चरागाह में काम करते हैं। शहर में शिक्षा और चिकित्सा की स्थिति अच्छी है। इसके अलावा यह परियोजना पारिस्थितिकी संरक्षण में बड़ी भूमिका निभा सकती है।

घास के मैदान से शहर में स्थानांतरित होने के बाद चरवाहों को जीवन में बड़ी सहुलियत मिली है, लेकिन उनकी परंपरागत संस्कृति बनी रहती है। बुरनछोगथू के परिचय के अनुसार थाओएरकन कॉलोनी में मंगोलियाई संस्कृति का गहरा माहौल छाया है। मंगोलियाई भाषा में थाओएरकन का अर्थ रेशम से घेरी गई जगह है। इस चिरस्थाई परियोजना की चर्चा में उन्होंने बताया, पूरे शहर के चरवाहे मकान खरीदने के समय अपने से सिर्फ दो तिहाई पैसे खर्च करते हैं। बाकी एक तिहाई पैसे सरकार भुगतान करती है। घास के मैदान से आने वाले चरवाहों का ख्याल रखते हुए कॉलोनी में बकरे समेत पशु काटने के लिये बूचड़खाना तैयार किया गया है। हमारी कॉलोनी में मंगोलियाई तंबू भी उपलब्ध हैं। अगर कल विवाह समारोह का आयोजन होगा, तो परंपरागत तंबू में किया जा सकता है। तंबू में बाकी रस्में भी आयोजित की जा सकती हैं।

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मंगोलियाई युवा यांग शंगच्या की फोटोग्राफी दुकान

पाँच साल में चरवाहे परिवार में जन्मे मंगोलियाई युवा यांग शंगच्या के लिए न सिर्फ रहने की स्थिति में बड़ा सुधार आया है, बल्कि उनकी हैसियत में भी बड़ा परिवर्तन आया है। वे एक विद्यार्थी से एक पर्यटन फोटोग्राफ की दुकान के मालिक बन गये हैं। यांग शंगच्या की दुकान दलिंगहा शहर के छाइतामू युवा स्टार्टअप सड़क पर स्थित है। कई ग्राहक हजार किलोमीटर दूर पेइचिंग, शांगहाई और शी च्याचुआंग जैसे शहरों से आते हैं। अपने व्यापार की चर्चा में शांग शंगच्या ने बताया ,हम मुख्य तौर पर पर्यटन फोटोग्राफ, विवाह फोटोग्राफ और आउटडोर अडवेंचर फोटोग्राफी करते हैं, जो छिंगहाई के पर्यटन उद्योग से जुड़ा है। हमारी दुकान अगस्त 2015 में खुली। पहले साल में हमने सौ से अधिक ग्राहकों की सेवा की और हमारी कुल आमदनी 6 लाख 50 हजार युआन थी। दूसरे साल की स्थिति पहले साल से अच्छी थी और कोरोबार की राशि 19 लाख युआन थी। चालू साल में अबतक 150 ग्राहक आये हैं। अनुमान है कि पूरे साल में 200 से अधिक ग्राहक आएंगे।

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स्टार्टअप में प्रारंभिक सफलत पाने वाले यांग शंगच्या

स्टार्टअप के शुरु में यांग शंगच्या को पूंजी और कर्मचारियों के अभाव का सामना करना पड़ा था। हाई शी प्रीफेक्चर की यूथ लीग समिति की सहायता से यांग शंगच्या का स्टार्ट अप करने का सपना पूरा हो सका।

उन्होंने बताया, पहले घर की स्थिति खराब थी। पूंजी नहीं थी। बाद में प्रीफेक्चर की यूथ लीग समिति के ऑनलाइन मंच पर तीन साल तक मकान का किराया देने की कोई जरूरत नहीं है ऐसी सूचना मिली। आवेदन करने के बाद मुझे तीन साल तक बिना किराए का मकान मिला। मैंने फिर यूथ लीग समिति से दो लाख युआन के डिस्काउंट पर लोन का आवेदन किया। इस तरह हमारी दुकान खुली।

पिछले पाँच साल हाईशी प्रीफेक्चर के गोलमुद शहर के थांगगुला कस्बे के छांगच्यांगयुआन गांव के तिब्बत वासियों के जीवन में कायापलट हुई। वे समुद्र तल से 4700 मीटर ऊंचे गाँव से 2800 मीटर ऊंचे शहर में स्थानांतरित हुए। इस बड़े बदलाव से गांववासियों को भारी लाभ मिला। थांगगुला कस्बे के प्रमुख चो श्योयुएं ने बताया ,गांववासी एक काफी कठोर जगह से शहर के आसपास आए। यातायात, चिकित्सा, शिक्षा, रोज़गार जैसे सिलसिलेवार सवाल दूर किये गये। जीवन में ज्यादा सहुलियतें मिलने लगीं। यह सबसे बड़ा ठोस लाभ है। 4700 मीटर ऊंची जगह से 2800 मीटर ऊंची जगह पर आना जीवन के लिए अच्छा है, खासकर वृद्ध पुरुषों-महिलाओँ और बच्चों की चिकित्सा समस्या का समाधान किया गया है।

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छांगच्यांगयुएं गांव की झलक

पहले गांववासी ऊंचे ऊँचे पठारों पर स्थित प्राकृतिक संरक्षण जोन में रहते थे। वहां बिजली उपलब्ध नहीं थी। वे तंबुओं में जमीन पर सोते थे। अब वे सरकार द्वारा बनाए गए पक्के मकानों में रहते हैं और पलंग पर सोते हैं। फर्नीचर और टीवी समेत सभी होम अप्लायंस उपलब्ध हैं। चो श्योयुएं ने बताया कि पुनर्निवास से गांववासियों का सुख-सूचकांक काफी हद तक बढ़ा है और पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिली है।

उन्होंने बताया, पुनर्वास के बाद पारिस्थितिकी पर्यावरण में बड़ा सुधार आया है और घास मैदान की स्थिति भी अच्छी हो गयी। पारिस्थितिकी का असंतुलन दूर हो रहा है। हमने पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किये हैं। उदाहरण के लिए हमने मां नदी की सुरक्षा नाम की गतिविधि शुरु की है, जिसमें 447 लोगों ने भाग लिया। हमारे थांगुला कस्बे में पर्यावरण की शक्ल में बड़ा सुधार आया है।

अगस्त 2016 में चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने छिंगहाई प्रांत के निरीक्षण के समय बल दिया कि पारिस्थितिकी पर्यावरण संरक्षण और पारिस्थितिकी सभ्यता निर्माण चीन के सतत विकास का सबसे महत्वपूर्ण आधार है। इस समय छिंगहाई में पर्यावरण संरक्षण पर अभूतपूर्व ज़ोर लगाया जा रहा है। छांगच्यांगयुएं गांव समिति के जिम्मेदार व्यक्ति कंगगानानच्य ने बताया कि गांववासी अब न सिर्फ वर्तमान जीवन पर संतुष्ट हैं, बल्कि भावी जीवन पर पक्का विश्वास भी है।

उन्होंने कहा, उस समय सबसे गहरा प्रभाव है कि राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने निरीक्षण के समय कहा था कि तुम्हारा सुखमय जीवन और लंबा होगा। हमें शी चिनफिंग की बात पर विश्वास है। हम आम आदमी उज्जवल भविष्य पर विश्वास करते हैं। (वेइतुङ) 

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