चीन की मदद से द्जीबोटी बंदरगाह की परिवहन क्षमता की बड़ी उन्नति

2017-09-18 15:23:16
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चीन की मदद से द्जीबोटी बंदरगाह की परिवहन क्षमता की बड़ी उन्नति

चीन की मदद में निर्मित द्जीबोटी के दोराले बहुद्देशीय बंदरगाह

द्जीबोटी एक छोटा अफ्रीकी देश है, पर उसका भौगोलिक स्थान बहुत महत्वपूर्ण है। द्जीबोटी पूर्वोत्तर अफ्रीका और अडन खाड़ी के पश्चिमी तट पर स्थित है, जो लाल सागर का हिंद महासागर में प्रवेश करने के द्वार पर है। इसलिए द्जीबोटी एशिया, अफ्रीका और यूरोप को जोड़ने और अंतरराष्ट्रीय जहाजरानी का मुख्य मार्ग है। इसके अलावा वह चीन द्वारा प्रस्तुत 21वीं सदी में समुद्री रेश्म मार्ग का अहम पड़ाव भी है। अब चीनी उद्यमों द्वारा निर्मित द्जीबोटी के दोराले बहुद्देशीय बंदरगाह का प्रथम चरण पूरा हो चुका है और उसका संचालन भी शुरू हो गया है। इससे द्जीबोटी बंदरगाह की परिवहन क्षमता में बड़ी उन्नति हुई है।

चीन की मदद से द्जीबोटी बंदरगाह की परिवहन क्षमता की बड़ी उन्नति

द्जीबोटी का महत्वपूर्ण रणनीतिक स्थान

दोराले बहुद्देशीय बंदरगाह द्जीबोटी की राजधानी द्जीबोटी शहर के पश्चिमी उपनगर के टाद्जोरा खाड़ी पर स्थित है। उसके पहले चरण का निर्माण अगस्त 2014 में शुरू हुआ और इस अप्रैल में निर्माण पूरा हुआ और संचालन भी शुरू हुआ। वह एक साल में 70 लाख 80 हजार टन थोक कार्गो और 2 लाख कंटेनरों का निपटारा कर सकता है। उल्लेखनीय बात है कि यह बंदरगाह इथियोपिया की राजधानी एडिसियाबेबा से द्जीबोटी जाने वाली रेलवे लाइन का अंतिम पड़ाव है। चाइना मर्चेंट ग्रुप और द्जीबोटी  के सहयोगी पक्ष ने एक साथ इस परियोजना में पूंजी लगायी और चीनी निर्माण लिमिटिड कंपनी और चीनी सिविल इंजीनियरिंग कंस्ट्रक्शन कोर्पोरेशन ने इसका निर्माण किया।

चीन की मदद से द्जीबोटी बंदरगाह की परिवहन क्षमता की बड़ी उन्नति

बंदरगाह का नजरिया

न्यू त्सेंगश्यांग चीनी सिविल इंजीनियरिंग कंस्ट्रक्शन कोपोर्रेशन की द्जीबोटी लिमिटिड कंपनी के उप महाप्रबंधक हैं, जिन्होंने इस बंदरगाह के निर्माण में शुरू से अंत तक हिस्सा लिया। उनके विचार में इस बंदरगाह का निर्माण द्जीबोटी बंदरगाह की समग्र परिवहन क्षमता की उन्नति और यहां तक कि पूरे द्जीबोटी के आर्थिक विकास के लिए बड़ा महत्व रखता है। इसके अलावा इस परियोजना का विस्तार किया जा सकता है, जो बंदरगाह के भावी विकास के लिए अच्छा है। न्यू त्सेंगश्यांग ने बताया,क्यों इस बंदरगाह का निर्माण किया गया ? क्योंकि पुराना बंदरगाह का विस्तार नहीं किया जा सका और गोदी के संस्थापन भी काफी पुराने हो गये।  पुराना बंदरगाह शहर के केंद्र में स्थित है, जिससे शहर का विकास बाधित हुआ और अकसर ट्रैफिक जाम होता है। नया बंदरगाह शहर के केंद्र से लगभग 7 से 10 किलोमीटर की दूरी पर है और काफी बड़ा भी है। द्जीबोटी सरकार की योजना है कि बाद में बंदरगाह और मुक्त व्यापार क्षेत्र जोड़ा जाएगा। इससे बंदरगाह की पूरी भूमिका निभायी जाएगी। नये बंदरगाह के जल की औसत गहराई 15.7 मीटर है। यह स्थिति बहुत अच्छी है। पुराने बंदरगाह के जल की औसत गहराई सिर्फ 12 मीटर है। एडिसियाबेबा-द्जीबोटी रेलवे का अंतिम पड़ाव तो बंदरगाह के पास है। मार्ग या रेलवे दोनों की दृष्टि से नये बंदरगाह की अधिक सुविधाएं और ऊंची कुशलता है।

जनवरी 2013 में चाइना मर्चेंट ग्रुप और द्जीबोटी बंदरगाह और मुक्त व्यापार क्षेत्र प्रबंधन ब्यूरो ने एक साथ पूंजी लगाकर द्जीबोटी बंदरगाह लिमिटिड कंपनी की स्थापना की। चाइना मर्चेंज ग्रुप के पास 23.5 प्रतिशत शेयर हैं। इसके बाद दोराले बहुद्देशीय बंदरगाह का निर्माण शुरू हुआ। इस परियोजना का कुल पूंजी निवेश 58 करोड़ अमेरिकी डॉलर रहा। चीनी आयात-निर्यात बैंक ने ऋण दिया। द्जीबोटी बंदरगाह लिमिटिड कंपनी के वित्तीय विभाग के उप प्रमुख हू श्यो त को द्जीबोटी में साढ़े चार साल हो गये हैं। उन्होने बताया कि इधर के कुछ सालों में चीन और द्जीबोटी ने दोराले बंदरगाह के निर्माण और संचालन में घनिष्ठ सहयोग किया। उन्होंने कहा, इस बंदरगाह के संचालन के लिए हमने द्जीबोटी में 60 से अधिक लोग चुनकर शनचन के शखो बंदरगाह में भेजे और 6 महीन तक प्रशिक्षण दिये। हमने शखो बंदरगाह में खासकर चीन द्जीबोटी एक्सचेंज कॉलेज स्थापित किया। चाइना मर्चेंट ग्रुप ने यहां दस से अधिक लोग भी भेजे, जिन्होंने स्थानीय मजदूरों को सिखाया। इस अगस्त में एक चीनी विशेषज्ञ दल यहां आया और परीक्षात्मक संचालन का आकलन किया।  

चीन की मदद से द्जीबोटी बंदरगाह की परिवहन क्षमता की बड़ी उन्नति

बंदरगाह के उद्घाटन के लिए आयोजित रस्म

अब दोराले बंदरगाह में व्यस्त और समृद्ध दृश्य नजर आता है। समुद्र तट पर चीनी कंपनी द्वारा निर्मित बड़ी-बड़ी ढुलाई मशीन दिखाई देती हैं और विश्व की विभिन्न जगहों के जहाज आते-जाते हैं। दोराले बहुउद्देशीय बंदरगाह लिमिटिड कंपनी के कार्यवाहक मैनेजर वाहिब दाहर एडन ने बताया कि चीनी कंपनियों द्वारा निर्मित उत्तर पूर्वी अफ्रीका में सब से बड़ा और सब से आधुनिक बंदरगाह उच्च गुणवत्ता का है। चाइना मर्चेंज ग्रुप के घनिष्ठ सहयोग और सहायता से द्जीबोटी बंदरगाह को बड़ा लाभ मिला। पड़ोसी देश इथियोबिया के एकमात्र बंदरगाह के नाते द्जीबोटी बंदरगाह एडिसबेबा-द्जीबोटी रेलवे लाइन से जुडेगा और इथियोबिया समेत क्षेत्रीय आर्थिक समुदाय को बेहतर सेवा करेगा, जिस से द्जीबोटी उत्तर पूर्वी अफ्रीका का जहाजरानी केंद्र बन जाए। उन्होंने बताया, द्जिबोटी की अर्थव्यवस्था में 80 प्रतिशत आय बंदरगाह से आती है और द्जीबोटी बंदरगाह की आय का आधा भाग दोराले बंदरगाह से आती है। इसलिए यह एक विशाल परियोजना है और पूरे देश के सबसे महत्वपूर्ण विभागों में से एक है। वह द्जीबोटी के लॉजिस्टिक्स उद्योग के विकास को बढ़ाएगा, जैसे मुक्त व्यापार क्षेत्र, यातायात, जहाजरानी के दलाल के विकास को बढ़ाएगा। वह विकसित हो रही है और कई यातायात विभागों समेत समावेशी परोयजना है।

द्जीबोटी अंतरराष्ट्रीय मुक्त व्यापार क्षेत्र का निर्माण इस जनवरी में शुरू हुआ। योजनानुसार उसका क्षेत्रफल 48 वर्ग किलोमीटर होगा। उसके पहले चरण का क्षेत्रफल 6 वर्ग किलोमीटर है, जिसमें 2.4 वर्ग किलोमीटर द्जीबोटी बंदरगाह प्राधिकरण और चीनी कंपियनों द्वारा साथ-साथ पूंजी लगायी जाएगी। चीनी कंस्ट्रक्शन लिमिटिड़ कंपनी और चीनी यातायात कंस्ट्रक्शन लिमिटिड कंपनी इसका निर्माण करेंगी और उसे चीन अफ्रीका सहयोग की आदर्श परियोजना के रूप में निर्मित करेंगी। (वेइतुङ) 

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